दिल्ली के बाद अब ओडिशा में प्रदूषण का कहर, सात दिनों के लिए कड़े प्रतिबंध लागू

भुवनेश्वर। ओडिशा में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।बालेश्वर के बाद कटक, भुवनेश्वर, अनुगुल और तालचेर शहरों में शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक सभी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके तहत शहर के भीतर किसी भी प्रकार का तोड़-फोड़ का कार्य नहीं किया जा सकेगा।
स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को प्रतिदिन तीन बार सड़कों पर पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं। खुले में कचरा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और ढाबों में कोयले को ईंधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा बिना ढके सामान ले जाने वाले ट्रकों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
इन प्रतिबंधों का सख्ती से पालन हो, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पुलिस, स्थानीय प्रशासन, सभी कार्यकारी एजेंसियों और आरटीओ को दी गई है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री गणेश रामसिंह खुंटिया ने कहा है कि यह प्रतिबंध अगले 7 दिनों तक लागू रहेगा।
आगे भी बढ़ाया जा सकता है प्रतिबंध
स्थिति की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। कटक और भुवनेश्वर की प्रदूषण स्थिति पर विभाग लगातार नजर रखे हुए है। वायु प्रदूषण के वास्तविक कारणों की पहचान और स्थायी समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की गई।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत अनुगुल, बालेश्वर और कटक जिलों के जिलाधीशों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से नवंबर से जनवरी के बीच वायु प्रदूषण चरम पर रहता है। अनुगुल, तालचेर और बालेश्वर शहरों में एक भी दिन हवा की गुणवत्ता अच्छी नहीं रही।
भुवनेश्वर, कटक, बारिपदा और कलिंगनगर में भी अधिकांश समय वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही है। वर्ष 2023 में अनुगुल शहर में 73 दिनों तक हवा की गुणवत्ता खराब, अत्यंत खराब और गंभीर स्तर पर रही थी।इस वर्ष भी स्थिति लगभग वैसी ही बनी हुई है, ऐसा बोर्ड ने बताया है।

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