कानपुर में ‘ऑटो गैंग’ का भंडाफोड़: सवारी बनकर करते थे चोरी-लूट, 3 महिलाएं समेत 5 गिरफ्तार
कानपुर में ऑटो में सवारी बनकर चोरी और लूट करने वाले गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। 3 महिलाएं और 2 युवक गिरफ्तार, बच्चे का इस्तेमाल कर यात्रियों को बनाते थे निशाना। मुठभेड़ में मुख्य आरोपी घायल, हथियार और चोरी का सामान बरामद।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर शहर में पिछले कुछ दिनों से ऑटो में सफर करने वाले यात्रियों के बीच एक अजीब डर था—साथ बैठा मुसाफिर कब लुटेरा बन जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। इसी डर के पीछे छिपे संगठित गिरोह का अब पर्दाफाश हो गया है। पुलिस ने एक ऐसे गैंग को पकड़ लिया है, जो मासूमियत का सहारा लेकर यात्रियों को निशाना बनाता था।
चेकिंग के दौरान मुठभेड़, आरोपी के पैर में लगी गोली
कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र स्थित गल्ला मंडी इलाके में देर रात पुलिस चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध ऑटो को रोका गया। पुलिस के अनुसार, जैसे ही टीम ने ऑटो चालक को रोकने की कोशिश की, उसने फायरिंग कर दी और भागने लगा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने पीछा कर आरोपी को पकड़ लिया, जिसमें उसके पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गैंग में 3 महिलाएं, 2 युवक- संगठित तरीके से करते थे वारदात
पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन महिलाएं और दो युवक शामिल हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अभिषेक (मुख्य आरोपी), माला, नंदिनी, रिंकू और प्रिंस चौधरी के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि अभिषेक कानपुर का रहने वाला है, जबकि अन्य आरोपी चंदौली जिले से जुड़े हुए हैं।
बच्चे को बनाते थे ‘हथियार’, मासूमियत के पीछे छिपी चाल
पूछताछ में इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला निकला। आरोपी एक छोटे बच्चे का इस्तेमाल करते थे, जो ऑटो में बैठकर उल्टी-दस्त का बहाना करता था। इस दौरान यात्रियों का ध्यान भटक जाता और उसी मौके का फायदा उठाकर उनका बैग, मोबाइल या अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया जाता।
यह तरीका इतना सुनियोजित था कि कई लोग घटना के बाद भी समझ नहीं पाते थे कि उनके साथ चोरी कब और कैसे हुई।
बरामद हुआ तमंचा, कारतूस और चोरी का ऑटो
पुलिस ने आरोपियों के पास से 315 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस, लूट का सामान और एक चोरी का ऑटो बरामद किया है। यह बरामदगी इस बात की पुष्टि करती है कि गिरोह न सिर्फ चोरी बल्कि लूटपाट जैसी गंभीर वारदातों में भी शामिल था।
कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे, हर आरोपी पर 5-6 केस
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। हर आरोपी पर औसतन 5 से 6 केस दर्ज पाए गए हैं। फिलहाल घायल आरोपी का इलाज जारी है और पुलिस पूरे गिरोह के आपराधिक नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस की सतर्कता से खुला बड़ा नेटवर्क
पुलिस को पिछले कई दिनों से इस गैंग की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। यह गिरफ्तारी न सिर्फ शहर में बढ़ती ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने में मदद करेगी, बल्कि यात्रियों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत करेगी।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
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