जगती टाउनशिप में सात दिनों में फैली गैस्ट्रोएंटेराइटिस, 59 लोग प्रभावित
जम्मू के जगती टाउनशिप में गैस्ट्रोएंटेराइटिस के 59 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में चिंता का माहौल है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जम्मू के जगती टाउनशिप में गैस्ट्रोएंटेराइटिस के 59 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में चिंता का माहौल है। बीते सात दिनों के भीतर बीमारी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
प्रारंभिक जांच में बीमारी के फैलने का मुख्य कारण दूषित पानी की गुणवत्ता मानी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाके में सक्रिय हैं और पानी के नमूनों की जांच की जा रही है। हालांकि, विस्तृत जांच रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है। लोगों को उबला हुआ या शुद्ध पानी पीने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और खुले में भोजन करने से बचने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।
जम्मू के जगती टाउनशिप स्थित कश्मीरी पंडित आवासीय क्षेत्र में गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मामलों में अचानक बढ़ोतरी सामने आई है. पिछले सात दिनों में यहां 59 लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में चिंता बढ़ गई है. डॉक्टरों ने बताया कि कुछ लोगो का इलाज ओपीडी के माध्यम से किया जा रहा है. मरीजों और उनके परिजनों ने भी स्वास्थ्य सुविधाओं और साफ पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई है.
सरकारी अस्पताल जगती के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संजय रैना ने बताया कि बीते दो से तीन दिनों में रोजाना औसतन 12 से 13 नए मामले सामने आ रहे हैं. सभी मरीज जगती टाउनशिप से ही रिपोर्ट हुए हैं, जिसे देखते हुए इसे एक संभावित हॉटस्पॉट माना जा रहा है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के सटीक कारण और आगे की कार्रवाई को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है.
पानी की गुणवत्ता पर उठे सवाल
डॉ. रैना के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में राहत आयुक्त को सूचित कर दिया गया है और जल शक्ति विभाग को पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए पत्र लिखा गया है. प्राथमिक तौर पर संदेह है कि पानी की आपूर्ति या फिल्ट्रेशन प्लांट में किसी तरह की गड़बड़ी हो सकती है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी.
अस्पताल में कई मरीजों को भर्ती किया गया है, जबकि कुछ का इलाज ओपीडी के माध्यम से किया जा रहा है. मरीजों और उनके परिजनों ने भी स्वास्थ्य सुविधाओं और साफ पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई है.
लोगों से प्रशासन ने की ये अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उबला हुआ या शुद्ध पानी ही पीएं, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के सटीक कारण और आगे की कार्रवाई को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है.


