भारत से अच्छा पाकिस्तान लिखना पड़ा भारी? सोशल मीडिया पोस्ट के बाद ATS ने 5 को उठाया
महाराष्ट्र ATS ने देश-विरोधी और भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में कार्रवाई की है. 'भारत से अच्छा पाकिस्तान है' जैसे आपत्तिजनक संदेश पोस्ट करने वाले ठाणे के पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: महाराष्ट्र ATS ने देश-विरोधी और भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में कार्रवाई की है. ‘भारत से अच्छा पाकिस्तान है’ जैसे आपत्तिजनक संदेश पोस्ट करने वाले ठाणे के पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है.
महाराष्ट्र में देश-विरोधी और भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने बड़ी कार्रवाई की है. एटीएस ने ठाणे जिले के मुंब्रा से पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है. ‘भारत से अच्छा पाकिस्तान है पोस्ट के बाद एटीएस द्वारा ये कार्रवाई की गई है. पांचों संदिग्ध लोगों का हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. उनके बैकग्राउंड, सोशल मीडिया डिटेल्स और पाकिस्तान कनेक्शन चेक किए जा रहे हैं.
मुंब्रा इलाके से इसके पहले भी कई बार आतंकी गतिविधियों को संचालित किया गया है. पहले भी यहां से कई टेरर आउटफिट के स्लीपर सेल पकड़े गए हैं, इसलिए पाकिस्तान की तारीफ वाला ये मैसेज काफी अहम है और स्वतंत्रता दिवस के पहले एटीएस कोई मौका छोड़ना नहीं चाहती, इसलिए पांचों को हिरासत मैं लेकर पूछताछ जारी है.
कई आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट किए
जानकारी के अनुसार, इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने सोशल मीडिया पर भारत से अच्छा पाकिस्तान है जैसे आपत्तिजनक और देश-विरोधी संदेश पोस्ट किया. इसके अलावा भी कई आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस ने जांच शुरू कर दी है. हिरासत में लिए गए पांचों लोगों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं.
मामले में और लोगों की हो सकती है गिरफ्तारी
एटीएस की टीम हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स तथा पोस्ट की जांच की जा रही है. यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पोस्ट के पीछे किसी संगठित नेटवर्क या अन्य लोगों की भूमिका है या नहीं. फिलहाल एटीएसकी कार्रवाई जारी है और मामले में आगे और लोगों से पूछताछ या गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया गया है. बताया जा रहा है कि ये सभी वर्ष 2022 से टेलीग्राम के जरिए एक ग्रुप से जुड़े हुए थे. इस ग्रुप को कश्मीर का रहने वाला एक व्यक्ति संचालित करता था. ऐसी आशंका जांच एजेंसी की ओर से जताई गई है. मामले की विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी.



