सेना को मिली नई घातक LMG, मेक इन इंडिया को बूस्ट
भारत को मेक इन इंडिया पहल के तहत 2,000 नेगेव LMG की पहली खेप मिली है. इजराइल वेपन्स इंडस्ट्रीज (IWI) और अडानी ग्रुप की PLR सिस्टम्स ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ इनकी आपूर्ति की है.

4pm न्यूज नेटवर्क: भारत को मेक इन इंडिया पहल के तहत 2,000 नेगेव LMG की पहली खेप मिली है. इजराइल वेपन्स इंडस्ट्रीज (IWI) और अडानी ग्रुप की PLR सिस्टम्स ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ इनकी आपूर्ति की है. यह उपलब्धि देश के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगी.
लाइट मशीनगन (एलएमजी) बनाने वाली इजराइल की एक बड़ी कंपनी ने मेक इन इंडिया पहल के तहत भारत को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ हल्के मशीनगन की पहली खेप की आपूर्ति की है. इजराइल वेपन्स इंडस्ट्रीज (IWI) ने बताया, 41,000 मशीनगनों के बड़े ऑर्डर में से पिछले हफ्ते 2,000 नेगेव (7.62×51) LMG भारत को दी गई हैं. इस साल के आखिरी तक 4 हजार और मशीनगन देने की योजना है. इन मशीनगनों की सप्लाई IWI और अदाणी ग्रुप की संयुक्त कंपनी PLR सिस्टम्स ने की है. यह कंपनी भारत में छोटे हथियार और गोला-बारूद बनाने वाली पहली निजी कंपनी है.
कंपनी ने कहा, यह उपलब्धि भारत की मेक इन इंडिया पहल के तहत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर प्रक्रिया के सफल समापन के बाद हासिल हुई है.इससे भारत में रक्षा निर्माण को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही तय समय पर अच्छी गुणवत्ता वाले हथियार मिलेंगे. नेगेव (7.62×51) एक हल्की 7.62 एमएम मशीनगन है, जिसका इस्तेमाल इजराइली सेना (IDF) करती है. इस लाइट मशीन गन में सेमी-ऑटोमैटिक टेक्नोलॉजी है.
सेमी-ऑटोमैटिक और फुल-ऑटोमैटिक दोनों मोड
इसके हल्का होने और 7.62 मिलीमीटर गोला बारूद का उपयोग कर पाने की वजह से यह मजबूत सुरक्षा घेरे को भेदने में सक्षम है. इसमें सेमी-ऑटोमैटिक और फुल-ऑटोमैटिक दोनों मोड हैं. इसे हेलीकॉप्टर, वाहन और नौसेना प्लेटफॉर्म पर भी लगाया जा सकता है. भारत और इजराइल ने पिछले साल नवंबर में रक्षा, उद्योग और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया था, जिससे दोनों देश मिलकर नई तकनीक विकसित और उत्पादन कर सकें.
लाइट मशीनगन की खास बातें
यह 7.62×51 एमएम कैलिबर की गन है, जो 1,000 मीटर तक प्रभावी रेंज रखती है
इसका वजन लगभग 7.6 किलोग्राम है, जो इसे अन्य समकक्ष हथियारों की तुलना में हल्का बनाता है.
यह प्रति मिनट 600 से 750 राउंड फायर कर सकती है
यह हथियार 90% से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ तैयार किया जा रहा है
सेना को और ताकतवर बनाएगी ये मशीनगन
भारत अपनी सीमाओं खासकर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर मजबूत रक्षा तैनाती बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में नये हथियार सेना की मारक क्षमता और उसकी समग्र परिचालन क्षमता को और बढ़ाएंगे.



