1.91 करोड़ की ठगी में बारादरी पुलिस की दोहरी चाल! कोर्ट सख्त, SSP को जांच के आदेश
बरेली के 1.91 करोड़ रुपये की ठगी मामले में पुलिस की विरोधाभासी रिपोर्ट पर अदालत ने सवाल उठाए हैं। बारादरी पुलिस की कार्यशैली की जांच के लिए एसएसपी को निर्देश दिए गए।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बरेली में 1.91 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला अब पुलिस की कार्यशैली पर ही गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जिस आरोपी को पुलिस ने अदालत में शातिर धोखेबाज बताते हुए उसकी अग्रिम जमानत का विरोध किया था, उसी आरोपी के मामले में बाद में नोटिस तामील दिखाकर आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया। पुलिस की दो अलग-अलग रिपोर्टों में विरोधाभास सामने आने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अब एसएसपी बरेली को पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
1.91 करोड़ की ठगी में पूर्व कर्मचारी पर गंभीर आरोप
मामला बारादरी थाने में 19 मई 2026 को दर्ज मुकदमा संख्या 646/2026 से जुड़ा है। मॉडल टाउन निवासी गुरप्रीत सिंह ने अपने पूर्व कर्मचारी इन्द्रप्रीत सिंह उर्फ सन्नी समेत 14 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच बैंक ऑफ बड़ौदा के डायरेक्ट सेलिंग एजेंट के रूप में काम करने वाले इन्द्रप्रीत ने चेकों पर कथित फर्जी हस्ताक्षर कर करीब 1.91 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए।
पहले बताया शातिर, फिर नोटिस देकर दाखिल कर दी चार्जशीट
आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर पुलिस ने सितंबर में अदालत को बताया था कि आरोपी के फरार होने और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका है। पुलिस ने जमानत का विरोध भी किया था। लेकिन बाद में आरोपी को 19 सितंबर की तारीख में बीएनएसएस की धारा 35(3) का नोटिस तामील दिखाकर आरोप पत्र संख्या 933/2026 दाखिल कर दिया गया। बाकी 13 आरोपियों के खिलाफ विवेचना लंबित रखी गई।
अदालत ने उठाए गंभीर सवाल, SSP करेंगे जांच
31 अक्टूबर 2026 के आदेश में अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) कोर्ट संख्या-1 ने पुलिस की दोनों रिपोर्टों को विरोधाभासी पाया। अदालत ने विवेचक निरीक्षक अपराध मुकेश कुमार और प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रथम दृष्टया विधिक प्रक्रिया के दुरुपयोग की बात कही। आदेश की प्रति एसएसपी बरेली को भेजकर जांच और समुचित विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अब देखना होगा कि इस जांच में पुलिस अधिकारियों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।
रिपोर्ट – सुनील सक्सेना, बरेली
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