सांप्रदायिक सद्भाव को ध्यान में रखे केंद्र सरकार: स्टालिन
तमिलनाडु विस में वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में प्रस्ताव पेश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। देश में वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर मुस्लिम समुदाय में नाराजगी का माहौल हैं। सबसे ज्यादा विरोध तमिलनाडु में हुआ। तमिलनाडु विधानसभा ने एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार से लोकसभा में पेश किए गए वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को वापस लेने के लिए कहा गया। सरकारी प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा, इस देश पर शासन करने वाली किसी भी सरकार को नस्ल, भाषा, धर्म, पूजा स्थल और संस्कृतियों की विविधता के बीच व्याप्त सांप्रदायिक सद्भाव को ध्यान में रखना चाहिए।
यह उसका मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए। उन्होंने केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर हमेशा अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ कुटिल और षड्यंत्रकारी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) ने मुस्लिम अल्पसंख्यकों और श्रीलंकाई तमिलों को धोखा दिया है। इसने गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर हिंदी थोपी है।
गैर-भाजपा राज्यों का गला घोंट रही बीजेपी
यह वित्त का हस्तांतरण न करके गैर-भाजपा राज्यों का गला घोंट रहा है। उनके कृत्य हमेशा अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़े वर्गों और सबसे पिछड़े वर्गों के लिए हानिकारक होते हैं। स्टालिन ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, हर कोई जानता है कि नीट और एनईपी समाज के निचले तबके के लोगों पर किस तरह से असर डालेंगे। वक्फ संशोधन इस सूची में सबसे नया नाम है। इससे मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। हमें इसका पुरजोर विरोध करना चाहिए। प्रस्तावित संशोधन राजनीतिक हस्तक्षेप को बढ़ावा देते हैं और धार्मिक अधिकारों को प्रभावित करते हैं, जिसके कारण डीएमके सहित विपक्ष ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि इसी विरोध के कारण विधेयक के मसौदे को संसदीय समिति के पास भेजा गया। उन्होंने प्रस्तावित वक्फ संशोधन कानून के कारण होने वाले प्रतिकूल प्रभावों की एक सूची पेश की। उन्होंने जिन प्रमुख मुद्दों को उठाया, उनमें से एक वक्फ संस्थाओं की स्वायत्तता का खत्म होना है।
मुस्लिमों की चिंताओं को केंद्र सरकार ने नजरअंदाज किया
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि मुस्लिम समुदाय द्वारा संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष व्यक्त की गई चिंताओं को केंद्र सरकार ने नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि संशोधनों के लागू होने पर जिन पहलुओं पर नकारात्मक असर पड़ेगा, उन्हें 30 सितंबर, 2024 को जेपीसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। डीएमके सांसदों, पूर्व केंद्रीय मंत्री और नीलगिरी के सांसद ए राजा और राज्यसभा सदस्य एमएम अब्दुल्ला ने संशोधनों पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। सिर्फ़ उन्होंने ही नहीं, कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने भी अपना विरोध दर्ज कराया। हालांकि, जेपीसी ने विपक्ष द्वारा सुझाए गए सभी संशोधनों को खारिज कर दिया। स्टालिन ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी इसे मंजूरी दे दी है, उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक को किसी भी समय लोकसभा में पेश किया जा सकता है।
नायडू की इफ्तार पार्टी का बहिष्कार
विवादास्पद वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर मुस्लिम संगठनों नेआंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की इफ्तार पार्टी का बहिष्कार किया। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के आह्वान पर मुस्लिम नेताओं ने यहां कन्वेंशन सेंटर में ‘इफ्तार और रात्रिभोज’ से दूरी बनाए रखी। इसके अलावा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू किया, जिसमें धरना-प्रदर्शन शामिल हैं।
अरविंद केजरीवाल पर एफआईआर दर्ज
अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पुलिस ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम (पीपीए) के कथित उल्लंघन की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस ने राउज एवेन्यू कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की और बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी। इससे पहले मामले की सुनवाई में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में तत्कालीन सीएम अरविंद केजरीवाल और मटियाला सीट से विधायक गुलाब सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पुलिस ने शिकायत पर जांच नहीं की ऐसे में होर्डिंग किसने लगाए और क्यों लगाए इसकी जांच जरूरी है। अदालत ने पुलिस को 18 मार्च तक मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए थे। इससे पहले 2022 में द्वारका स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया था। जिसके बाद सत्र न्यायालय ने इसे दोबारा सुनवाई के लिए मजिस्ट्रेट अदालत में भेज दिया था।
म्यांमार में तेज भूकंप, 12 मिनट में दो बार कांपी धरती
करीब 900 किमी. दूर बैंकॉक तक महसूस हुए झटके
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। म्यांमार के एक के बाद एक भूकंप के दो तेज झटके महसूस किए गए हैं। शुक्रवार को लगे भूकंप के ये झटके इतने तेज थे कि लोग दहशत में आ गए और अपने घरों-दफ्तरों से बाहर निकल आए। पहला भूकंप सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर आया, इसकी तीव्रता 7.2 मापी गई। इसके बाद दूसरा झटका दोपहर 12 बजकर दो मिनट पर आया, इसकी तीव्रता 7 मापी गई।
भूकंप के झटके थाईलैंड तक महसूस किए गए। बैंकॉक में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.2 और 7.0 रही। दोनों ही भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर गहराई में था। कुछ रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि म्यांमार में रुक-रुककर लगातार भूकंप के झटके लग रहे हैं।कुछ समाचार एजेंसियों ने रिपोर्ट किया है कि शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 और 6.4 तीव्रता के दो लगातार भूकंप आए।
दावा किया जा रहा है कि म्यांमार के मांडले में इरावदी नदी पर बना सुप्रसिद्ध अवा ब्रिज गिर गया है। भूकंप में कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। भूकंप इतना तेज था कि करीब 900 किलोमीटर दूर बैंकॉक में भी इसके झटके महसूस किए गए।
कोलकाता, इंफाल में भी डोली धरती
बैंकॉक में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने के बाद कोलकाता और इंफाल में हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र मध्य म्यांमार में था, जो मोनीवा शहर से लगभग 50 किलोमीटर पूर्व में है। हालांकि, अभी तक किसी नुकसान की खबर नहीं है।
साजिश और छिपे एजेंडे के तहत हो रहा
बैंकॉक में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने के बाद कोलकाता और इंफाल में हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र मध्य म्यांमार में था, जो मोनीवा शहर से लगभग 50 किलोमीटर पूर्व में है। हालांकि, अभी तक किसी नुकसान की खबर नहीं है।
वायनाड भूस्खलन पीडि़तों के प्रति अमानवीय व्यवहार कर रहा केंद्र: वेणुगोपाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोच्चि। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के सी वेणुगोपाल ने केंद्र पर वायनाड भूस्खलन के पीडि़तों के प्रति अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाया और मांग की कि पीडि़तों के लिए तत्काल ऋ ण माफी की घोषणा की जाए।
वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि केंद्र ने ‘‘उन लोगों के प्रति पूरी तरह से अमानवीय दृष्टिकोण प्रदर्शित किया है, जिन्होंने जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी झेली है।’’ उन्होंने कहा कि लोक लेखा समिति (पीएसी) ने भी केंद्र से पीडि़तों के लिए तुरंत ऋ ण माफी की घोषणा करने को कहा है। वेणुगोपाल ने कहा कि आपदा के बाद से ही केंद्र सरकार पीडि़तों के प्रति अनुचित व्यवहार कर रही है। राहत पैकेज की घोषणा करने में काफी देरी की गई और जब इसकी घोषणा की गई तो यह अत्यंत अव्यवहारिक शर्तों के साथ ऋ ण के रूप में आई।’’ कांग्रेस वायनाड भूस्खलन के पीडि़तों के लिए राहत की मांग कर रही है जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए और घायल हुए, साथ ही संपत्तियों का भी नुकसान हुआ।
हिंदुत्व के नाम पर पाखंड क र रही भाजपा: ठाकरे
सौगात-ए-मोदी को लेकर बीजेपी पर भडक़े, पूछा- क्या सिर्फ बिहार और यूपी चुनाव के लिए है सब
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा के सौगात-ए-मोदी कार्यक्रम की भी आलोचना की और इसे हिंदुत्व के प्रति उनके पाखंड का उदाहरण बताया। उद्धव ठाकरे ने भाजपा के सौगात-ए-मोदी कार्यक्रम का मज़ाक उड़ाते हुए इसे महज नौटंकी करार दिया।
उन्होंने कहा कि जब मुसलमानों ने हमें बड़ी संख्या में वोट दिया, तो भाजपा की आंखें सदमे से सफेद हो गईं। अगर मुसलमान वोट देते हैं, तो वे इसे सत्ता जिहाद कहते हैं। ठाकरे ने कहा, लेकिन अब ईद के लिए उन्होंने सौगात-ए-मोदी अभियान शुरू किया है, जहां 32 लाख भाजपा कार्यकर्ता 32 लाख मुसलमानों के घर जाएंगे। यह सौगात-ए-मोदी नहीं है, यह सरासर बेशर्मी है। यह सौगात-ए-सत्ता (सत्ता के लिए उपहार) है। ये लोग नकली हिंदुत्व समर्थक हैं।” उन्होंने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा, जब उन्हें सुविधा होती है तो वे मुसलमानों को बलि का बकरा बनाते हैं, लेकिन चुनाव के दौरान वे मिठाई बांटते हैं। देखिए कि कैसे ये दलबदलू अब अचानक टोपी पहन लेते हैं। मुझ पर हिंदुत्व छोडऩे का आरोप लगाने से पहले, पहले अपने झंडे से हरा रंग हटा लें।
अब हिंदू महिलाओं के मंगलसूत्र की रक्षा कौन करेगा? क्या कोई सच्ची हिंदुत्व पार्टी बची भी है?
भाजपा का ‘सौगात-ए-मोदी’ कार्यक्रम विशुद्ध रूप से राजनीतिक : मायावती
उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा, क्या सौगात-ए-सत्ता सिर्फ बिहार और यूपी चुनाव के लिए है या यह उसके बाद भी जारी रहेगा? भाजपा को खुलेआम घोषणा करनी चाहिए कि उन्होंने हिंदुत्व को त्याग दिया है। ठाकरे की टिप्पणी ने चल रही राजनीतिक लड़ाई को और तेज कर दिया है, तथा चुनावों के दौरान हिंदुत्व पर भाजपा के रुख और उसकी प्रचार रणनीतियों पर बहस को और तेज कर दिया है।
साजिश और छिपे एजेंडे के तहत हो रहा परिसीमन: हेमंत
सीएम बोले – भाजपा नेता केवल राज्य और देश के विकास के बारे में बोलते हैं, लेकिन करते कुछ नहीं
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया कि परिसीमन की प्रक्रिया एक सुनियोजित ‘साजिश’ और ‘छिपे एजेंडे’ के तहत लायी जा रही है ताकि आदिवासी और दलितों के लिए आरक्षित सीटों को कम किया जा सके।
सोरेन ने विधानसभा में यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता केवल राज्य और देश के विकास के बारे में बोलते हैं, लेकिन करते कुछ नहीं। बजट सत्र के आखिरी दिन सोरेन ने कहा, ‘‘परिसीमन की कवायद के पीछे एक छिपा हुआ एजेंडा है, जो है आदिवासी और दलितों के लिए आरक्षित सीटों को कम करना। पहले भी ऐसी कोशिशें की गई थीं, जिन्हें दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने विफल कर दिया था। लेकिन इस बार इसे पूरे देश के लिए एक सुनियोजित साजिश के तहत आगे लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने भाजपा नेता अनिल महतो टाइगर की हत्या की निंदा की और कहा कि इस अपराध को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सोरेन ने कहा, ‘‘घटना कल हुई, मैं इसकी निंदा करता हूं।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं ने आज मृतक के परिजन से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘उनका एकमात्र लक्ष्य सत्ता हथियाना है, भले ही उन्हें जनादेश न मिले। इसके पीछे एक छिपा हुआ एजेंडा है। वे चाहते हैं कि अधिक से अधिक राज्यों में उनकी सरकार हो, ताकि वे देश के वर्तमान संविधान को बदल सकें।’’
केंद्र राज्य के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र राज्य के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमें केंद्र से हमारा बकाया नहीं मिल रहा है। विभिन्न कोयला कंपनियों से 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा, मनरेगा में 1,200 करोड़ रुपये और पेयजल योजना के तहत 6,000 करोड़ रुपये से अधिक केंद्र के पास लंबित हैं।’’ विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी को शुरू हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।