जोशी Vs जोशी: किसे मिलेगा आशीष? BJP में अंदरूनी घमासान
नगर निगम चुनाव से पहले गुजरात की राजनीति में जोशी सरनेम वाले नेताओं के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः वडोदरा, गुजरात का सांस्कृतिक और औद्योगिक केंद्र.. लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ रहा है.. महाराष्ट्र के बाद गुजरात में महानगरपालिका चुनावों की घोषणा होने वाली है.. राजनीतिक विश्लेषक इन चुनावों को 2027 विधानसभा चुनावों से पहले का सेमीफाइनल मान रहे हैं.. वडोदरा नगर निगम में बीजेपी का दबदबा दशकों पुराना है.. लोकसभा चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन हमेशा शानदार रहा है.. वहीं अब इन चुनावों में जोशी सरनेम वाले तीन ब्राह्मण नेताओं.. हेमांग जोशी, ऋत्विक जोशी और आशीष जोशी के बीच दिलचस्प मुकाबला होने वाला है..
वडोदरा गुजरात के 26 लोकसभा क्षेत्रों में से एक है.. यह शहर गायकवाड़ राजवंश की राजधानी रहा है.. यहां महाराष्ट्रियन समुदाय की अच्छी खासी आबादी है.. क्योंकि ऐतिहासिक रूप से महाराष्ट्र से जुड़ाव रहा है.. शहर की कुल आबादी करीब 22 लाख है.. ब्राह्मण समुदाय, खासकर जोशी सरनेम वाले, यहां प्रभावशाली हैं.. 2014 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने वडोदरा से चुनाव लड़ा.. और उन्होंने भारी जीत हासिल की.. भाजपा को 8,45,464 (72.75%), कांग्रेस को 2,75,336 (23.69%) वोट मिले.. मार्जिन 5,70,128 वोट (49.06%) रहा.. यह रिकॉर्ड माना जाता है.. बाद में मोदी ने सीट छोड़ी, उपचुनाव में रंजनबेन भट्ट जीतीं..
2019 में रंजनबेन भट्ट फिर जीतीं.. भाजपा 8,83,719 वोट (72.30%), कांग्रेस 2,94,542 (24.10%) वोट मिले.. 2024 में युवा नेता डॉ. हेमांग जोशी ने भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ा.. उन्होंने 8,73,189 वोट (72.04%) पाए.. कांग्रेस के जशपालसिंह पढियार को 2,91,063 (24.01%).. वहीं वोट प्रतिशत 70 के ऊपर बना रहा.. यह बीजेपी की निरंतर मजबूती दिखाता है.. शहर में भाजपा की पकड़ इतनी मजबूत है कि लोकसभा में विपक्ष मुश्किल से 25% वोट पाता है..
वीएमसी में 76 पार्षद हैं.. (19 वार्ड, हर वार्ड में 4 सीटें, आधी महिलाओं के लिए आरक्षित) है.. भाजपा लंबे समय से नियंत्रण में है.. नगर निगम चुनाव आमतौर पर 5 साल बाद होते हैं.. पिछला चुनाव 2021 के आसपास हुआ था.. अगला 2026 में संभावित है.. गुजरात राज्य चुनाव आयोग स्थानीय निकाय चुनाव चरणबद्ध तरीके से कराता है.. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि महाराष्ट्र के बाद गुजरात के महानगरपालिकाओं (अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा आदि) में चुनाव जल्द घोषित हो सकते हैं.. इन्हें 2027 विधानसभा के टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है.. क्योंकि वडोदरा शहर में स्थानीय मुद्दे (सड़क, पानी, शिक्षा, हर्नी झील जैसी घटनाएं) विधानसभा चुनावों को प्रभावित करते हैं..
हेमांग जोशी वडोदरा के मौजूदा सांसद हैं.. वे एमएस यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा से पढ़े हैं.. डॉक्टरेट स्कॉलर, एचआर विशेषज्ञ है.. 2024 में भाजपा ने उन्हें सरप्राइज कैंडिडेट बनाया.. युवा चेहरे के रूप में चुना गया.. हाल ही में (दिसंबर 2025 के आसपास) उन्हें गुजरात भाजपा युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया.. वे वडोदरा में युवाओं और ब्राह्मण समाज में लोकप्रिय हैं.. वीएमसी चुनाव में उनकी लोकप्रियता का टेस्ट होगा.. क्योंकि वे सांसद हैं और पार्टी की युवा शाखा का चेहरा है.. शहर अध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश सोनी हैं.. लेकिन हेमांग की बढ़ती छवि अन्य दिग्गजों के लिए चुनौती है..
रुत्विज जोशी वडोदरा सिटी कांग्रेस के अध्यक्ष हैं.. वे एमएसयू बारोडा के पूर्व छात्र हैं.. इंडियन यूथ कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव (महाराष्ट्र-मुंबई इंचार्ज), गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता रह चुके है.. अकोटा विधानसभा से 2022 में चुनाव लड़े.. जय जगत समूह से जुड़े बताए जाते हैं.. वे शहर की कांग्रेस को मजबूत करने की कोशिश में हैं.. वडोदरा में कांग्रेस कमजोर है.. लेकिन स्थानीय मुद्दों पर हमला बोलते रहते हैं.. नगर निगम चुनाव में उन्हें जोशी बनाम जोशी मुकाबले में भाजपा के खिलाफ मोर्चा संभालना होगा..
आशीष जोशी वडोदरा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के पार्षद रहे हैं.. वे एमएसयू से पढ़े और मूल रुप से वडोदरा के है.. डभोई विधायक शैलेश मेहता (सोट्टा) ने उन्हें राजनीति में लाया.. और छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय है.. प्रखर हिंदुत्ववादी माने जाते हैं.. हरनी बोट कांड के बाद वे पीड़ित परिवारों के पक्ष में खड़े हुए.. वीएमसी पर सवाल उठाए, सीएम के कार्यक्रम का विरोध किया.. भाजपा ने उन्हें 2025 में निलंबित कर दिया.. मई 2025 में अरविंद केजरीवाल के दौरे में उन्होंने मुलाकात की.. पीड़ित परिवारों के साथ केजरीवाल से मिले.. अब चर्चा है कि क्या वे आप में शामिल हो सकते हैं.. आप उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है.. अगर ऐसा हुआ तो तीन जोशी नेताओं (हेमांग-भाजपा, रुत्विज-कांग्रेस, आशीष-आप?) के बीच सीधा घमासान होगा..
आपको बता दें कि 18 जनवरी 2024 को वडोदरा के हर्नी झील में स्कूल पिकनिक के दौरान बोट पलट गई.. 12 छात्र और 2 शिक्षक समेत कुल 14-16 लोगों की मौत हुई.. वहीं यह घटना यह 1993 के सूरसागर हादसे की याद दिलाता है.. प्रबंधन में लापरवाही, ओवरलोडिंग, लाइसेंस मुद्दे सामने आए.. गुजरात हाईकोर्ट ने सरकार और वीएमसी की आलोचना की.. आशीष जोशी ने लगातार वीएमसी पर हमला बोला.. पीड़ित परिवारों की मदद की, न्याय की मांग की.. दो मांओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने का मामला भी विवादास्पद रहा.. इसी वजह से पार्टी ने उन्हें निलंबित किया.. आशीष अब स्वतंत्र लड़ रहे हैं.. या आप की ओर झुकाव दिखा रहे हैं.. यह घटना वीएमसी चुनाव में स्थानीय मुद्दा बनेगी..



