भारतीय सेना के K9 डॉग्स बने आकर्षण का केंद्र, ट्रैकिंग क्षमता देख दंग रह गए लोग
भारतीय सेना के K9 डॉग्स ने प्रगति 2026 सैन्य अभ्यास में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया. बेल्जियन मेलिनोइस, रैंपुर हाउंड जैसे प्रशिक्षित डॉग्स ने बम खोजने, दुश्मन को ट्रैक करने और सैनिकों की सहायता करने में अहम भूमिका निभाई.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भारतीय सेना के K9 डॉग्स ने प्रगति 2026 सैन्य अभ्यास में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया. बेल्जियन मेलिनोइस, रैंपुर हाउंड जैसे प्रशिक्षित डॉग्स ने बम खोजने, दुश्मन को ट्रैक करने और सैनिकों की सहायता करने में अहम भूमिका निभाई.
प्रगति 2026 सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना के K9 डॉग्स ने अपनी ड्रिल्स से सबका ध्यान खींचा है. अलग-अलग देशों की सेनाओं के साथ चल रहे इस अभ्यास में सेना के प्रशिक्षित डॉग्स ने आधुनिक सैन्य ऑपरेशन में अपनी अहम भूमिका दिखाई. इन K9 डॉग्स ने बम खोजने, दुश्मन की गतिविधियों को ट्रैक करने और ऑपरेशन में सैनिकों की मदद करने जैसी क्षमताओं का प्रदर्शन किया.
अभ्यास में बेल्जियन मेलिनोइस नस्ल का असॉल्ट डॉग एलन, रैंपुर हाउंड ट्रैकर डॉग विक्टर और लैब्राडोर एक्सप्लोसिव डिटेक्शन डॉग देओ खास आकर्षण रहे. भारतीय सेना के लिए बड़ी बात यह रही कि स्वदेशी नस्ल रैंपुर हाउंड ने भी अपनी क्षमता दिखाई. यह नस्ल कठिन मौसम में काम करने और ज्यादा सहनशक्ति के लिए जानी जाती है. सेना अब आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत भारतीय नस्ल के डॉग्स को भी ऑपरेशनल ड्यूटी में शामिल कर रही है.
K9 डॉग्स ने दिखाई सभी तरह के वातावरण में काम करने की क्षमता
अभ्यास के दौरान K9 डॉग्स ने रेगिस्तान से लेकर बर्फीले इलाकों तक हर तरह के वातावरण में काम करने की क्षमता दिखाई। सेना के मुताबिक ये डॉग्स दुश्मन की पहचान, विस्फोटक खोजने और ऑपरेशन में तेजी लाने में बेहद मददगार साबित होते हैं. भारत की सीमाएं जहां कश्मीर में बेहद ठंडी हैं, वहीं गुजरात राजस्थान में बेहद गर्म में ऐसे में डॉग जो दोनों तरह के मौसम में ऑपरेशन कर सकें, वह भारतीय सेना की ताकत और बढ़ा सकते हैं.
रोबोटिक डॉग्स का भी हुआ प्रदर्शन
प्रगति 2026 में रोबोटिक डॉग्स का भी प्रदर्शन किया गया है. इससे भविष्य के युद्ध में आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित सैन्य डॉग्स के साथ मिलकर काम करने की नई तस्वीर सामने आई. भारतीय सेना ने कहा कि K9 वॉरियर्स आधुनिक युद्ध में साइलेंट हीरोज की तरह काम कर रहे हैं और सेना की ताकत को कई गुना बढ़ा रहे हैं. भविष्य की जरूरतों और खतरों देखते हुए भारतीय सेना हर तरह के ड्रोन विकसित करने पर तेजी से काम कर रही है.



