राजकोट में गरजे इसुदान गढ़वी, बदले की राजनीति पर तीखा वार
राजकोट में आम आदमी पार्टी के नेता इसुदान गढ़वी ने जनसंपर्क के दौरान बदले की राजनीति पर जोरदार हमला बोला...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः राजकोट के वार्ड नंबर 18 में आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी ने तगड़ा प्रचार अभियान चलाया.. और उन्होंने बदले की राजनीति पर जमकर हमला बोला.. और जनता से काम की राजनीति चुनने की अपील की.. घर-घर जाकर उन्होंने AAP उम्मीदवारों का समर्थन मांगा.. यह अभियान गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव 2026 के मद्देनजर चलाया गया.. जहां AAP पूरे राज्य में अपनी जमीनी ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रही है..
ईशुदान गढ़वी ने राजकोट शहर के वार्ड नंबर 18 में पहुंचकर AAP के उम्मीदवारों के साथ मिलकर जनता के बीच गए.. उन्होंने हर घर का दरवाजा खटखटाया, लोगों से बात की.. और उनके मुद्दों को सुना.. गढ़वी ने साफ कहा कि गुजरात की राजनीति में अब बदले की राजनीति का दौर खत्म होना चाहिए.. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पार्टियां सिर्फ सत्ता के लिए एक-दूसरे से बदला लेती हैं.. जबकि आम आदमी की समस्याएं अनसुलझी रह जाती हैं.. इसके बजाय उन्होंने AAP की काम की राजनीति को आगे बढ़ाने की बात कही.. AAP की यह राजनीति दिल्ली और पंजाब में सरकार चलाने के अनुभव पर आधारित है.. जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसे बुनियादी मुद्दों पर काम किया गया है.. गढ़वी ने जनता से अपील की कि वे ऐसे उम्मीदवारों को चुनें जो वाकई में काम करें, न कि सिर्फ वादे करें..
आपको बता दें कि यह अभियान AAP की रणनीति का हिस्सा है.. पार्टी गुजरात में नगर निगम और अन्य स्थानीय चुनावों में सभी 12,000 सीटों पर उम्मीदवार उतार रही है.. राजकोट नगर निगम के वार्ड नंबर 18 में AAP ने अपने पैनल के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है..
गढ़वी के नेतृत्व में यह डोर-टू-डोर प्रचार इसलिए महत्वपूर्ण है.. क्योंकि राजकोट गुजरात का एक बड़ा औद्योगिक और शहरी केंद्र है.. यहां की जनता विकास, रोजगार, साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की मांग करती है.. गढ़वी ने लोगों से कहा कि AAP इन मुद्दों पर काम करने के लिए तैयार है.. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि AAP शासित राज्यों में कैसे सस्ती बिजली, अच्छी शिक्षा.. और स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं..
ईशुदान गढ़वी AAP के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष हैं.. वे पहले एक लोकप्रिय टीवी पत्रकार थे.. वीटीवी गुजराती चैनल पर ‘महामंथन’ नाम का शो चलाते थे.. जिसमें उन्होंने गुजरात के गांवों-शहरों की समस्याओं को उजागर किया.. पत्रकारिता से राजनीति में आए गढ़वी ने 2021 में AAP जॉइन की.. 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया था.. हालांकि पार्टी को ज्यादा सीटें नहीं मिलीं.. लेकिन गढ़वी की लोकप्रियता बढ़ी.. अब 2026 के स्थानीय चुनावों में वे पार्टी को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.. गढ़वी का जन्म देवभूमि द्वारका जिले के पिपलिया गांव में हुआ था.. वे OBC समुदाय से हैं और जनता से सीधा जुड़ाव रखते हैं..
वार्ड नंबर 18 में प्रचार के दौरान गढ़वी ने कई परिवारों से मुलाकात की.. कुछ घरों में महिलाओं ने बिजली बिल और पानी की समस्या बताई.. कुछ युवाओं ने रोजगार की बात कही.. गढ़वी ने हर समस्या को ध्यान से सुना और AAP के प्लान बताए.. और उन्होंने कहा कि बदले की राजनीति ने गुजरात को नुकसान पहुंचाया है.. अब समय है काम की राजनीति का.. AAP सिर्फ सत्ता नहीं, सेवा के लिए आई है.. यह वाक्य जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया.. कई लोग उनके साथ सेल्फी लेने और बात करने के लिए इकट्ठा हो गए..
AAP गुजरात में स्थानीय चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देख रही है.. पार्टी का मानना है कि अगर स्थानीय स्तर पर काम दिखाया गया.. तो लोग AAP पर भरोसा करेंगे.. राजकोट में AAP ने पहले भी कुछ वार्डों में बैनर लगाए थे.. लेकिन कुछ जगहों पर विवाद भी हुआ.. फिर भी पार्टी जमीनी स्तर पर सक्रिय है.. गढ़वी का यह अभियान AAP की परिवर्तन यात्रा का हिस्सा लगता है.. जो पहले भी गुजरात में चलाई गई थी..
वहीं इस अभियान की खास बात यह थी कि गढ़वी अकेले नहीं.. बल्कि स्थानीय AAP कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों के साथ थे.. और उन्होंने जनता से कहा कि AAP उम्मीदवार अगर चुने गए तो वे सीधे वार्ड के विकास पर काम करेंगे.. सड़क, नाली, पार्क, स्कूल और अस्पताल जैसे मुद्दों पर फोकस होगा.. गढ़वी ने BJP और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टियां सालों से सत्ता में हैं.. लेकिन गुजरात के छोटे-छोटे इलाकों में बदलाव नहीं ला पाईं.. बदले की राजनीति का जिक्र करते हुए उन्होंने उदाहरण दिया कि कैसे कुछ नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे रहते हैं.. जबकि जनता की समस्याएं बढ़ती जाती हैं..
जनता की प्रतिक्रिया भी सकारात्मक रही.. कुछ लोग गढ़वी को पहचानते थे क्योंकि वे टीवी पर आते थे.. एक बुजुर्ग ने कहा कि आपकी बात सच्ची लगती है.. हमें काम चाहिए, न कि राजनीति का खेल.. महिलाओं ने शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर दिया.. युवाओं ने रोजगार और स्किल डेवलपमेंट की मांग की.. गढ़वी ने सबको आश्वासन दिया कि AAP सरकार बने तो ये सब मुद्दे हल होंगे..



