छोटा उदयपुर में AAP की परिवर्तन सभा, हजारों की भीड़, वसावा ने बढ़ाई BJP की टेंशन!
गुजरात के छोटा उदयपुर में आम आदमी पार्टी की परिवर्तन सभा में भारी जनसमर्थन देखने को मिला... हजारों की संख्या में लोगों की मौजूदगी...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के छोटा उदयपुर जिले में आदिवासी बहुल इलाकों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.. हाल ही में कवांट तहसील में आम आदमी पार्टी ने एक बड़ी ‘परिवर्तन सभा’ का आयोजन किया.. जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए.. यह सभा न सिर्फ पार्टी की ताकत दिखाने वाली थी.. बल्कि आगामी स्थानीय स्वराज चुनावों (जैसे ग्राम पंचायत और नगर पालिका चुनाव) में बदलाव के संकेत भी दे रही थी.. कार्यक्रम में छोटा उदयपुर जिला अध्यक्ष राधिकाबेन राठवा, नर्मदा जिला अध्यक्ष निरंजनभाई वसावा.. और स्थानीय पदाधिकारियों के साथ आप के विधायक चैतर वसावा ने जनता को संबोधित किया.. इसी तरह, मोरबी में भी आप की एक परिवर्तन सभा का शानदार नजारा देखने को मिला.. जहां भारी भीड़ ने पार्टी का समर्थन दिखाया..
आपको बता दें कि 11 जनवरी 2026 को छोटा उदयपुर के कवांट में आयोजित परिवर्तन सभा में उमड़ी भीड़ ने सभी को चौंका दिया.. आप के विधायक चैतर वसावा ने अपने एक्स (ट्विटर) हैंडल पर इसकी जानकारी साझा की.. पोस्ट में लिखा गया कि छोटाउदेपुर जिले के कवांट में आयोजित आम आदमी पार्टी की ‘परिवर्तन सभा’ आयोजित की गई.. इस कार्यक्रम में छोटा उदयपुर जिला प्रेसिडेंट राधिकाबेन राठवा, नर्मदा जिला प्रेसिडेंट निरंजनभाई वसावा सहित आम आदमी पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी सहित.. हजारों की संख्या में उपस्थित जनता ने छोटाउदेपुर में होने वाले स्थानीय स्वराज चुनाव के लिए परिवर्तन के संकेत दे दिए हैं..
जानकारी के अनुसार सभा का मकसद स्थानीय चुनावों में भाजपा के लंबे शासन को चुनौती देना था.. गुजरात में भाजपा पिछले 30 साल से सत्ता में है.. और आप इसे कॉर्पोरेट फंडेड और जनविरोधी बताकर जनता को जागरूक कर रही है.. चैतर वसावा ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि सभा में हजारों लोगों की जनमेदनी उमड़ पड़ी.. लोगों का अपार प्यार मिला.. जनता में जबरदस्त उत्साह है, भाजपा को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार हैं.. वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग नारे लगा रहे थे.. झंडे लहरा रहे थे और नेता मंच पर भाषण दे रहे थे.. वहीं यह आदिवासी क्षेत्र होने से राठवा और वसावा समुदाय के लोग ज्यादा थे.. जो पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए..
कवांट छोटा उदयपुर जिले की एक महत्वपूर्ण तहसील है.. जहां राठवा आदिवासी बहुसंख्या में हैं.. यह इलाका हीरा व्यापार और जंगलों के लिए जाना जाता है.. लेकिन गरीबी, बेरोजगारी और विकास की कमी यहां की बड़ी समस्या है.. आप का फोकस मुफ्त बिजली, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और आदिवासी अधिकार सहित तमाम मुद्दों पर है.. जानकारी के मुताबिक सभा में स्थानीय लोग आए.. जिनमें किसान, मजदूर और युवा शामिल थे..
आपको बता दें कि चैतर वसावा नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा से आप के इकलौते विधायक है.. वे गुजरात विधानसभा के सबसे युवा सदस्य हैं.. 2022 में उन्होंने भाजपा को हराकर जीत हासिल की.. चैतर आदिवासी नेता हैं, जो वसावा समुदाय से आते हैं.. उनकी पत्नियां शकुंतला और वर्षा भी राजनीति में सक्रिय हैं.. हाल ही में वे लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं.. सभा में उन्होंने मुख्य वक्ता के रूप में जनता को भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया.. उनका कहना था कि केंद्र और राज्य सरकार आदिवासियों की अनदेखी कर रही है..
राधिकाबेन राठवा छोटा उदयपुर जिला अध्यक्ष हैं.. 2022 विधानसभा चुनाव में जेतपुर (एसटी) सीट से आप की उम्मीदवार रहीं.. लेकिन भाजपा की जयंतीबेन राठवा से हार गईं.. वे गृहिणी हैं.. और मायनेता डॉट इंफो के अनुसार उनके खिलाफ 2 आपराधिक मामले हैं.. इंस्टाग्राम पर उनके 56 हजार फॉलोअर्स हैं.. जहां वे आदिवासी मुद्दों पर पोस्ट करती हैं.. सभा में उन्होंने महिलाओं और युवाओं को पार्टी से जुड़ने की अपील की..
निरंजनभाई वसावा नर्मदा जिले के अध्यक्ष है.. वे भी आदिवासी नेता हैं.. हाल ही में दिसंबर 2025 में उनके खिलाफ एक व्यापारी को धमकी देने का केस दर्ज हुआ.. जिसमें 1.86 लाख रुपये के बकाया का आरोप है.. लेकिन पार्टी उन्हें मजबूत नेता मानती है.. सभा में उन्होंने नर्मदा और छोटा उदयपुर के बीच एकता पर जोर दिया.. वहीं अन्य पदाधिकारी जैसे गोपाल इटालिया (आप गुजरात के राष्ट्रीय संयोजक), ईसूदन गढ़वी (प्रदेश अध्यक्ष) और मनोज सोरथिया का नाम आया.. जो पार्टी की ऊपरी लीडरशिप से समर्थन दिखाता है..
आपको बता दें कि कवांट के अलावा मोरबी में भी आप की परिवर्तन सभा हुई.. जिसका जिक्र पोस्ट में है.. मोरबी सौराष्ट्र का शहर है.. जहां 2022 में मचू नदी पुल हादसे ने भाजपा को नुकसान पहुंचाया था.. हाल ही में मोरबी की रवापर रोड पर सभा हुई.. लेकिन यह विवादास्पद रही.. पार्टी के स्थानीय सह-प्रभारी ने इस्तीफा दे दिया.. भ्रष्टाचार और आंतरिक विद्रोह के आरोप लगाए.. फिर भी, एक्स पोस्ट में इसे ‘शानदार’ बताया गया..



