‘संविधान और शरीयत संरक्षण आंदोलन’ शुरू करेगा AIMPLB, जानिए क्या है पूरा एजेंडा

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने आखिर में सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों और नागरिक समाज से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने आखिर में सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों और नागरिक समाज से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने सोमवार को एक बयान जारी कर देशव्यापी ‘संविधान एवं शरीयत संरक्षण आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान किया है. बोर्ड ने इसे न्याय एवं समानता, संवैधानिक सर्वोच्चता, धार्मिक स्वतंत्रता, राष्ट्रीय एकता तथा शांति और सुरक्षा के संवर्धन के लिए एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन बताया है.

AIMPLB के बयान में कहा गया है कि पिछले कई वर्षों से देश में कमजोर और हाशिए पर रहने वाले वर्गों, विशेष रूप से मुसलमानों को धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक स्तरों पर गंभीर दबाव और भेदभाव का सामना करना पड़ा है.

क्या हैं AIMPLB के मुद्दे?

AIMPLB ने जिन मुद्दों का जिक्र किया है उनमें शामिल हैं:

मॉब लिंचिंग और बुलडोजर कार्रवाई.

मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों को निशाना बनाया जाना.

वक्फ संपत्तियों और कब्रिस्तानों पर कब्जे.

मुस्लिम युवाओं की मनमानी गिरफ्तारियां.

समान नागरिक संहिता (UCC) के जरिए पर्सनल लॉ को कमजोर करने के प्रयास.

वंदे मातरम् के गायन को अनिवार्य बनाने का प्रयास.

शिक्षा व्यवस्था में हस्तक्षेप.

AIMPLB ने कहा कि यह केवल मुसलमानों का मुद्दा नहीं है, बल्कि भारत की संवैधानिक पहचान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा प्रश्न है.
आंदोलन के 8 प्रमुख मकसद

संविधान और कानून की सर्वोच्चता की रक्षा.

न्याय, समानता और मौलिक अधिकारों के लिए जनमत तैयार करना.

धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा.

घृणा और हिंसा के विरुद्ध शांति और भाईचारे का संदेश.

उत्पीड़न के पीड़ितों को कानूनी और सामाजिक मदद.

मुसलमानों के जीवन, संपत्ति और इबादतगाहों की सुरक्षा.

UCC और अनिवार्य वंदे मातरम् के खिलाफ जनमत तैयार करना.

सभी न्यायप्रिय संगठनों को एक मंच पर लाना.

आंदोलन के 7 बड़े कार्यक्रम क्या होंगे?

AIMPLB ने बताया कि आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण दायरे में होगा. इसके तहत:

जनसभाएं और विरोध प्रदर्शन: देश के प्रमुख शहरों में शांतिपूर्ण सभाएं होंगी, जिन्हें विभिन्न धर्मों के नेता, विद्वान और सामाजिक हस्तियां संबोधित करेंगी.

श्वेत पत्र का प्रकाशन: मुसलमानों के साथ भेदभाव और मानवाधिकार हनन की घटनाओं पर विस्तृत श्वेत पत्र जारी किया जाएगा.

कानूनी मार्गदर्शिका: बुलडोजर कार्रवाई, वक्फ संपत्तियों, मस्जिदों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी अधिकारों पर गाइड प्रकाशित की जाएगी.

मॉब लिंचिंग पर घोषणा-पत्र: मॉब लिंचिंग पर राज्य की जिम्मेदारी और पीड़ितों के अधिकारों को लेकर घोषणा-पत्र आएगा.

मांग-पत्र: हर राज्य के राज्यपाल और हर जिले के प्रशासन के जरिए राष्ट्रपति को मांग-पत्र सौंपा जाएगा.

मीडिया और सोशल मीडिया अभियान: हर चरण में प्रेस कॉन्फ्रेंस और X सहित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हैशटैग अभियान चलाया जाएगा.

दिल्ली में विशाल राष्ट्रीय सभा: आंदोलन के अहम चरण में नई दिल्ली में बड़ी जनसभा आयोजित कर अगले चरण की घोषणा की जाएगी.

आंदोलन में शामिल होने की अपील

AIMPLB ने आखिर में सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों और नागरिक समाज से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैयद सादतुल्लाह हुसैनी, मौलाना महमूद असद मदनी, आरिफ मसूद MLA और डॉ. एस. क्यू. आर. इलियास सहित बोर्ड के शीर्ष नेता मौजूद थे.

Related Articles

Back to top button