महाराष्ट्र के चंद्रपुर महानगरपालिका मेयर पर घमासान
शिवसेना यूबिटी और कांग्रेस में वार-पलटवार, कांग्रेस ने मांगा स्पष्टीकरण

- उद्धव गुट ने पहले भाजपा को दिया समर्थन
- कांग्रेस की गड़बड़ी के कारण स्थानीय शिवसेना-यूबीटी नेताओं ने यह निर्णय लिया : राउत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र के चंद्रपुर महानगरपालिका में वहां पर भाजपा का मेयर बन जाने के बाद सियासी संग्राम मच गया है। शिवसेना यूबिटी व कांग्रेस में वार-पलटवार जारी है। कांग्रे्रस नेता नाना पटोले ने कहा कि उद्धव गुट ने भाजपा का साथ दिया। उधर उद्धव गुट के नेता संजय राउत यहां ऐसी स्थिति के लिए कांग्रेस को ही जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद चंद्रपुर में सत्ता हासिल न कर पाने पर कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए। वहीं कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए एमवीए के सहयोगी पार्टी से स्पष्टीकरण मांगा है।
बता दें सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस सत्ता हासिल करने से चूक गई और बीजेपी ने दांव चलते हुए अपना मेयर बना लिया। उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने दावा करते हुए कहा, उद्धव ठाकरे ने चंद्रपुर में पार्टी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वे बीजेपी की किसी भी तरह से मदद न करें, चाहे इसका मतलब विपक्ष में बैठना ही क्यों न हो, फिर भी कांग्रेस की गड़बड़ी के कारण स्थानीय (शिवसेना-यूबीटी) नेताओं ने यह निर्णय लिया है। इसका मतलब यह नहीं है कि हमने बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया है। वीबीए और एआईएमर्आएम ने महापौर चुनावों में कांग्रेस का समर्थन इसलिए नहीं किया क्योंकि पार्टी में एकमत नहीं था। बता दें पिछले महीने हुए 66 सदस्यीय चंद्रपुर नगर निकाय के चुनावों में कांग्रेस 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि बीजेपी 23 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही। शिवसेना (यूबीटी) ने 6 सीटें जीतीं, भारतीय शेतकरी कामगार पक्ष (जनविकास सेना) ने तीन, वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) ने 2, जबकि एआईएमआईएम, बीएसपी और शिवसेना को एक-एक सीट मिली। जबकि दो सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गईं।
बीजेपी की संगीता खांडेकर बनी चंद्रपुर की मेयर
शिवसेना (यूबीटी) और बीजेपी के बीच हुए अप्रत्याशित गठबंधन के चलते चंद्रपुर महानगरपालिका में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा. जबकि यहां कांग्रेस इस पद के लिए सबसे ज्यादा मजबूत स्थिति में थी। बीजेपी की संगीता खांडेकर ने कांग्रेस उम्मीदवार वैशाली महादुले को एक वोट से हराकर मेयर की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। शिवसेना (यूबीटी) उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी यूबीटी ने यहां बीजेपी को समर्थन देकर कांग्रेस का खेल बिगाड़ दिया था। शिवसेना (यूबीटी) के पार्षद प्रशांत दानव डिप्टी मेयर चुने गए।
एमवीए की अस्तित्व पर गंभीर सवाल
इस घटनाक्रम ने विपक्षी एकता और महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की अस्तित्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महाराष्ट्र में महायुति सरकार में बीजेपी, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और एनसीपी के साथ सत्ता साझा कर रही है, वहीं शिवसेना (यूबीटी), शरद पवार की एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस विपक्षी एमवीए के घटक हैं।
हर्षवर्धन ने मांगा जवाब
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) को जवाब देना चाहिए कि उसने अपने पार्षदों को बीजेपी के पक्ष में मतदान करने की खुली छूट क्यों दी? हमारे पार्षद एकजुट रहे और उन्होंने दलबदल नहीं किया. उन्होंने कहा, अगर आपको हमारी आपसी कलह से कोई आपत्ति थी, तो आप महापौर पद के लिए मतदान के दौरान अनुपस्थित रह सकते थे या वोटिंग से दूर रह सकते थे।



