300 साल पुराने मंदिर के कलश को कबाड़ में बेचने का आरोप, बांदा में मचा बवाल!
कैलाशपुरी के 300 साल पुराने मंदिर का प्राचीन कलश कबाड़ में बेचने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मुकदमा दर्ज कर कलश बरामद कराने की मांग की है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बांदा में करीब 300 साल पुरानी धार्मिक विरासत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि मंदिर के जीर्णोद्धार के नाम पर सदियों पुराने कलश को हटाकर कबाड़ में बेच दिया गया और उसकी जगह नया पीतल का कलश लगा दिया गया। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। एक निवासी ने कोतवाली नगर पुलिस से शिकायत कर पुराने कलश की बरामदगी और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
जीर्णोद्धार के दौरान हटाया गया प्राचीन कलश
पूरा मामला बांदा शहर के कैलाशपुरी मोहल्ले में स्थित करीब 300 साल पुराने मंदिर का है। मोहल्ला निवासी कुलदीप पांडेय ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान मनीष गुप्ता ने पुराने कलश को हटवा दिया। उसकी जगह नया पीतल का कलश स्थापित करा दिया गया और पुराने ऐतिहासिक कलश को कबाड़ में बेच दिया गया।
पूछताछ में कलश बेचने की बात स्वीकारने का आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस मामले में पहले भी शिकायत की गई थी। आरोप है कि पुलिस की पूछताछ के दौरान मनीष गुप्ता ने पुराने कलश को खराब बताकर कबाड़ में बेचने की बात स्वीकार की थी। हालांकि, मामले में दूसरे पक्ष का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और पुलिस की कार्रवाई का भी इंतजार है।
पुलिस से मुकदमा दर्ज कर कलश बरामद कराने की मांग
कुलदीप पांडेय ने सवाल उठाया है कि करीब तीन शताब्दी पुरानी धार्मिक धरोहर को हटाकर बेचने का फैसला किस आधार पर लिया गया? उन्होंने पुलिस प्रशासन से मुकदमा दर्ज करने, पुराने कलश को बरामद कराने और उसे दोबारा मंदिर में स्थापित कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है।
रिपोर्ट – इक़बाल खान, बांदा
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