अग्निवीरों को मिली बड़ी राहत, 2 साल बढ़ेगी सेवा अवधि

अग्निवीरों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अग्निवीरों के सेवा कार्यकाल को लेकर बड़ा फैसला किया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अग्निवीरों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अग्निवीरों के सेवा कार्यकाल को लेकर बड़ा फैसला किया है।

इस फैसले के बाद अग्निवीरों को चार साल की शुरुआती सेवा पूरी करने के बाद दो साल अतिरिक्त सेवा करने का मौका मिल सकेगा। इससे अग्निवीरों के कुल सेवा कार्यकाल को छह साल तक बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

इस फैसले को अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। खास बात यह है कि इससे उन युवाओं को फायदा मिल सकता है, जो चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित सेना में शामिल नहीं हो पाते हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि सरकार के इस फैसले से अग्निवीरों को क्या फायदा मिलेगा और सेवा अवधि में क्या बदलाव होगा।

दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने इसे भारतीय सशस्त्र बलों और अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया.

CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के मुताबिक, दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल पूरा होने के बाद सशस्त्र बलों में शामिल होने के इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सेना में भर्ती होने का अवसर मिलेगा. हालांकि, इसके लिए वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों को पूरा करना होगा.

कैबिनेट ने बनाई अग्निवीरों के लिए नई व्यवस्था

CDS जनरल NS राजा सुब्रमणि ने बताया कि अग्निपथ योजना 14 जून 2022 को शुरू की गई थी.. उस समय यह स्पष्ट किया गया था कि अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन होगा और योजना की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी.

अब पहले बैच के अग्निवीर चार साल का कार्यकाल पूरा करने के करीब हैं… इन चार सालों में हुए प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर सेना को अग्निवीरों के कामकाज पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है… इसी फीडबैक के आधार पर कैबिनेट ने नई व्यवस्था बनाई है.

अब 75 प्रतिशत अग्निवीरों को भी मिलेगा दो साल का मौका

अग्निपथ योजना की मौजूदा व्यवस्था के तहत चार साल की सेवा के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेना में शामिल किया जाना था. बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अनुशासित और प्रेरित युवा के रूप में समाज में लौटना था,

लेकिन कैबिनेट के नए फैसले के बाद बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा कार्यकाल दिया जाएगा. यानी अब उन्हें चार साल बाद तुरंत सेवा से बाहर नहीं होना पड़ेगा. वे दो साल और सशस्त्र बलों के साथ जुड़कर काम कर सकेंगे.

छह साल बाद नियमित सेना में भर्ती होने का रास्ता

इस फैसले का सबसे अहम पहलू यह है कि दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल पूरा होने के बाद अग्निवीरों के लिए नियमित सेना में शामिल होने का रास्ता भी खुला रहेगा. CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के मुताबिक, जो अग्निवीर सशस्त्र बलों में बने रहना चाहेंगे,

उन्हें वस्तुनिष्ठ चयन प्रक्रिया के आधार पर नियमित सेना में शामिल किया जाएगाय इसका मतलब है कि 25 प्रतिशत अग्निवीरों के नियमित कैडर में जाने की मौजूदा व्यवस्था के साथ अब अतिरिक्त दो साल सेवा देने वाले अग्निवीरों को भी आगे चयन का अवसर मिलेगा. हालांकि, अंतिम चयन निर्धारित मानदंडों के आधार पर ही होगा.

राजनाथ सिंह बोले- सैन्य सुधारों की दिशा में बड़ा कदम

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने X पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए दो साल के सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी को मंजूरी दी है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से चार या छह साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने के इच्छुक अग्निवीरों को भी अवसर मिलेगा, बशर्ते वे चयन मानदंडों को पूरा करें.

राजनाथ सिंह के मुताबिक, यह फैसला केवल भर्ती नीति में बदलाव नहीं है, बल्कि बदलते युद्ध के स्वरूप के मुताबिक भारतीय सेना को तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ाया गया कदम है. इसका उद्देश्य सशस्त्र बलों को युवा, फिट, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना है.

पहले बैच के अग्निवीरों को लेकर तैयारी

अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच का चार साल का कार्यकाल नवंबर और दिसंबर 2026 में पूरा होने जा रहा है. सबसे पहले नौसेना के अग्निवीर 21 नवंबर को अपनी सेवा अवधि पूरी करेंगे. इसके बाद वायुसेना के पहले बैच का कार्यकाल 21 दिसंबर और थल सेना का 31 दिसंबर को पूरा होगा.

अभी क्या है अग्निपथ योजना का नियम?

केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल के लिए की जाती है. प्रशिक्षण का समय भी इसी चार साल की अवधि में शामिल होता है. मौजूदा नियमों के मुताबिक, चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है. इनका चयन प्रदर्शन, पात्रता और संबंधित सेना की जरूरतों के आधार पर होता है.

बाकी अग्निवीरों को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है. चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को करीब 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज दिया जाता है. सेवा से मुक्त होने वाले अग्निवीरों को नियमित पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलता. अब इनका कार्यकाल चार से बढ़ाकर 6 साल कर दिया गया है.

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