सदन में गरजे अब्बास अंसारी, कर दी खास अपील!

विधानसभा में बजट सत्र काफी हंगामे भरा रहा। पक्ष-विपक्ष एक दूसरे पर जमकर बरसते दिखे।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: यूपी विधानसभा में बजट सत्र काफी हंगामे भरा रहा। पक्ष-विपक्ष एक दूसरे पर जमकर बरसते दिखे।

इसी बीच सदन में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक और मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की बारी आई तो उन्होंने भी सदन में अपनी बात रखी, इस बीच उन्होंने कुछ ऐसा कहा जिसने सभी का ध्यान उनकी ओर खींच लिया. यूपी विधानसभा में राज्यपाल महोदया के संबोधन पर अपनी बात रखते हुए मऊ विधानसभा सीट से विधायक अब्बास अंसारी को बोलने का मौका मिला. इस दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और मऊ में खुले नाले का मुद्दा उठाया.

उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में सुभासपा के टिकट पर जीत हासिल की थी, लेकिन विभिन्न कानूनी मामलों के कारण उनकी विधायकी पर संकट आया। 2025 में एक 2022 के हेट स्पीच मामले में उन्हें दो साल की सजा सुनाई गई, जिसके बाद उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाई और सदस्यता बहाल कर दी, जिसके बाद वे विधानसभा में सक्रिय हुए। इस पृष्ठभूमि में, बजट सत्र में उन्हें क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बोलने का मौका मिला।

करीब 5 मिनट बोलने के बाद सदन की अध्यक्षता कर रहे डिप्टी स्पीकर मनोज पांडेय ने उन्हें समय पूरा होने का संकेत दिया। तब अब्बास भावुक हो उठे और हाथ जोड़कर बोले, “सर, चार साल में पहली बार बोलने का मौका मिला है, मेरी मजबूरी समझिए। मेरा तो यह भी ठिकाना नहीं कि कब तक बोलने को मिलेगा।” उन्होंने थोड़ा और समय मांगा, जिस पर स्पीकर ने नरमी दिखाते हुए उन्हें आगे बोलने दिया। वहीं इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

यह वाकया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, क्योंकि इसमें उनकी व्यक्तिगत मजबूरी और सदन में सीमित अवसरों की पीड़ा भी झलकती है। कई लोगों ने इसे राजनीतिक दबाव या अल्पसंख्यक विधायकों की स्थिति से जोड़ा, जबकि कुछ ने इसे सदन की कार्यवाही की सामान्य प्रक्रिया बताया।

अब्बास ने मुख्य रूप से मऊ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की समस्याएं उठाईं, जैसे डॉक्टरों की कमी और अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव। चेयर के रोकने पर अब्बास अंसारी ने कहा- “मैं मात्र 30 सेकेंड लूंगा सर.. मुझे चार साल में पहली बार मौका मिला है. मेरी मजबूरी को समझिए और मेरा तो ये भी ठिकाना नहीं है कि कब तक बोलने का मौका मिलेगा. आप जानते हैं… इसलिए मेरी बातों को सुन लीजिए..” इस पर मनोज पांडे ने कहा कि “नहीं, आप आगे भी बोलेंगे..”

सुभासपा विधायक ने इसके बाद फिर अपनी बातों को आगे बढ़ाया और कहा कि उनके जिले में डॉक्टरों की बहुत कमी है, जिसकी वजह से जनता को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. न तो पर्याप्त डॉक्टर है और न ही बीमारियों के स्पेशलिस्ट हैं.

यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी वापसी और चुनौतियों को दर्शाती है, जहां कानूनी-राजनीतिक संघर्ष के बीच एक विधायक को सदन में अपनी बात रखने का मौका मिलना ही बड़ी बात बन जाता है। वीडियो क्लिप्स में उनकी भावुक अपील ने लोगों का ध्यान खींचा और सदन के माहौल को गंभीर बना दिया। लोग सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ कर रहे हैं।

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