पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किसके लिए इशारों ही इशारों में कह दी, इतनी बड़ी बात
उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद धनखड़ लंबे वक्त तक सार्वजनिक जीवन से नदारद रहे थे. लेकिन अब वे फिर एक बार पब्लिक में जा रहे हैं और अपने विचार भी रख रहे हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: इन दिनों सियासी गलियारों में एक नाम फिर से चर्चा में बन गया है। उन्हें द्वारा दिए गए बयानों को लेकर सियासी पारा चढ़ता हुआ नजर आ रहा है।
दरअसल हम बात कर रहे हैं पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की। जबसे उन्होंने पद से इस्तीफा दिया तब से अब तक उन्हें लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद धनखड़ लंबे वक्त तक सार्वजनिक जीवन से नदारद रहे थे. लेकिन अब वे फिर एक बार पब्लिक में जा रहे हैं और अपने विचार भी रख रहे हैं. वहीं गणतंत्र दिवस 2026 की परेड के दौरान पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सार्वजनिक रूप में दिखाई दिए थे. परेड के दौरान पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की आगे वाली लाइन में बैठे हुए थे. धनखड़ बीते कुछ महीनों से सार्वजनिक जीवन से लगभग दूर थे. स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेना काफी कम कर दिया था.
हालांकि अब वो फिरसे एक्टिव नजर आ रहे हैं। इसी बीच आज वो मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। जगदीप धनखड़ जी ने इस भस्म आरती में हिस्सा लिया। वे काफी समय तक मंदिर के नंदी हॉल में बैठे रहे, भगवान महाकाल का जाप किया और आरती के दर्शन किए। मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्होंने भगवान महाकाल के सामने देश की प्रगति, शांति, समृद्धि और सभी लोगों की खुशहाली की प्रार्थना की। आरती के बाद उन्होंने मीडिया से बात की और एक बहुत अच्छा संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि हमें अहंकार, नफरत और जलन जैसी बुरी भावनाओं से ऊपर उठना चाहिए। जीवन में स्वस्थ और खुश रहने के लिए ये नकारात्मक चीजें छोड़ देनी चाहिए। वे चाहते हैं कि लोग एक-दूसरे से प्यार और एकता के साथ रहें। उन्होंने मंदिर की व्यवस्था की भी तारीफ की और कहा कि यहां सब कुछ बहुत सुंदर और समान तरीके से चलता है, जो देखकर अच्छा लगा। उन्होंने देश में सकारात्मक बदलाव देखने की बात भी कही।
इससे पहले भी उन्होंने हाल ही में ऐसा कुछ कहा था जिसको लेकर सियासी जानकारों ने तरह-तरह के बयान देने शुरू कर दिए थे। दरअसल जगदीप धनखड़ ने कहा, ‘मैंने स्वास्थ्य के प्रति कभी लापरवाही नहीं बरती. मैंने जब कहा कि मैं पद त्याग रहा हूं, तो मैंने कभी यह नहीं कहा कि मैं बीमार हूं. मैंने कहा कि मैं स्वास्थ्य को अहमियत दे रहा हूं, जो देनी चाहिए. अपने शास्त्रों में लिखा हुआ है.’ उनके इस बयान पर भी जमकर बयानबाजी हुई। वहीं अब उनके अहंकार वाले बयान पर भी सवालों की झड़ी लग गई है।



