पेट साफ न होने से फीकी पड़ने लगती है चेहरे की चमक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पाचन में होने वाली गड़बड़ी के कारण कब्ज की समस्या होना काफी सामान्य है। सामान्यतौर पर घरेलू उपचार और कुछ दवाइयों के माध्यम से यह समस्या ठीक हो जाती है। पर क्या आप जानते हैं कि अगर आपको क्रोनिक कब्ज की दिक्कत है, यानी कि लंबे समय से अक्सर कब्ज बनी रहती है तो इससे आपके स्किन पर भी साइड-इफेक्ट्स हो सकते हैं? अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि क्रोनिक कब्ज की दिक्कत कुछ लोगों में एक्जिमा का कारण बन सकती है। एक्सपर्ट्स कहते हैं, त्वचा की स्थितियों के आधार पर स्वास्थ्य का अंदाजा लगाया जा सकता है। पेट में होने वाली समस्याओं का असर त्वचा पर भी हो सकता है, जिसको लेकर विशेष ध्यान देने और उचित इलाज की आवश्यकता है।

कब्ज के दुष्प्रभाव

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि हार्मोनल असंतुलन के जोखिम या कोलन की संरचना के कारण महिलाओं को कब्ज होने का खतरा अधिक हो सकता है। हालांकि पुरुषों में भी यह खतरा उतना ही अधिक पाया गया है। कब्ज की स्थिति के कारण पेट में गड़बड़ी, ठीक तरीके से मल त्याग करने में दिक्कत आदि हो सकती है। डॉक्टर्स कहते हैं, आहार और दिनचर्या को ठीक रखकर इस जोखिम को कम किया जा सकता है।

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का असर

त्वचा और आंत की परत दोनों, एलर्जी और रोगजनकों के खिलाफ रक्षा करते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि जब गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कार्यों में कोई बाधा आती है, तो शरीर अन्य अंगों के माध्यम से विषाक्त पदार्थों को खत्म करने की कोशिश करता है जिससे त्वचा पर धब्बे, दाने और चकत्ते दिखाई देते हैं। इसके कारण त्वचा में कई अन्य समस्याएं जैसे काले घेरे, आंखों के नीचे सूजन और मुंहासे भी हो सकते हैं।

कब्ज से बचाव

अगर आपको कब्ज की समस्या बनी रहती है और इस वजह से कुछ प्रकार की त्वचा संबंधी दिक्कतें भी हैं तो सबसे पहले पाचन को ठीक करने के उपाय किए जाने आवश्यक है। आहार में प्रोबायोटिक्स और फाइबर वाली चीजों को अधिक से अधिक शामिल करें, जिससे पाचन विकारों को ठीक किया जा सके। पाचन स्वास्थ्य में होने वाली गड़बड़ी त्वचा के साथ कई प्रकार की और दिक्कतों को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। रोज 30 मिनट वॉक या योग करें ताकि आंतों की गतिविधि बेहतर हो। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीकर शरीर को हाइड्रेटेड रखें।

कब्ज से त्वचा में होने वाली समस्याएं

शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि जिन लोगों को अक्सर कब्ज की समस्या बनी रहती है, उनमें एक्जिमा होने का खतरा अधिक होता है। ताइवान के 170,000 से अधिक लोगों पर किए गए एक अध्ययन में पता चला कि कब्ज वाले लोगों को अन्य लोगों की तुलना में एक्जिमा होने का जोखिम दो गुना तक अधिक हो सकता है। इसके अलावा कब्ज की वजह से शरीर में टॉक्सिन्स (हानिकारक तत्व) जमा होने लगते हैं, जो रक्त के जरिए त्वचा तक पहुंचकर कई समस्याएं पैदा करते हैं। जब पेट साफ नहीं होता, तो शरीर का मुख्य डिटॉक्स सिस्टम प्रभावित होता है। इससे आंत और त्वचा के बीच का संतुलन बिगड़ जाता है। अपशिष्ट पदार्थ बाहर न निकलने से हानिकारक तत्व दोबारा अवशोषित होते हैं। यह त्वचा के छिद्रों को बंद कर मुंहासे पैदा करता है। पेट साफ न होने से शरीर पोषक तत्वों को ठीक से सोख नहीं पाता।

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