कालिंजर मामला: बांदा में झूठी शिकायत का खुलासा, महिला ने किया कबूल
बांदा जिले के ऐतिहासिक कालिंजर किले से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला पूरी तरह झूठा निकला है। झांसी से आई एक महिला द्वारा लगाए गए सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों की पुलिस जांच में कोई पुष्टि नहीं हुई।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बांदा जिले के ऐतिहासिक कालिंजर किले से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला पूरी तरह झूठा निकला है। झांसी से आई एक महिला द्वारा लगाए गए सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों की पुलिस जांच में कोई पुष्टि नहीं हुई।
सख्त पूछताछ के बाद महिला ने खुद स्वीकार कर लिया कि उसके साथ कोई घटना नहीं हुई थी और उसने किसी के कहने पर झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे ने राहत की सांस ली है, जबकि झूठे आरोपों से घिरे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
कालिंजर घूमने आई महिला ने लगाया था गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार, झांसी की रहने वाली एक महिला कालिंजर किला घूमने आई थी। उसने आरोप लगाया था कि एक ऑटो चालक उसे सुनसान स्थान पर ले गया, जहां उसके साथ अन्य लोगों ने मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया। महिला ने यह भी दावा किया था कि इस दौरान उसकी छोटी बेटी को तमंचा दिखाकर धमकाया गया और उसके साथ भी गलत हरकत करने का प्रयास किया गया। इस तरह के गंभीर आरोप सामने आने के बाद मामला तुरंत पुलिस तक पहुंचा और पूरे जिले में सनसनी फैल गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शुरू हुई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल जांच टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, संबंधित लोगों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में ही आरोपों में कई विरोधाभास सामने आने लगे, जिससे पुलिस को शक हुआ कि मामला संदिग्ध हो सकता है।
पूछताछ में सामने आया सच, महिला ने किया खुलासा
गहन पूछताछ के दौरान महिला ने अपना बयान बदलते हुए स्वीकार किया कि उसके साथ किसी प्रकार की कोई घटना नहीं हुई थी। पुलिस के अनुसार, महिला ने बताया कि उसने यह झूठी कहानी एक परिचित व्यक्ति के कहने पर गढ़ी थी, जो कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से उससे जुड़ा था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने पूरे मामले को झूठा पाया और आरोपों को निराधार घोषित कर दिया।
पुलिस की बड़ी राहत, आरोपी पक्ष को मिली राहत
झूठे आरोपों की पुष्टि न होने के बाद पुलिस ने ऑटो चालक और अन्य लोगों के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों को खारिज कर दिया है। जिन लोगों पर आरोप लगाए गए थे, उन्हें बड़ी राहत मिली है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि झूठे आरोपों का प्रभाव आम लोगों के जीवन पर कितना गंभीर हो सकता है।
झूठी शिकायत के पीछे उकसाने वाले की तलाश जारी
पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश में जुट गई है, जिसने महिला को झूठी शिकायत दर्ज कराने के लिए उकसाया था। पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की तह तक जाकर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी या किसी व्यक्तिगत विवाद का परिणाम था।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने से पहले तथ्यों की पुष्टि करें, क्योंकि झूठे आरोप न केवल कानून व्यवस्था को प्रभावित करते हैं बल्कि निर्दोष लोगों के जीवन पर भी गंभीर असर डालते हैं।
रिपोर्ट -इकबाल खान, बांदा



