जामिया में छात्रों के आंदोलन का असर, मांगें पूरी होने पर टूटी भूख हड़ताल!

आलम रिजवी ने बताया, “इसके बाद इसे कानूनी जांच के लिए भेजा जाएगा, फिर एकेडमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल के पास ले जाया जाएगा,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) यूनिवर्सिटी में लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन को बड़ी जीत मिली है. यहां 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन चल रही भूख हड़ताल अब खत्म हो गई है.

यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से छात्रों की मांगे मान ली गई हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार, प्रो. मो. महताब आलम रिजवी ने कहा, “हमें छात्रों की ओर से 3 मांगें मिली थीं. हमने उनकी तीनों मांगें मान ली हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ के संविधान को मंज़ूरी देने और लागू करने का काम 15 मई, 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा.”

उन्होंने बताया, “हमने यह भी कहा है कि संविधान के ड्राफ्ट में सिर्फ प्रोफ़ेसर या कानूनी विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि छात्रों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. हर फैकल्टी से एक प्रतिनिधि होगा, ताकि छात्रों का प्रतिनिधित्व और उनके विचार लोकतांत्रिक तरीके से हम तक पहुंच सकें. छात्रों और हमारी समिति के विचार मिलने के बाद, हम उन्हें संबंधित पक्षों (स्टेकहोल्डर्स) के पास उनकी राय जानने के लिए भेजेंगे.

कब से कराए जाएंगे चुनाव?

आलम रिजवी ने बताया, “इसके बाद इसे कानूनी जांच के लिए भेजा जाएगा, फिर एकेडमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल के पास ले जाया जाएगा, और अंत में अंतिम सहमति के लिए ‘विजिटर नॉमिनी’ के पास भेजा जाएगा. हमने यह भी मान लिया है कि शैक्षणिक सत्र शुरू होने के 6 हफ्तों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे, यानी 16 जुलाई 2027 से लगभग 6 हफ्तों के अंदर.”

रिजवी के कहा, “छात्रों की तीसरी मांग के अनुसार, हमने उन छात्रों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को रद्द कर दिया है, जिन्हें विरोध-प्रदर्शन के दौरान निष्कासित या सस्पेंड किया गया था, या जिन्हें ‘शो-कॉज’ नोटिस जारी किया गया था. 8 नवंबर तक दिवाली की छुट्टियां हैं. जब छात्र छुट्टियों के बाद वापस आएंगे, तो मैं उनसे अनुरोध करूंगा कि हम अपनी ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू करें.”

एबिन ने खत्म की भूख हड़ताल

जामिया मिलिया इस्लामिया में लॉ के तीसरे वर्ष के छात्र एबिन बेसिल ने विश्वविद्यालय में छात्र संघ को बहाल करने की मांगें मान लिए जाने के बाद, 18वें दिन अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर दी हैं. यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आज हमारी भूख हड़ताल का 18वां दिन है, और जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन के बाद मैं इसे समाप्त कर रहा हूं.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं. मैं जामिया के उन सभी छात्रों का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जो हमारे साथ खड़े रहे, और अपने उन साथियों का भी धन्यवाद करता हूं जो इस भूख हड़ताल में मेरे साथ शामिल हुए. यह छात्रों की जीत है, जामिया की जीत है और लोकतंत्र की जीत है.”

विरोध के कारण रद्द हुआ स्थापना दिवस समारोह

छात्रों के इस विरोध-प्रदर्शन के कारण यूनिवर्सिटी ने 22 अक्टूबर को होने वाला अपना ‘स्थापना दिवस समारोह’ और 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलने वाला प्रसिद्ध ‘तालिमी मेला’ रद्द कर दिया था. इस सालाना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का भाषण, झंडा फहराना और गार्ड ऑफ ऑनर जैसी औपचारिकताएं होती थीं.

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