हेलो मिस्टर मोदी

यूएस में फोन टेपिंग को लेकर राहुल ने लगाए मोदी सरकार पर गंभीर आरोप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिका में अपने फोन टेपिंग को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया गया है कि उनके फोन को टैप किया जा रहा है। दरअसल, अमेरिका के दौरे पर पहुंचे राहुल सिलिवन वैली के स्टार्टअप एंटयप्रेन्योर के साथ बातचीत कर रहे थे। वह ‘प्लग एंड प्ले’ ऑडिटोरियम में एंटयप्रेन्योर को संबोधित कर रहे थे। राहुल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा, मशीन लर्निंग के इंसानों पर प्रभाव पर बात की। डाटा पर बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि डाटा दुनिया में नया सोना बनकर उभरा है और भारत जैसे देशों को इसकी क्षमता का अंदाजा लग गया है। उन्होंने आगे बताया कि डाटा सेफ्टी और सिक्योरिटी को लेकर उचित नियम होने चाहिए। इसके बाद ही उन्होंने फोन टैप किए जाने का आरोप लगाया। राहुल पेगासस स्पाइवेयर और उसके जैसी टेक्नोलॉजी के मुद्दे पर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान राहुल ने ऑडियंस में बैठे लोगों से कहा कि वह अब इस तरह की टेक्नोलॉजी को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं। राहुल ने यहां तक कह दिया कि वह बखूबी जानते हैं कि उनके फोन को टैप किया जा रहा है। फिर उन्होंने मजाकिया अंदाज में मोबाइल निकालकर कहा, ‘हेलो, मिस्टर मोदी।’ उन्होंने कहा, ‘मैं ये मानकर चलता हूं कि मेरा आईफोन टैप किया जा रहा है। आपको एक देश और एक व्यक्ति के रूप में डाटा इंफोर्मेशन की गोपनीयता के संबंध में नियम बनाने की जरूरत है।’ राहुल ने दावा किया कि अगर किसी देश ने फैसला कर लिया है कि वह आपके फोन को टैप करना चाहता है, तो उसे ऐसा करने से कोई रोक नहीं सकता है। ऐसा मेरा मानना है। वह आगे कहते हैं कि अगर किसी देश की फोन टैपिंग की इच्छा है, तो फिर ये एक ऐसी लड़ाई है, जिसे लडऩे का कोई फायदा नहीं है। मुझे लगता है कि मैं जो भी करता हूं, उसकी जानकारी सरकार को है।


मुझे मानहानि की इतनी बड़ी सजा मिली

वॉशिंगटन। अमेरिका मे राहुल गांधी ने गुरुवार को संसद सदस्य के रूप में खुद को अयोग्य घोषित किए जाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं शायद पहला व्यक्तिहूं जिसे मानहानि के लिए अधिकतम सजा दी गई है। अमेरिका में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की यात्रा के दौरान राहुल ने कहा, मुझे नहीं लगता कि जब मैं 2004 में राजनीति में आया था, तो मैंने कभी नहीं सोचा था जो आज देश में हो रहा है। मानहानि के लिए अधिकतम सजा पाने वाला मैं पहला व्यक्ति हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ संभव है।

ये हमारी लड़ाई है, मैं किसी से मदद नहीं मांग रहा हूं

राहुल गांधी से पूछा गया कि क्या वह घरेलू चुनौतियों से निपटने के लिए विदेशी मदद मांग रहे हैं। उन्होंने इनकार करते हुए कहा, मैं किसी से समर्थन नहीं मांग रहा हूं। मुझे पता है कि हमारी लड़ाई। लेकिन हां, यहां भारत के युवा छात्र हैं और मैं उनसे संवाद करना चाहता हूं और ऐसा करना मेरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को भी लोगों से बातचीत करनी चाहिए और कुछ कठिन सवालों के जवाब देना चाहिए।

भारत में विपक्ष संघर्ष कर रहा है

राहुल गांधी ने स्टैनफोर्ड में कहा कि सांसद के रूप में उनकी बर्खास्तगी ने उन्हें संसद में बैठने की तुलना में एक बड़ा अवसर दिया। यहां पर उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र किया। राहुल ने कहा, भारत में विपक्ष संघर्ष कर रहा है। बीजेपी ने संस्थानों पर कब्जा कर लिया है। हम लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहे हैं। जब हमने देखा कि कोई भी संस्थान हमारी मदद नहीं कर रहा है तो हम सडक़ों पर उतर आए और इस तरह भारत जोड़ो यात्रा हुई।

राहुल विदेश जाकर सिर्फ विलाप करते हैं : रविशंकर प्रसाद

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अमेरिका में दिए बयान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संस्थाओं का सम्मान नहीं करते और विदेश जाकर विलाप करते हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मोहब्बत का पैगाम बहाना है, राहुल गांधी नफरत का बाजार फैला रहे हैं, वो भारत के विकास के खिलाफ हैं, उन्होंने कहा कि राहुल मोदी के विकास के खिलाफ अविश्वास का बाजार फैलाते हैं। बीजेपी सांसद ने कहा कि राहुल गांधी की प्राथमिकता दुनिया में घूम-घूमकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नफरत फैलाना है, वो नफरत की दुकान चलाने निकले हैं। दरअसल राहुल गांधी ने कहा, भाजपा लोगों को धमका रही है और सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है. ‘भारत जोड़ो यात्रा इसलिए शुरू की गई क्योंकि लोगों से जुडऩे के लिए हमें जिन साधनों की जरूरत थी, उन सभी पर भाजपा- आरएसएस का नियंत्रण है।

मणिपुर हिंसा की जांच के लिए बनेगा न्यायिक आयोग

  • हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे निगरानी
  • गृहमंत्री नेकी घोषणा- सीबीआई की टीम भी करेगी जांच
  • हथियार जमा करें, नहीं तो सख्त कार्रवाई होगी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
इंफाल। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एलान किया कि मणिपुर हिंसा की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया जाएगा। साथ ही सीबीआई द्वारा भी हिंसा की घटनाओं की जांच की जाएगी। गृहमंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच होगी। अमित शाह ने पीड़ितों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देने का एलान किया, जिनमें से 5 लाख केंद्र सरकार और पांच लाख राज्य सरकार द्वारा दिए जाएंगे। गृहमंत्री ने लोगों से अपील की कि जिनके पास हथियार हैं, वो हथियार पुलिस के पास जमा कर दें। कल से पुलिस कॉम्बिंग करेगी और कॉम्बिंग के दौरान जिन लोगों के पास हथियार मिलेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य में शांति बहाली के लिए राज्यपाल की अध्यक्षता में एक शांति समिति का भी गठन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न नागरिक संगठनों के लोगों को भी शामिल किया जाएगा।

फिर भडक़ी हिंसा

वहीं अमित शाह के दौरे के बीच ही राज्य में फिर हिंसा भडक़ गई। दरअसल कुकी उग्रवादियों के साथ गोलीबारी में तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना बिशनुपुर जिले की है। घायलों को इंफाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबर के अनुसार, पुलिस और उग्रवादियों के बीच गोलीबारी बुधवार रात को तांगजेंग इलाके में खुंबी पुलिस स्टेशन में हुई। साथ ही इंफाल पूर्व के चानुंग इलाके में भी भारी गोलीबारी की खबर है। हालांकि वहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

हिंसा में अभी तक 80 लोगों की मौत

बता दें कि मणिपुर में करीब एक महीने पहले ट्राइबल सॉलिडेरिटी मार्च के दौरान हिंसा भडक़ी थी। दरअसल मैती समुदाय के लोग जनजातीय आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इसी के खिलाफ मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में ट्राइबल मार्च के दौरान हिंसा भडक़ी। हिंसा में अभी तक 80 के करीब लोगों की मौत हो चुकी है। कई उग्रवादी संगठनों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ की खबरें सामने आई हैं। सेना और पुलिस द्वारा जगह जगह सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।

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