Kanpur Murder Case: करोड़पति दवा कारोबारी हत्याकांड में बड़ा ट्विस्ट, बेटे सुब्रत ने कबूली साजिश!

कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बेटे सुब्रत की भूमिका सामने आने से जांच की दिशा बदल गई है। पुलिस अब बयानों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जांच ने एक बार फिर करवट ली है। पुलिस के मुताबिक, रिमांड पर पूछताछ के दौरान बेटे सुब्रत की भूमिका सामने आई है और उसने कथित तौर पर हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की है। साथ ही पत्नी शालू को घटना से अलग बताया। हालांकि, पुलिस ने शालू को अभी क्लीनचिट नहीं दी है और सभी बयानों व साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है।

पहले बहू पर था शक, अब बेटे की भूमिका

63 वर्षीय विनीत मिनोचा की पांच सितंबर की रात रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट स्थित फ्लैट में चाकू से हत्या हुई थी। छह सितंबर को उनका शव मिला था। पुलिस ने CCTV और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूर्व नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। विशाल के शुरुआती बयान में शालू का नाम आया, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया।

अब पुलिस के अनुसार पूछताछ में सुब्रत ने कथित तौर पर हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात कही है। विशाल के बयान में भी सुब्रत की भूमिका का दावा सामने आया है।

संपत्ति और कर्ज का एंगल भी जांच में

पुलिस की जांच में कथित तौर पर यह बात सामने आई है कि सुब्रत को आशंका थी कि उसके पिता अपनी संपत्ति किसी दूसरी महिला के नाम कर सकते हैं। विशाल ने कारोबारी के कुछ महिलाओं से संबंध और उन पर रकम खर्च करने का दावा भी किया है। पुलिस इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि कर रही है।

जांच में सुब्रत-विशाल के बीच फोन संपर्क, कॉल रिकॉर्ड, डुप्लीकेट चाबी और वारदात से जुड़ी गतिविधियां भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

शालू पर फैसला अभी बाकी

सुब्रत के कथित बयान के बाद केस की दिशा बदली है, लेकिन शालू की भूमिका को लेकर जांच अभी खत्म नहीं हुई है। पुलिस उसके खिलाफ मिले शुरुआती साक्ष्यों और विशाल के पुराने-नए बयानों की तुलना कर रही है।

हत्या की साजिश कब बनी, छह लाख रुपये की कथित सुपारी का दावा कितना सही है और संपत्ति का डर वास्तव में वजह था या नहीं—इन सवालों के जवाब पुलिस परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से तलाश रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।

रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर

यह भी पढ़ें: होमगार्ड भर्ती में योगेंद्र की मौत के बाद गांव पहुंचे अजय राय, परिवार से मिलकर जताई संवेदना

Related Articles

Back to top button