‘मुझे मेरे बेटे के लिए न्याय चाहिए’, रंजना शर्मा ने CM योगी से की इंसाफ की मांग

लखनऊ में शिवा शर्मा की मौत के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस घर में कभी खुशियां और अपनों की आवाजें गूंजती थीं,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: लखनऊ में शिवा शर्मा की मौत के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस घर में कभी खुशियां और अपनों की आवाजें गूंजती थीं,

वहां अब बेटे को खोने का गम है। परिवार के लिए शिवा की मौत को स्वीकार करना आसान नहीं है। खासकर उनकी मां रंजना शर्मा के लिए यह समय बेहद पीड़ादायक है।

बेटे को खोने के बाद एक मां के मन में उठने वाले सवालों का जवाब मिलना आसान नहीं होता। रंजना शर्मा और उनके परिवार के सामने भी इस समय कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। परिवार जानना चाहता है कि आखिर शिवा के साथ क्या हुआ, इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है और उन्हें न्याय कब मिलेगा?

शिवा की मौत को करीब 10 दिन बीत चुके हैं। इन दिनों में परिवार का दर्द कम होने के बजाय इंसाफ की उम्मीदों के साथ और गहरा होता जा रहा है। हर गुजरते दिन के साथ परिवार की नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।

इस पत्र के माध्यम से रंजना शर्मा ने बेटे के लिए न्याय की गुहार लगाई है. शिवा की मां ने सीएम योगी के सामने कुछ मांगें भी रखी हैं. उन्होंने कहा कि मुझे न्याय की आशा है. मेरे बेटे की मृत्यु के मामले को गंभीरता से लिया जाए और न्याय दिलाया जाए. मामले में जो भी संबंधित अधिकारी हैं, वो निष्पक्ष एवं उचित कार्रवाई करें. बेटे को खोने के कारण हमारा परिवार गहरे दुख और पीड़ा में है.

मां के लिए अपने बेटे को खोने से बड़ा दुख कोई नहीं

रंजना शर्मा ने कहा कि कि एक मां के लिए अपने बेटे को खोने से बड़ा दुख कोई नहीं हो सकता. हमारा परिवार चाहता है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो. सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए तथा दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिले. हमें आशंका है कि यदि मामले की गंभीरता से जांच नहीं हुई, तो न्याय मिलने में देरी हो सकती है.

रंजना शर्मा ने सीएम योगी से की हैं ये सात मांगें

शिवा शर्मा की हत्या के मामले में तत्काल निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित कराई जाए.

श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जाए और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए. घटनास्थल से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन एवं डिजिटल साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य महत्वपूर्ण सबूतों को सुरक्षित रखकर उनकी विधिसम्मत जांच कराई जाए.

मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यकतानुसार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में जांच कराई जाए. यदि किसी प्रकार की लापरवाही, साक्ष्यों से छेड़छाड़ अथवा जांच को प्रभावित करने का प्रयास सामने आता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए.

पीड़ित परिवार को सुरक्षा एवं न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा जाँच की प्रगति से अवगत कराया जाए. मामले में सभी आरोपियों के विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के अनुसार कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके.

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