कथित बदसलूकी के खिलाफ पत्रकारों ने खोला मोर्चा, एक्टिव प्रेस क्लब ने दिया ज्ञापन
दिल्ली के थाना साकेत क्षेत्र में महिला पत्रकार शाहीन एवं नफीसा के साथ हुई कथित बदसलूकी और मारपीट की घटना के विरोध में पत्रकारों में रोष देखने को मिला।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली के थाना साकेत क्षेत्र में महिला पत्रकार शाहीन एवं नफीसा के साथ हुई कथित बदसलूकी और मारपीट की घटना के विरोध में पत्रकारों में रोष देखने को मिला।
घटना के विरोध में राष्ट्रीय एक्टिव प्रेस क्लब के बैनर तले ठाकुरद्वारा क्षेत्र के दर्जनों पत्रकारों ने एकजुट होकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से प्रेषित किया। पत्रकारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और शासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। देश और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को जनता के सामने निष्पक्ष रूप से रखना पत्रकारों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता, धमकी अथवा हिंसा की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।
पत्रकारों का कहना था कि यदि समाचार संकलन और पत्रकारिता के दौरान पत्रकारों को असुरक्षा का सामना करना पड़ेगा तो इसका सीधा असर प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ेगा। विशेष रूप से महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाएं उनकी सुरक्षा और गरिमा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
महिला पत्रकारों के साथ कथित घटना पर जताया विरोध
पत्रकारों ने दिल्ली के साकेत थाना क्षेत्र में महिला पत्रकार शाहीन एवं नफीसा के साथ हुई कथित बदसलूकी और मारपीट की घटना का विरोध करते हुए कहा कि मामले की वास्तविकता सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है। पत्रकारों ने मांग की कि जांच किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त होकर कराई जाए और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकारों के साथ होने वाली घटनाओं को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। पत्रकार अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विभिन्न परिस्थितियों में कार्य करते हैं और उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना सरकार एवं प्रशासन की जिम्मेदारी है।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
राष्ट्रीय एक्टिव प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकारों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन ठाकुरद्वारा के उप जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया। ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा भविष्य में पत्रकारों के साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था किए जाने की मांग की गई।
पत्रकारों ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता केवल पत्रकारों का विषय नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती से सीधे जुड़ा हुआ मुद्दा है।



