इंडिया गठबंधन की बैठक में चुनाव आयोग पर प्रहार
कांग्रेस, टीएमसी समेत 19 दलों ने दिखाई ताकत

- एसआईआर, ईवीएम व नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े मुद्दे उठाए
- राहुल का पीएम मोदी पर निशाना
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। देश के विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की बैठक हुई। इसमे कांग्रेस, टीएमसी समेत 19 दलों ने भाग लिया। इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ फैसला लिया गया। बैठक में सोनिया गंाधी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, समेत अन्य दिग्गज मौजूद रहे। यह बैठक दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई। इस बैठक केदौरान सोनिया गांधी और ममता बनर्जी बातचीत करती दिखीं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में बुधवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), ईवीएम और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े मुद्दे उठाए। खरगे ने अपने शुरुआती संबोधन को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के वोट का समान महत्व होना चाहिए।
राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन की बैठक के बीच सवाल किए और खुद जवाब दिए. उन्होंने कहा कि सीईसी एकमात्र ऐसे भारतीय क्यों हैं जिन्हें आजीवन पूर्ण कानूनी छूट प्राप्त है? क्योंकि पीएम मोदी चुनावों में धांधली करने के लिए उनका इस्तेमाल करते हैं। सूत्रों ने बताया कि वामपंथी पार्टियां डीएमके को गठबंधन में वापस लाने के लिए कांग्रेस पर दबाव बनाएगी। सीपीआईएम, सीपीआई, आरपीआई डीएमके साथ बातचीत शुरू करने की मांग करेंगी। वाम दलों का तर्क होगा कि डीएमके करीब एक सदी पुरानी राजनीतिक पार्टी है, ऐसे में उसे व्यापक विपक्षी समन्वय से अलग नहीं रखा जाना चाहिए। वाम दल कांग्रेस से डीएमके को इंडिया ब्लॉक के सामूहिक प्रयासों में शामिल करने की पैरवी करेंगे। विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने के लिए डीएमके के साथ बातचीत आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।
सीईसी को ममता बनर्जी ने वैनिश कुमार कहा
ममता बनर्जी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘वैनिश कुमार’ कहा। ममता बनर्जी ने बैठक में एसआईआर जरिए वोट की लूट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एसआईआर बहुत खराब तरीके से अंजाम दिया गया था। उन्होंने चुनाव के बाद के हालात का जिक्र करते हुए कहा, मैं अब घर से बाहर नहीं निकल सकती।
प्रत्येक पात्र नागरिक के वोट का समान मूल्य : खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद इस सिद्धांत पर है कि हर नागरिक को सरकार चुनने में समान अधिकार मिले। उन्होंने संविधान सभा का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी सार्थक है, जब प्रत्येक पात्र नागरिक के वोट का समान मूल्य हो। उन्होंने दावा किया कि इस सिद्धांत के सामने मौजूदा समय में गंभीर चुनौतियां हैं और देशभर में नागरिकों तथा राजनीतिक दलों की ओर से चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से ईवीएम और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाता रहा है। खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग ने शिकायतों को स्वीकार करने के बजाय एसआईआर प्रक्रिया शुरू की। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग एसआईआर को मतदाता सूची को अपडेट और व्यवस्थित करने की प्रक्रिया बताता है, लेकिन यदि इससे बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित होते हैं तो वास्तविक मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित न किया जाए, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी व्यवस्था की होनी चाहिए।



