नेताजी को याद कर सपाइयों ने भरी हुंकार, अखिलेश यादव को फिर मुख्यमंत्री बनाने का लिया संकल्प
बरेली में मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर सपा नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय की लड़ाई आगे बढ़ाने और अखिलेश यादव को फिर मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर बरेली में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। पार्टी कार्यालय में आयोजित सभा में नेताजी के संघर्ष, समाजवादी विचारधारा और जनसेवा को याद किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय की लड़ाई आगे बढ़ाने और अखिलेश यादव को दोबारा उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया।
वीरपाल सिंह यादव ने याद किए नेताजी के विचार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राज्यसभा सांसद और सपा के राष्ट्रीय सचिव वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने अपना जीवन गरीबों, किसानों, मजदूरों, नौजवानों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि नेताजी कार्यकर्ताओं को सिखाते थे कि मंच पर वही बोलना चाहिए, जो व्यक्ति अंदर से मानता हो। उनके मुताबिक, मुलायम सिंह यादव की विचारधारा आज भी प्रासंगिक है और कार्यकर्ताओं को जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखना चाहिए।
सामाजिक न्याय और भाईचारे पर दिया जोर
सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाया और वंचित वर्गों को राजनीतिक आवाज दी। महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, विधायक शहजिल इस्लाम, पूर्व विधायक सुल्तान बेग और विजय पाल सिंह समेत अन्य नेताओं ने भी नेताजी के योगदान को याद किया। पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन ने सामाजिक सद्भाव, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया।
अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प
श्रद्धांजलि सभा में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुलायम सिंह यादव के आदर्शों पर चलने, सामाजिक न्याय की लड़ाई आगे बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव को फिर मुख्यमंत्री बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने की, जबकि संचालन जिला महासचिव राजकुमार पाल ने किया। सभा में पार्टी के पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट – सुनील सक्सेना, बरेली
यह भी पढ़ें: सीतापुर में दुकान के विवाद ने लिया खूनी रूप, पिता की मौत; बेटा जिंदगी-मौत से जूझ रहा



