5 लाख का चबूतरा बना जांच का कारण! सीडीओ के एक्शन से पंचायत विभाग में मचा हड़कंप
लखीमपुर खीरी में सीडीओ अभिषेक कुमार ने पंचायतों में विकास कार्यों और सरकारी धन के उपयोग को लेकर बड़ा एक्शन लिया है। मनिकापुर पंचायत में 5 लाख रुपये के निर्माण कार्य की जांच के आदेश दिए गए हैं, जबकि ग्राम पंचायत अधिकारी का वेतन भी रोक दिया गया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: लखीमपुर खीरी में ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी धन के उपयोग को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक कुमार के एक औचक निरीक्षण ने पंचायत विभाग में हलचल मचा दी है। निरीक्षण के दौरान सामने आए शुरुआती तथ्यों के आधार पर न केवल जांच के आदेश दिए गए हैं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा रही है। सीडीओ की इस कार्रवाई को पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मनिकापुर ग्राम पंचायत में निरीक्षण के दौरान सामने आए सवाल
मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मनिकापुर का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विकास कार्यों, अभिलेखों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इसी दौरान लगभग पांच लाख रुपये की लागत से बनाए गए चबूतरे के निर्माण कार्य को लेकर कई सवाल खड़े हुए। निर्माण की गुणवत्ता और उसकी उपयोगिता को लेकर संदेह व्यक्त किया गया, जिसके बाद सीडीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए। प्रशासन का मानना है कि तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ है या नहीं।
ग्राम पंचायत अधिकारी पर भी गिरी गाज
निरीक्षण के दौरान जब अभिलेखों और विकास कार्यों का सत्यापन किया गया, तो ग्राम पंचायत अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। प्रथम दृष्टया मिली कमियों को गंभीर मानते हुए सीडीओ ने संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उनका वेतन भी अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि विकास कार्यों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मई माह के भुगतानों की भी होगी विस्तृत जांच
सीडीओ की कार्रवाई केवल मनिकापुर तक सीमित नहीं रही। उन्होंने मई माह के दौरान ग्राम पंचायतों में किए गए भारी वित्तीय भुगतानों की भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान विकास कार्यों की गुणवत्ता, भुगतान की प्रक्रिया, कार्यों की वास्तविक स्थिति और अभिलेखों का मिलान किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या नियमों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
“सरकारी धन के दुरुपयोग पर होगी कठोर कार्रवाई”
मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या सरकारी धन के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल जांच कराना नहीं, बल्कि विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जनता के धन का सही उपयोग सुनिश्चित करना है।
पंचायत विभाग में मचा हड़कंप
सीडीओ की सख्त कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग में हड़कंप की स्थिति है। कई ग्राम पंचायतों में अभिलेखों की समीक्षा शुरू हो गई है और विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट को भी खंगाला जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में अन्य पंचायतों में भी इसी तरह के निरीक्षण और जांच अभियान चलाए जा सकते हैं। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के बीच जवाबदेही को लेकर दबाव बढ़ गया है।
पारदर्शिता की दिशा में बड़ा संदेश
लखीमपुर खीरी में सीडीओ की यह कार्रवाई केवल एक पंचायत तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे पंचायत तंत्र को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। अब सभी की निगाहें तकनीकी जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
रिपोर्ट – प्रभाकर श्रीवास्तव
यह भी पढ़ें: प्रखर की मौत आत्महत्या या हत्या? कोर्ट के आदेश ने खोल दिए कई बड़े सवाल



