झूठे दुष्कर्म केस में फंसा एयरफोर्स चयनित युवक, 7 साल बाद कोर्ट ने दी राहत
कभी एयरफोर्स की वर्दी पहनकर आसमान में उड़ान भरने का सपना देखने वाले उन्नाव के एक होनहार युवक की जिंदगी एक झूठे मुकदमे ने पटरी से उतार दी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कभी एयरफोर्स की वर्दी पहनकर आसमान में उड़ान भरने का सपना देखने वाले उन्नाव के एक होनहार युवक की जिंदगी एक झूठे मुकदमे ने पटरी से उतार दी।
दुष्कर्म और अपहरण के आरोप में जेल जाने से लेकर 7 साल तक अदालतों के चक्कर काटने तक का लंबा संघर्ष झेलने के बाद आखिरकार अदालत ने युवक को बाइज्जत बरी कर दिया।
बिहार थाना क्षेत्र के महेशखेड़ा गांव निवासी 28 वर्षीय हितेंद्र प्रताप सिंह बताते हैं कि वर्ष 2017 में उनका चयन एयरफोर्स के लिए हुआ था। शुरुआत में उनका नाम वेटिंग लिस्ट में था, लेकिन कुछ समय बाद मुख्य सूची में शामिल हो गया। परिवार की गांव में मजबूत राजनीतिक पकड़ भी रही है। हितेंद्र के पिता, दादा और मां मिलाकर लगभग 40 वर्षों तक गांव की प्रधानी संभाल चुके हैं।
हितेंद्र का कहना है कि एयरफोर्स में चयन और परिवार की राजनीतिक पकड़ कुछ विरोधियों को रास नहीं आई। इसी रंजिश के चलते 16 फरवरी 2021 को एक युवती ने उन पर अपहरण और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया। आरोप लगाया गया कि युवती को घर से अगवा कर दिल्ली ले जाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस ने युवती के बयान के आधार पर कार्रवाई करते हुए हितेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करीब ढाई महीने जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली, लेकिन तब तक उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी थी और एयरफोर्स में जाने का सपना अधूरा रह गया।
मामले की सुनवाई के दौरान हितेंद्र के अधिवक्ता अजय द्विवेदी ने अदालत में कई अहम साक्ष्य पेश किए। सर्विलेंस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ कि जिस समय अपहरण और दुष्कर्म की घटना बताई गई, उस समय हितेंद्र प्रयागराज में पढ़ाई कर रहे थे। इसके अलावा युवती द्वारा बताए गए रूट और रेलवे स्टेशनों की CCTV फुटेज में भी आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी।
सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार ने मामले को झूठा मानते हुए हितेंद्र प्रताप सिंह को दोषमुक्त कर बाइज्जत बरी कर दिया।
इस पूरे संघर्ष के दौरान हितेंद्र की पत्नी रिंकी सिंह उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। रिंकी बताती हैं कि जब मुकदमा चल रहा था तो पहले उन्होंने शादी से इनकार कर दिया था, लेकिन जब उन्हें यकीन हो गया कि हितेंद्र निर्दोष हैं तो वर्ष 2023 में उन्होंने शादी कर ली। समाज और रिश्तेदारों के ताने भी सुनने पड़े, लेकिन उन्हें अपने पति की सच्चाई पर भरोसा था।
आज अदालत से बरी होने के बाद हितेंद्र कहते हैं कि झूठे मुकदमे ने उनकी जिंदगी के कई साल छीन लिए और एयरफोर्स की नौकरी भी चली गई, लेकिन अब वह दोबारा अपने जीवन और करियर को नई दिशा देने के लिए तैयार हैं।
रिपोर्ट- रंजन बाजपेई “निडर”,उन्नाव



