डेमोग्राफी पैनल को लेकर कांग्रेस का निशाना, जयराम रमेश ने उठाए सवाल

राज्यों से डेमोग्राफिक चेंजेज कमेटी के धर्मवार डेटा मांगने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए. जयराम रमेश ने एजेंडा पूर्वाग्रहपूर्ण बताया और दावा किया कि कमेटी की रिपोर्ट पहले ही तैयार हो सकती है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राज्यों से डेमोग्राफिक चेंजेज कमेटी के धर्मवार डेटा मांगने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए. जयराम रमेश ने एजेंडा पूर्वाग्रहपूर्ण बताया और दावा किया कि कमेटी की रिपोर्ट पहले ही तैयार हो सकती है.

केंद्र सरकार की ओर से गठित हाई लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंजेज को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को कमेटी की ओर से राज्यों से मांगी जा रही जानकारी को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि पैनल का एजेंडा गलत है और इसमें पहले से तय पूर्वाग्रह साफ दिखाई देते हैं. जयराम रमेश ने यह भी कहा कि संभव है कि कमेटी की रिपोर्ट पहले ही तैयार हो चुकी हो.

धर्म के आधार पर 15 साल का डेटा मांगा गया
दरअसल, ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय की ओर से गठित हाई लेवल कमेटी ने राज्यों से पिछले 15 सालों का धर्मवार डेटा मांगा है. इसमें जन्म पंजीकरण, वाहनों के रजिस्ट्रेशन, स्कूलों में नामांकन और संपत्ति से जुड़े लेनदेन की जानकारी शामिल है. कमेटी ने जिलावार धार्मिक ढांचों की जानकारी और आधार, वोटर आईडी के साथ ही राशन कार्ड के रजिस्ट्रेशन में असामान्य बढ़ोतरी का डेटा भी मांगा है. रिपोर्ट के मुताबिक, कमेटी ने राज्यों से धार्मिक धर्मांतरण, खास तौर पर अनुसूचित जनजाति समुदायों के बीच धर्मांतरण को लेकर खुफिया आकलन और आयोगों की रिपोर्ट भी मांगी है.

राज्यों के सामने डेटा जुटाने की चुनौती
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यों के कई विभागों के लिए कमेटी के सवालों का जवाब देना मुश्किल हो रहा है. इसकी एक वजह यह है कि सरकारी विभाग आम तौर पर जन्म, वाहन, स्कूल नामांकन या संपत्ति से जुड़ा डेटा धर्म के आधार पर तैयार नहीं करते. कमेटी ने कुल 35 सवालों के जरिए राज्यों से अलग-अलग जानकारियां मांगी हैं. इनमें वोटर आईडी, आधार और राशन कार्ड के रजिस्ट्रेशन में असामान्य बढ़ोतरी से लेकर संपत्ति खरीद और धार्मिक ढांचों से जुड़े आंकड़े तक शामिल हैं.

जयराम रमेश ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस की रिपोर्ट को शेयर करते हुए कमेटी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने लिखा कि इस पैनल का एजेंडा गलत है और पूर्वाग्रह से ग्रसित है. जयराम रमेश ने आगे दावा किया कि कमेटी की रिपोर्ट पहले से तैयार होगी.

कमेटी का गठन क्यों हुआ?
हाई लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंजेज का गठन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किया है. कमेटी का काम जनसांख्यिकीय बदलावों से जुड़े पहलुओं का अध्ययन करना और सरकार को आवश्यक उपायों की सिफारिश करना है. कमेटी की अध्यक्षता रिटायर जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर कर रहे हैं.

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