भारत-इंडोनेशिया की सैन्य ताकत का संगम, 7 दिन तक चला संयुक्त युद्धाभ्यास
भारत और इंडोनेशिया की सेनाओं के बीच चल रहा संयुक्त स्पेशल फोर्सेज अभ्यास ‘गरुड़ शक्ति-2026’ गुरुवार को संपन्न हो गया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भारत और इंडोनेशिया की सेनाओं के बीच चल रहा संयुक्त स्पेशल फोर्सेज अभ्यास ‘गरुड़ शक्ति-2026’ गुरुवार को संपन्न हो गया। इस सैन्य अभ्यास का यह 11वां संस्करण था, जिसका आयोजन इंडोनेशिया के बान्युवांगी में किया गया। यह अभ्यास 27 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक चला। इसमें भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) और इंडोनेशियाई सेना (TNI-AD) के स्पेशल फोर्सेज के जवानों ने हिस्सा लिया।
इस संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करना, एक-दूसरे की युद्ध रणनीतियों को समझना और विशेष अभियानों को अंजाम देने की क्षमता को बेहतर बनाना था। अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने अपने अनुभव साझा किए और अलग-अलग परिस्थितियों में काम करने का प्रशिक्षण लिया।
क्या है ‘गरुड़ शक्ति-2026’ सैन्य अभ्यास?
‘गरुड़ शक्ति’ भारत और इंडोनेशिया की सेनाओं के बीच आयोजित होने वाला संयुक्त विशेष सैन्य अभ्यास है। इसमें दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज हिस्सा लेती हैं। इस अभ्यास के जरिए सैनिकों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, सैन्य तकनीक और ऑपरेशन से जुड़ी रणनीतियों को समझने का अवसर मिलता है।
इसका उद्देश्य केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और रक्षा संबंधों को भी मजबूत करना है। संयुक्त अभ्यास से दोनों सेनाओं के जवानों को साथ काम करने का अनुभव मिलता है, जो भविष्य में किसी संयुक्त अभियान के दौरान मददगार हो सकता है।
इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का मकसद दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना, एक-दूसरे की ऑपरेशनल रणनीतियों को समझना और मिलकर सैन्य ऑपरेशन करने की क्षमता को मजबूत करना था. दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज ने जंगल युद्ध, हवाई आक्रमण और ड्रोन निगरानी जैसे जटिल ऑपरेशंस का अभ्यास किया.
जंगल में युद्ध लड़ने की खास ट्रेनिंग
अभ्यास के दौरान दोनों देशों के कमांडो को घने जंगलों और मुश्किल इलाकों में ऑपरेशन करने की ट्रेनिंग दी गई. इसमें कॉम्बैट शूटिंग, बाधाओं को पार करना, पहाड़ों पर चढ़ाई, हेलिकॉप्टर से सैनिकों को उतारना, टैक्टिकल पेट्रोलिंग और दुश्मन के मूवमेंट को ट्रैक करने जैसी गतिविधियां शामिल थीं. हेलिकॉप्टर से ऑपरेशन के दौरान जवानों ने एयर असॉल्ट मिशन की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया. इसमें हेलिकॉप्टर से तेजी से उतरना, लैंडिंग जोन को सुरक्षित करना और जंगल में आगे बढ़कर मिशन को अंजाम देना शामिल था.
ड्रोन से निगरानी और दुश्मन को ट्रैक करने की ट्रेनिंग
इस अभ्यास में जवानों को ड्रोन के इस्तेमाल की भी ट्रेनिंग दी गई. इसके जरिए निगरानी, दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाने और ऑपरेशन के दौरान आसपास के हालात पर नजर रखने का अभ्यास किया गया. इसके अलावा, कमांडो ने जंगल में जमीन पर मौजूद निशानों और हलचल को समझकर दुश्मन के रास्ते का पता लगाने की तकनीक भी सीखी.
48 घंटे तक चला फाइनल ऑपरेशन
सात दिनों की ट्रेनिंग के बाद 48 घंटे का फाइनल वैलिडेशन एक्सरसाइज आयोजित किया गया. इसमें दोनों देशों के सैनिकों ने वास्तविक ऑपरेशन जैसी परिस्थितियों में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया. इस दौरान पेट्रोलिंग, कॉम्बैट ट्रैकिंग, पर्वतीय ऑपरेशन और स्पेशल फोर्सेज की दूसरी रणनीतियों को परखा गया. 5 नवंबर को आयोजित समापन समारोह में इंडोनेशिया में भारत के राजदूत और इंडोनेशियाई सेना की डिवीजन-2 के कमांडर भी शामिल हुए. भारतीय सेना के मुताबिक, अभ्यास के सभी ट्रेनिंग उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया.
भारत और इंडोनेशिया के रक्षा संबंधों को मजबूती
गरुड़ शक्ति-2026 के सफल समापन से भारत और इंडोनेशिया की स्पेशल फोर्सेज के बीच आपसी तालमेल और भरोसा मजबूत हुआ है. यह अभ्यास दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.



