ट्रेड डील पर अखिलेश यादव का तंज: जनता पूछ रही है, क्या यह एकतरफा समझौता है?

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के फ्रेमवर्क पर राजनीतिक घमासान जारी है. अखिलेश यादव ने इसे 'एकतरफा' और भारत के हितों का 'आत्मसमर्पण' करार दिया, साथ टैरिफ असमानता पर गंभीर सवाल उठाए.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के फ्रेमवर्क पर राजनीतिक घमासान जारी है. अखिलेश यादव ने इसे ‘एकतरफा’ और भारत के हितों का ‘आत्मसमर्पण’ करार दिया, साथ टैरिफ असमानता पर गंभीर सवाल उठाए.

अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील के बाद से ही इसके फ्रेमवर्क को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे थे. शनिवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ इस डील के फ्रेमवर्क जारी किया. विपक्षी दल पहले से ही इस डील को भारत के खिलाफ बता रहे हैं. अब अखिलेश यादव ने एक्स पर कुछ आंकड़े शेयर करते हुए कहा कि हमारे देश की जनता, भाजपा से कह रही है कि जहां तक हमें मालूम है ‘डील’ एक तरफा नहीं होती है.

अखिलेश यादव ने कहा, “जनता भाजपा से ये पूछ रही है कि ‘ज़ीरो (0) बड़ा या अठारह (18)’?”. उन्होंने आगे कहा कि क्या भाजपा की समझौता-गणित में 18=0 होता है? सपा सुप्रीमो ने पूछा कि देश के किसानों, दुकानों, उद्योगों को बचाने के लिए, खोखले शब्दों के अलावा भाजपा के पास कोई और सुरक्षा-कवच या संरक्षण-योजना है?

आत्मसमर्पण की मजबूरी के पीछे छिपा राज क्या?
वहीं अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारत की ओर से आत्मसमर्पण बताया. अखिलेश ने एक्स पर पूछा, “भारत के हितों के आत्मसमर्पण की मजबूरी के पीछे छिपा गहरा राज़ क्या है? क्या ये ‘बनी वहां, पहुंची यहां’ जैसा कोई एक पक्षीय मामला है? क्या डील के नाम पर भाजपा सरकार ‘डॉटेड लाइन’ पर केवल हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य है?”

पीयूष गोयल ने कहा सरकार किसानों के प्रतिबंध
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को अमेरिका के साथ बाइलेटरल ट्रेड डील के फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देते हुए किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया. अपने बयान में मंत्री ने कहा कि घरेलू किसानों के हितों की रक्षा के लिए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में दुग्ध उत्पादों, फलों, सब्जियों, मसालों और अन्य अनाजों को संरक्षित किया गया है.

पहले कितना था टैरिफ?
अमेरिका भारत के ऊपर 25+25 पूरा 50 फीसद टैरिफ लगा रखा था. डील के बाद अमेरिका ने अपना टैरिफ 18 फीसद कर दिया है. ध्यान देने वाली बात है कि भारत अमेरिकी समान पर औसतन 7-12 फीसद टेरिफ लगाता था, जिसे इस डील के बाद 0 कर दिया गया है. विपक्षी दल इस बात को भी जनता के सामने रखने में लगे हैं कि UPA सरकार में भारत अमेरिका की ओर से महज 3 फीसद के करीब टैरिफ लगाया जाता था.

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