बंगाल: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर के रिटर्निंग ऑफिसर सुराजित रे की अपने ऑफिस में की पोस्टिंग, TMC उठाती रही है सवाल

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई सरकार अस्तित्व में आ गई है. मुख्यमंत्री बनते ही शुभेंदु ने प्रशासनिक फेरबदल भी करना शुरू कर दिया. अपने पहले बड़े प्रशासनिक बदलाव के तौर पर, मुख्यमंत्री ने सुरजीत रे को अपने मुख्यमंत्री ऑफिस (CMO) में बुला लिया है. सुरजीत पिछले दिनों खत्म हुए विधानसभा चुनाव में भवानीपुर में रिटर्निग ऑफिसर (RO) के रूप में काम कर रहे थे. शुभेंदु ने इस सीट से ममता बनर्जी को हराया था.
सुरजीत रे नई नियुक्ति से पहले पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार के भूमि राजस्व और सर्वेक्षण निदेशालय में अतिरिक्त निदेशक के पद पर कार्यरत थे. राज्य में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान, चुनाव आयोग की ओर से उन्हें भवानीपुर का रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया था. कोलकाता की हाई प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर कड़ा मुकाबला रहा. ममता बनर्जी और शुभेंदु के बीच जोरदार चले मुकाबले में बीजेपी नेता ने 15105 वोटों के अंतर से जीत हासिल की.
आरोपी अफसर के खिलाफ ममता हमलावर
हालांकि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस, (TMC) उनके खिलाफ लगातार मुखर रही और बार-बार यह आरोप लगाया कि वे शुभेंदु के बेहद करीबी हैं, और BJP के पक्ष में पक्षपात करते रहे हैं. यही नहीं उन पर भवानीपुर में ममता के चुनाव प्रचार को रोकने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया था.
भवानीपुर सीट पर 29 अप्रैल को होने वाली वोटिंग से पहले TMC की ओर से बार-बार यह मांग की गई थी कि चुनाव आयोग को सुरजीत की जगह किसी दूसरे निष्पक्ष रिटर्निंग ऑफिसर को नियुक्त किया जाना चाहिए. चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से सुरजीत की जगह लेने के लिए 3 अधिकारियों के नाम का प्रस्ताव भेजने को कहा, लेकिन आगे चलकर आयोग ने राय को ही रिटर्निंग ऑफिसर बनाए रहने देने का फैसला किया.
काउंटिंग सेंटर पर हेराफेरी- गड़बड़ी का आरोप
फिर मतगणना के दिन भी ममता और उनकी पार्टी TMC ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव आयोग के अधिकारियों की मदद से काउंटिंग सेंटर पर भारी हेराफेरी और गड़बड़ियां कीं, जिसकी वजह से भवानीपुर में शुभेंदु की जीत हुई. अब उनकी अगुवाई में राज्य में नई BJP सरकार की कमान संभालने के ठीक एक दिन बाद ही, शुभेंदु ने सुरजीत रे को मुख्यमंत्री कार्यालय में भेज दिया है.
पश्चिम बंगाल में BJP की नई सरकार ने 2 दिन पहले शनिवार को रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट सुब्रत गुप्ता को अपना सलाहकार नियुक्त किया. सुब्रत गुप्ता ने ही राज्य में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की देखरेख की थी. इसके अलावा कार्मिक और प्रशासनिक सुधार (P&AR) विभाग ने पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (WBCS) के 7 अनुभवी अधिकारियों का तबादला मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में कर दिया है.
‘सोनार बांग्ला’ रोडमैप पर चल रहे CM शुभेंदु
10 मई को जारी अधिसूचना (संख्या 904-PAR (WBCS)/1D-109/2026) के अनुसार, राज्यपाल ने CMO में वरिष्ठ उप सचिव (Senior Deputy Secretary) के पद पर 7 अधिकारियों की नियुक्ति को अपनी मंजूरी दे दी है. यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसका मकसद नए प्रशासन के “सोनार बांग्ला” रोडमैप को सुव्यवस्थित करना है. नियुक्त पाने अफसरों में प्रमित दास (बैच 2003), जो हावड़ा में जिला SWO और SEO के पद से आ रहे हैं भी शामिल हैं.
इनके अलावा सम्राट चक्रवर्ती (बैच 2004), जो पहले आवास विभाग में तैनात थे. अमर्त्य चक्रवर्ती (बैच 2007), जिनका तबादला मत्स्य विभाग से किया गया है; अयान दत्ता गुप्ता (बैच 2007), जो पहले डायमंड हार्बर के SDO थे. राजर्षि नाथ (बैच 2008), जो पहले बर्धमान सदर उत्तर के SDO थे. दीप भादुड़ी (बैच 2008), जो पूर्वी मेदिनीपुर में जिला SWO और SEO के पद से आ रहे हैं. खुद सुरजीत राय (बैच 2011), जो CMO में आने पहले DLRS में अतिरिक्त निदेशक थे.



