राहुल की ललकार अमित शाह जवाब देने को तैयार

- क्या छात्रों का सोया आंदोलन फिर से जागेगा
- बड़ा सवाल गोली चलाने का आदेश किसने दिया!
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सदन में बीजेपी के लिए कुआं और खायी वाली स्थिति पैदा कर सियासत के मजे ले रहे राहुल गांधी के जाल में बीजेपी पूरी तरह से उलझ चुकी है। आज केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजाजू का बयान आया है कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने को तैयार है। राहुल गांधी चाहते भी यही है कि अमित शाह आये और इस मुद्दे पर बोले कि पैलेट गन चलाने के आदेश किसने दिये थे। छात्रों पर लाठी चार्ज कैसे हुआ और उन्हें बेरहमी से किस के आदेश पर पीटा गया। यानि छात्र मुद्दे को बड़ी मुश्किल से शांत कर पायी सरकार को पता है कि एक छोटी सी गलती इस मुद्दे को अशांत होने में क्षण भर का भी समय नहीं लगने देगी। फिल्मों में सीन होता है कि पूरा सिस्टम हीरो को घेर लेता है। चारों तरफ वर्दियां होती हैं सत्ता होती है ताकत होती है शोर होता है। लेकिन कैमरा सिर्फ एक चेहरे पर टिका रहता है। हीरो पीछे नहीं हटता। वह चारों तरफ देखता है मुस्कुराता है और कहता है आओ। देश कि सियासत में आज कुछ ऐसा ही दृश्य बनता दिखाई दे रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां कैमरा किसी फिल्मी सेट पर नहीं संसद पर टिका है। और इस पूरे दृश्य के बीच चेहरा है राहुल गांधी। कल राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती दी थी कि सामने आकर बात कीजिए। आज सत्ता की तरफ से जवाब आया है गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने को तैयार हैं। सियासत की पटकथा में इससे बड़ा ट्विस्ट और क्या होगा कल तक सवाल था शाह जवाब क्यों नहीं दे रहे आज सवाल बदल गया है कि राहुल की चुनौती का अगला कदम क्या होगा। यानी राहुल गांधी ने जो राजनीतिक गेंद सत्ता के पाले में फेंकी थी उसका जवाब अब सत्ता को देना पड़ रहा है। यही आज की कहानी है। यह कहानी भाजपा बनाम विपक्ष की सामान्य कहानी नहीं है। यह कहानी राहुल गांधी बनाम उस सत्ता तंत्र की है जिसे राहुल लगातार चुनौती दे रहे हैं। एक तरफ सत्ता का विशाल काफिला दूसरी तरफ राहुल एक तरफ संख्या दूसरी तरफ सवाल एक तरफ सरकारी मशीनरी दूसरी तरफ वह नेता जो लगातार कैमरे के सामने खड़ा होकर कह रहें हैं कि सवाल का जवाब दीजिए। और इन सबके बीच अब सबसे दिलचस्प बात देखिए गृह मंत्री को राहुल गांधी लगातार सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे थे आज उन्हीं अमित शाह के सदन में जवाब देने की बात सामने आ गई है। इसे सिर्फ संसदीय कार्यवाही नहीं समझा जाना चाहिए। यह राहुल के बनाए राजनीतिक नैरेटिव का अगला अध्याय है। क्योंकि राजनीति में कभी कभी सबसे बड़ी जीत भाषण खत्म होने के बाद दिखाई देती है। जब सामने वाला उसी मैदान में उतर आए जहां उतरने की चुनौती आपने दी थी।
राहुल गांधी पर सरकार का हमला
झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन, कथित लाठीचार्ज, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की चुनौती, लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम के गायन कार्यक्रम पर सपा नेता रामजीलाल सुमन की टिप्पणी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर घर तिरंगा अपील और संसद में जारी हंगामे को लेकर भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पार्टी का पक्ष रखते हुए कांग्रेस और झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को निशाने पर लिया। राहुल गांधी को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की चुनौती के सवाल पर आरपी सिंह ने कहा कि राहुल गांधी में संसद में मुद्दों का सामना करने की हिम्मत नहीं है और वह सदन से भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि किरेन रिजिजू ने यह स्पष्ट किया है कि देश के गृह मंत्री संसद में पूछे गए सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। लेकिन, राहुल गांधी संसद में चर्चा से बच रहे हैं। जब सरकार की ओर से गृह मंत्री के सदन में जवाब देने की बात स्पष्ट रूप से कही जा रही है, तब विपक्ष को चर्चा से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जब शेर दहाड़ता है तो गीदड़ भागते हैं और राहुल गांधी की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। राहुल गांधी संसदीय लोकतंत्र की भावना में विश्वास नहीं करते और संसद में मुद्दों का सामना करने के बजाय उससे बचने की कोशिश कर रहे हैं।
गृहमंत्री अमित शाह का बयान या लेक्चर सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं : राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बयान या लेक्चर सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उनकी प्राथमिकता देश की युवा पीढ़ी से जुड़े उन सवालों का जवाब पाना है जिनका संबंध छात्रों पर हुई कथित हिंसा से है। राहुल गांधी ने कहा है कि विपक्ष जानना चाहता है कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया किसके आदेश से छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ और एक छात्र की आंख की रोशनी जाने की घटना के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने गृह मंत्रालय की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश गृह मंत्रालय के स्तर से लागू किया गया था। राहुल गांधी ने सीधे अमित शाह से सवाल किया कि क्या उन्होंने छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा आदेश गृह मंत्री ने दिया था तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि तब वे इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार होंगे। वहीं, अगर उन्होंने ऐसा आदेश नहीं दिया था तो राहुल गांधी ने उनकी क्षमता पर सवाल उठाते हुए इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह पिछले 2० दिनों से सदन में नजर नहीं आए हैं। गृह मंत्री में सदन का सामना करने की हिम्मत नहीं है और वे संसद में आकर इन सवालों का जवाब नहीं दे सकते। राहुल गांधी ने छात्रों पर कथित तौर पर कील लगी लाठियों से हमला किए जाने का भी उल्लेख किया और पूछा कि इस तरह की कार्रवाई का आदेश किसने दिया था।




