कौन बनेगा केरलम का कप्तान? दिल्ली में आज कांग्रेस हाईकमान करेगा फैसला
पार्टी हाईकमान ने दिल्ली में बैठक बुलाई है, जिसमें पूर्व KPCC अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल मुख्य दावेदार हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: केरलम विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बावजूद कांग्रेस मुख्यमंत्री के नाम पर अब तक फैसला नहीं कर पाई है. चुनावपरिणाम के एक सप्ताह बाद भी सीएम पद को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. पार्टी हाईकमान ने दिल्ली में बैठक बुलाई है, जिसमें पूर्व KPCC अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल मुख्य दावेदार हैं.
केरलम विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बावजूद कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला नहीं कर पाई है. चुनाव परिणाम घोषित होने के एक सप्ताह बाद भी राज्य में अगले सीएम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे में अब पार्टी हाईकमान ने केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के पूर्व अध्यक्षों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मंगलवार (12 मई) को चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया है. कांग्रेस नेतृत्व के इस कदम को मुख्यमंत्री पद पर सहमति बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में होने वाली बैठकों के बाद अगले 48 घंटों में बड़ा फैसला सामने आ सकता है.
सीएम के नाम पर होगी बात
पूर्व केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) अध्यक्ष के. मुरलीधरन और वीएम सुधीरन ने पुष्टि की है कि उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से दिल्ली बुलाया गया है.वीएम सुधीरन ने कहा ‘जब उन्होंने (AICC) मुझे बुलाया तो मुझे आश्चर्य हुआ. मैंने कल के लिए दिल्ली की फ्लाइट बुक कर ली है. मुझे लगता है कि मुझसे राज्य के मौजूदा राजनीतिक माहौल के बारे में पूछा जाएगा. मैं उनके सवालों के स्पष्ट जवाब दूंगा’. सुधीरन 2014 से 2017 तक केरलम कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं, ऐसे में पार्टी हाई कमान इस मामले में उनसे बातचीत कर सीएम के नाम पर फैसला ले सकता है.
मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व केरल विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला करने में विफल रहा है. केरलम में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतकर शानदार वापसी की है. लेकिन जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर खींचतान तेज हो गई है.
रेस में ये तीन नाम
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में मुख्य रूप से तीन नेताओं के नाम सामने हैं. इनमें वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल के नाम शामिल हैं. इन तीनों नेताओं के समर्थक अपने-अपने स्तर पर हाईकमान को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद के तीन शीर्ष दावेदारों के खेमे द्वारा जोरदार लॉबिंग चल रही है.
बैठक में नहीं हुआ कोई फैसला
शनिवार (9 मई) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने आवास पर बैठक बुलाई थी, जिसमें राहुल गांधी, दीपा दासमुंशी, सनी जोसेफ, केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे. हालांकि इस बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला.
‘फैसला अगले 48 घंटों के भीतर आने की उम्मीद’
इधर वट्टियूरकावु निर्वाचन क्षेत्र से हाल ही में हुए चुनावों में जीत हासिल करने वाले मुरलीधरन ने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर फैसला अगले 48 घंटों के भीतर आने की उम्मीद है. 2001 से 2004 तक राज्य पार्टी प्रमुख रहे मुरलीधरन ने मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा ‘जब पिछले सप्ताहAICC के दो पर्यवेक्षक केरल आए थे, तो मैंने अपनी राय रखी थी. मैं अपनी राय पर कायम रहूंगा. मुझे नहीं पता कि वे (AICC) क्या पूछेंगे. हाई कमान जो भी फैसला करेगा, सभी नेताओं को उसे स्वीकार करना ही होगा’. इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा में देरी से राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच बेचैनी पैदा हो रही है.
‘हाई कमान के अंतिम निर्णय का पालन करेंगे’
वहीं रमेश चेन्निथला ने भी कहा कि उनके समेत सभी वरिष्ठ नेता पार्टी हाई कमान के अंतिम निर्णय का पालन करेंगे. उन्होंने कहा, ‘पार्टी हाई कमान सही निर्णय लेगा और सभी उसका पालन करेंगे. मैं एक अनुशासित पार्टी कार्यकर्ता हूं और हमेशा पार्टी के साथ खड़ा रहा हूं’.
देरी पर IUML ने जताई नाराजगी
इस बीच UDF की अहम सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने मुख्यमंत्री के नाम में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की है. IUML के पास गठबंधन में 22 सीटें हैं और वह सरकार गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. IUML के मलप्पुरम जिला महासचिव पी अब्दुल हमीद ने कहा कि देरी से पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता में असंतोष फैल चुका है. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘निर्णय में पहले ही देरी हो चुकी है. अगर इसमें और देरी हुई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. हमें उम्मीद है कि AICC नेतृत्व इस बात को समझेगा’.



