महाराष्ट्र में दीवाली के बीच बकरीद पर छिड़ी सियासी बहस, बेशर्मी पर उतरी बीजेपी

किरीट सोमैया ने बकरीद के अवसर पर खुले और रिहायशी इलाकों में बकरियों की कुर्बानी को रोकने के लिए बीएमसी को पत्र लिखकर सख्त दिशा-निर्देश जारी करने और कार्रवाई की मांग की है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: महाराष्ट्र का सियासी पारा इन दिनों सातवें आसमान पर है। यहां त्योहारों से पहले नफरती राजनीति शुरू हो गई है। जहां त्यौहार में एक दूसरे से मोहब्बत के साथ मिलकर त्यौहार मनाया करते थे वहीं आज आलम ये है कि त्यहारों में एक दूसरे को बांटने का काम किया जा रहा है। और ये सब हो रहा है भाजपा के इशारों पर।

दरअसल दिवाली पर पटाखे जलाने से होने वाले प्रदूषण को लेकर सवाल उठाने वाले फिल्मी सितारों के बीच अब भाजपा नेता किरीट सोमैया ने बकरीद का मुद्दा उठाया है. उन्होंने BMC को पत्र लिखकर बकरीद के दौरान खुले और रिहायशी इलाकों में बकरों की कुर्बानी रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है.

किरीट सोमैया ने बकरीद के अवसर पर खुले और रिहायशी इलाकों में बकरियों की कुर्बानी को रोकने के लिए बीएमसी को पत्र लिखकर सख्त दिशा-निर्देश जारी करने और कार्रवाई की मांग की है।

किरीट सोमैया ने पत्र में लिखा है कि बकरीद पर कई जगहों पर खुली जगहों में बकरियों और अन्य जानवरों को अवैध रूप से कुर्बानी की जाती है। इस तरह की घटनाएं रिहायशी सोसाइटियों, चालों, खुले मैदानों, सार्वजनिक चौराहों और सड़कों पर की जाती है।

खास तौर पर शिवाजीनगर, गोवंडी, मानखुर्द, कुर्ला, मालवणी, भायखला, भिंडी बाजार, विक्रोली पार्क साइट, घाटकोपर, मुंबादेवी इलाके और गोलदेवल इलाके जैसी जगहों पर खुलेआम कुर्बानी की जाती है।

नगर निगम के अधिकारी शिकायतों को अनदेखा कर देते हैं, भले ही वे स्थानीय निवासियों द्वारा उठाई गई हों। इस संबंध में नगर निगम के अधिकारी अक्सर किसी न किसी सर्कुलर का हवाला देते हुए, गैर-कानूनी और गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम करते हैं।

किरीट सोमैया ने कहा कि आवासीय हाउसिंग सोसायटियों या चालों के भीतर किसी भी तरह की खुली कुर्बानी की अनुमति नहीं है।यदि मुसलमान धार्मिक अनुष्ठानों के लिए कुर्बानी देना चाहते हैं, तो नगर निगम को इसके लिए एक अलग स्टॉल जैसी व्यवस्था करनी चाहिए। अगर किसी खुली जगह पर इंतजाम किए जाने हैं, तो इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि स्थानीय निवासियों की ओर से कोई विरोध न हो।

मुंबई में खुली जगहों पर इंतजाम करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए क्योंकि किसी भी रिहायशी इलाके के आसपास पहले से ही दुकानें और बाजार मौजूद होते हैं, ऐसे इंतजाम वहीं किए जाने चाहिए। मुंबई में ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां इस तरह के इंतजाम न किए जा सकें।

भाजपा नेता ने पत्र में लिखा, नगर निगम के परिपत्र में मौजूद उस प्रावधान को हटा दिया जाना चाहिए, जो जरूरत पड़ने पर खुली जगह में एक अलग मंडप (पैवेलियन) लगाने की अनुमति देता है।

बकरीद के मौके पर नगर निगम को मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए जरूरी दुकानें, बाजार के स्टॉल और बकरियों की कुर्बानी देने के लिए तय जगहें उपलब्ध करानी चाहिए।

बकरीद जैसे त्योहारों के मौके पर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग हिंदुओं को डराने-धमकाने के लिए जानबूझकर खुली जगहों पर जानवरों की कुर्बानी देते हैं, नगर निगम और पुलिस को ऐसी हरकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

नगर निगम को मुस्लिम समुदाय के धार्मिक नेताओं और प्रमुख हस्तियों को शामिल करते हुए एक जन-जागरूकता अभियान चलाना चाहिए, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि बकरीद के दौरान खुली जगहों पर कुर्बानी मंजूर नहीं है।

किरीट सोमैया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी लिखा कि प्रदूषण, गंदगी और क्रूरता। मैंने BMC को पत्र लिखकर मांग की है कि वे खुले और रिहायशी इलाकों में बकरियों की कुर्बानी को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करें और ठोस कदम उठाएं। बकरी ईद के मौके पर।

उम्मीद है कि मुंबई नगर निगम भी बकरी ईद के समय होने वाले प्रदूषण, गंदगी और क्रूरता को रोकने की अपील जारी करेगा। खास बात है कि उन्होंने इसके आगे दीया मिर्जा, नसीरुद्दीन शाह, आमिर खान, शाहरुख खान, सलमान खान और शबाना आजमी का नाम भी लिखा। आपको बता दें कि दीया मिर्जा का मामला बीते दिनों जोर शोर से चला।

इस पर हाई कोर्ट ने उन बीजेपी नेताओं की आलोचना की है, जिन्होंने दीया मिर्जा के वीडियो क्लिप पर सवाल खड़े किए थे. साथ ही, बीएमसी को आदेश दिया है कि एक्टर का वीडियो दोबारा से शेयर करे.

आलोचना का सामना करने वाले इस वीडियो में दीया मिर्जा ने नागरिकों से अपील की थी कि वे हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे न जलाएं. बीएमसी ने इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने के लिए दीया मिर्जा को शामिल किया था, लेकिन बीजेपी नेताओं के विरोध के बाद, इस वीडियो को BMC के सोशल मीडिया हैंडल से हटा दिया गया.

जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की बेंच ने कहा, “कुछ राजनेताओं की बेतुकी टिप्पणियों से वे परेशान हैं” और उन्हें याद दिलाया कि “भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है.” जजों ने BMC को आदेश दिया है कि वह हटाए गए वीडियो को वापस बहाल करे.

कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने कहा कि भारत संविधान से चलता है और एक धर्मनिरपेक्ष देश है। दीया मिर्जा और अन्य लोगों ने पर्यावरण संरक्षण की बात की थी।

वहीं शिवसेना(UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने अभिनेत्री दीया मिर्जा के दीवाली वीडियो से जुड़े विवाद पर कहा, “…दुर्भाग्यपूर्ण बात यही है कि पूरी दुनिया में हर मेयर नागरिक मुद्दों पर ध्यान देते हैं लेकिन भाजपा की मेयर हिंदू-मुस्लिम, जातिगत भेदभाव जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

दीया मिर्जा हों, अजिंक्य रहाणे हों या माधुरी दीक्षित हों, उन्हें BMC ने पत्र लिखा था ये वीडियो बनाने के लिए और खुद महापौर कह रही हैं कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो वे कैसे सरकार संभाल रहे हैं?”

हालांकि जैसा हमने बताया आपको बीजेपी नेता अमित साटम की आपत्ति के बाद हटाए गए वीडियो पर खुद बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और बीजेपी को फटकार लगाई. इसी के साथ कोर्ट ने बीएमसी को निर्देश दिए कि दीया मिर्जा का वीडियो दोबारा अपलोड करें क्योंकि यह देश धर्मनिरपेक्ष है. इसपर बीएमसी के डिप्टी मेयर की भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बीएमसी की ओर से गलती मानी है.

बीएमसी के डिप्टी मेयर संजय घाड़ी ने कहा, “बीएमसी से गलती हुई है, मानते हैं. हर जगह किरकिरी हो रही है. हम 10 फीसदी वीडियो दोबारा उपलोड करेंगे. कोई भी बीजेपी के नेता बोले, कोर्ट से बड़ा कोई नहीं है.”

डिप्टी मेयर ने आगे कहा कि बदनामी हुई है और अब डैमेज कंट्रोल करना पड़ेगा. इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी. हालांकि, अब तो हो गई है, अब इसे ठीक करेंगे. खैर अब जब दिवाली वाले मामले पर बीजेपी को मुँह की खानी पड़ी कोर्ट ने फटकार लगाई तब बीजेपी वालों ने बरकरीद को लेकर नया राग अलाप दिया है।

 

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