भाजपा हेलिकॉप्टर रोक सकती है हौसले नहीं

उड़ान भरने की अनुमति नहीं देने पर अभिषेक बनर्जी बिफरे

  • झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ली मदद
  • टीएमसी सांसद बोले- एसआईआर के जरिए बीजेपी ने अपनी चालें चलना शुरू कर दी है

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि जब वे अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) द्वारा आयोजित एक जनसभा को संबोधित करने के लिए बीरभूम के रामपुरहाट जा रहे थे, तब भाजपा ने उनके हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि देरी के लिए मैं क्षमा चाहता हूं। चुनाव अभी शुरू नहीं हुए हैं। लेकिन भाजपा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए अपनी चालें चलना शुरू कर दी हैं। मेरे हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई। भाजपा सोचती है कि इन चालों से मैं रुक जाऊंगा, लेकिन मैं भाजपा से दस गुना ज्यादा जिद्दी हूं।
बनर्जी ने आगे दावा किया कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात करने और झारखंड सरकार की मदद से उनके लिए सभा स्थल तक हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा, चूंकि मेरे हेलीकॉप्टर को अनुमति नहीं मिली, इसलिए मैंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात की और इस सभा के लिए उनके हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करवाई। मैंने ठान लिया था कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं तृणमूल कार्यकर्ता के रूप में सभा स्थल पर पहुंचूंगा और अगर वहां दस लोग भी मौजूद हों तो उन्हें संबोधित करूंगा। मैंने देखा कि देर होने के बावजूद, माताएं और बहनें बड़ी संख्या में न केवल इस मैदान पर, बल्कि बाहर भी आई हैं। मैं उनका आभारी हूं। बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी एक सांप की तरह है जो अगर रहने दिया जाए तो डंक मार देगी। आगामी चुनावों से पहले अपने अबर जीत बे बांग्ला अभियान के दौरान अलीपुरद्वार में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने मतदाताओं से कतार में खड़े होकर ईवीएम के जरिए भाजपा को सबक सिखाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, भाजपा एक सांप की तरह है। चाहे आप अपने घर के पीछे एक सांप रखें या अठारह, अंतत: वह आपको काट ही लेगा। इस बार आगामी चुनावों में यह सुनिश्चित करें कि अलीपुरद्वार में कोई सांप न रहे। मैं भाजपा से दस गुना ज्यादा जिद्दी हूं, और इस तरह के व्यवहार के आगे केवल भाजपा ही झुकती है। आगामी चुनावों में कतार में खड़े होकर उन्हें ईवीएम के जरिए सबक सिखाएं।

डराने-धमकाने से मैं डरने वाला नहीं : प्रियांक खरगे

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने बेंगलुरु की एक विशेष अदालत द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर उनकी टिप्पणियों के लिए उन्हें नोटिस जारी किए जाने की खबरों को खारिज करते हुए इसे संगठन के बारे में जायज सवाल उठाने वालों के खिलाफ डराने-धमकाने की रणनीति बताया।
खरगे ने कहा कि वे डराने-धमकाने की रणनीति अपना रहे हैं, यह कोई नई बात नहीं है। हम आरएसएस, उसके वित्तपोषण और उसके अस्तित्व के बारे में जायज सवाल उठा रहे हैं। सिर्फ इसलिए कि आप व्यक्तियों का एक समूह हैं, मुझे देश का एक भी नियम दिखाइए जो कहता हो कि आपका पंजीकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जवाबदेही देश के सभी संस्थानों पर लागू होती है। प्रियांक खरगे ने आगे कहा कि जिस देश में मंदिरों को जवाबदेह ठहराया जाता है, गैर-सरकारी संगठनों को जवाबदेह ठहराया जाता है, व्यक्तियों के अन्य संगठनों और संस्थाओं को जवाबदेह ठहराया जाता है, वहां आरएसएस को जवाबदेह क्यों नहीं ठहराया जाता? ऐसा होने वाला है… भारत में संविधान अभी भी जीवित है। आरएसएस संविधान से ऊपर नहीं है, न ही मैं। आज सुबह, खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लेख साझा किया, जिसमें बताया गया था कि एक आरएसएस सदस्य द्वारा दायर मानहानि की शिकायत के संबंध में एक विशेष अदालत ने उन्हें और राज्य मंत्री दिनेश गुंडुराओ को नोटिस जारी किया है।

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