₹2 हजार से ऊपर UPI भुगतान पर MDR से नाराज व्यापारी, बांदा में उठी विरोध की आवाज

बांदा में UPI पर MDR व्यवस्था के विरोध में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। PM के नाम DM को ज्ञापन देकर छोटे कारोबारियों के लिए UPI शुल्क मुक्त रखने समेत सात मांगें उठाईं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: डिजिटल भुगतान अब कारोबार का हिस्सा बन चुका है, लेकिन UPI पर नए MDR की व्यवस्था ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। इसी के विरोध में सोमवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपकर व्यवस्था में राहत की मांग की।

₹2 हजार से ऊपर UPI भुगतान पर MDR का विरोध

15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा ₹2,000 से अधिक के P2M UPI लेनदेन पर 0.4% MDR लागू होना है। केंद्र के मुताबिक यह शुल्क व्यापारी पक्ष पर होगा, जबकि ग्राहकों के UPI भुगतान पर सीधे कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। ₹2,000 तक के P2M भुगतान और P2P लेनदेन भी शुल्क-मुक्त रहेंगे।

छोटे कारोबारियों पर लागत बढ़ने की जताई चिंता

बांदा के व्यापारियों का कहना है कि किराना, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और दवा जैसे कारोबार में मुनाफे का मार्जिन पहले से सीमित है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर MDR से कारोबार की लागत बढ़ सकती है। व्यापारियों ने आशंका जताई कि इसका अप्रत्यक्ष असर ग्राहकों और बाजार पर पड़ सकता है।

सात सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

व्यापार मंडल ने UPI को छोटे कारोबारियों के लिए शुल्क-मुक्त रखने समेत सात सूत्रीय मांगें उठाईं। व्यापारियों ने कहा कि केवल लेनदेन की राशि के आधार पर शुल्क तय करने के बजाय कारोबार की प्रकृति को भी ध्यान में रखा जाए। नई व्यवस्था से पहले व्यापारी संगठनों के साथ व्यापक चर्चा की मांग भी की गई। ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष सत्यप्रकाश सर्राफ, महामंत्री कमल कुमार गुप्ता, चारुचंद्र खरे और संजय सिंह समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।

रिपोर्ट – इक़बाल खान, बांदा

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