महाराष्ट्र को मिली पहली महिला उपमुख्यमंत्री, सुनेत्रा पवार ने ली शपथ

अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की है। इस शपथ के साथ ही उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया है, क्योंकि वह राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गई हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की है। इस शपथ के साथ ही उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया है, क्योंकि वह राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गई हैं।

उपमुख्यमंत्री पद संभालने से पहले सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दिया था। उनके इस कदम के बाद पार्टी ने उन्हें राज्य की नेतृत्वकारी जिम्मेदारी सौंपी। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है और इसे महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक पल माना जा रहा है।

अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली है। इस नई जिम्मेदारी के साथ ही उन्होंने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया है। सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गई हैं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे।

इससे पहले पार्टी नेताओं ने सुनेत्रा पवार को अपना नेता चुना और सुनेत्रा ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दिया था. उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यसभा के उपाध्यक्ष और अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन को सौंपा. सुनेत्रा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना किया था. इसके बाद राज्यसभा के लिए चुनी गईं.

भुजबल ने प्रस्ताव का समर्थन किया
आज पार्टी के विधायक की मीटिंग में प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने शोक प्रस्ताव पेश किया. अजित पवार को श्रद्धांजलि दी गई. इसके बाद दिलीप वलसे पाटिल ने सुनेत्रा पवार का नाम प्रस्तावित किया. छगन भुजबल ने इसका समर्थन किया. इसके बाद अन्य विधायकों ने सुनेत्रा को विधायक नेता चुने जाने का समर्थन किया.

बैठक में रखे गए थे दो प्रस्ताव
इसके साथ ही सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया. बैठक में दो प्रस्ताव रखे गए थे. पहला प्रस्ताव सुनेत्रा को पार्टी का नेता चुने जाने से जुड़ा था. दूसरा प्रस्ताव सुनेत्रा को पार्टी में सभी फैसले लेने का संवैधानिक अधिकार दिए जाने से संबंधित था. दोनों प्रस्तावों को बैठक में मंजूरी मिली.

शरद पवार का बड़ा बयान
दूसरी ओर आज सुबह शरद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें इस शपथ ग्रहण समारोह की कोई जानकारी नहीं थी. इस संबंध में उनसे कोई चर्चा भी नहीं हुई. इसी बीच शरद पवार ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी दावा किया कि दोनों राष्ट्रवादी 12 तारीख को एक साथ आने वाले हैं.

अब क्या होगा सुनेत्रा का फैसला?
अजित पवार के निधन के बाद दोनों एनसीपी के कई नेताओं ने भी अपनी इच्छा व्यक्त की है. उन्होंने कहा है कि दोनों एनसीपी को एक हो जाना चाहिए. हालांकि, अब जब सुनेत्रा पवार पार्टी नेता चुनी गई हैं तो उन्हें पार्टी से संबंधित सभी फैसले लेने का अधिकार भी मिल गया है. अब सुनेत्रा पवार ही इन दोनों एनसीपी के विलय के संबंध में आधिकारिक फैसला ले सकती हैं. अब उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद सुनेत्रा पवार क्या फैसला लेंगी? क्या दोनों एनसीपी एक हो जाएंगी? यह देखना महत्वपूर्ण होगा.

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