मनोज काका ने बेबी रानी मौर्या पर साधा निशाना, कहा- दंगाई बयानबाजी से मां गंगा साफ नहीं होंगी

भाजपा राज में नेताओं के बयानबाजी का सिलसिला लगातार जारी है। नेताओं के बीच खूब आरोप- प्रत्यारोप लग रहे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा राज में नेताओं के बयानबाजी का सिलसिला लगातार जारी है। नेताओं के बीच खूब आरोप- प्रत्यारोप लग रहे हैं।

इसी बीच उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्या ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के गंगा सफाई और हाल के एक विवादास्पद बयान पर तीखा हमला बोला था। हाल ही में वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित होने और कुछ लोगों द्वारा गंगा में मांस या चीजें फेंकने के वीडियो वायरल होने पर विवाद हुआ।

अखिलेश यादव ने कहा था कि नाव पर इफ्तार पार्टी क्यों नहीं हो सकती, और गंगा सफाई के नाम पर बीजेपी की कोशिशों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि गंगा को साफ करने के बड़े-बड़े वादे किए लेकिन नदी अब भी गंदी है।

वहीं इस बयान पर बेबी रानी मौर्या ने पलटवार करते हुए अखिलेश को सांप्रदायिक और वोटबैंक की राजनीति करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि गंगा हमारी मां है, और उसमें मुर्गा खाकर हड्डियां या गंदगी फेंकने की इजाजत किसने दी? अगर मस्जिद में हड्डियां फेंकी जाएं तो दंगे हो जाएंगे, लेकिन गंगा में ऐसा करने पर अखिलेश चुप हैं क्योंकि उन्हें सिर्फ वोटबैंक की चिंता है। जिस पर अब समाजवादी पार्टी काफी मुखर है।  और सपा नेता बीजेपी पर हमलावर नजर आ रहे हैं।

सपा प्रवक्ता मनोज काका ने मंत्री बेबी रानी मौर्या पर निशाना साधते हुए कहा, “सांप्रदायिक और दंगाई बयानबाजी छोड़कर उन्हें गंगा की सफाई पर ध्यान देना चाहिए, उन्हें अखिलेश यादव के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझना होगा.”

मनोज काका ने आगे कहा कि मां गंगा का पानी तभी सुधरेगा जब उम्सने BOD और COD का स्तर 2 से कम हो जाएगा. काका ने यह बयान लखनऊ में बेबी रानी मौर्या के की प्रतिक्रिया में दिया है. सपा प्रवक्ता मनोज ने कहा कि अखिलेश यादव ने बार-बार जोर दिया है,  निर्मल और अविरल गंगा के लिए BOD और COD का स्तर बेहद जरूरी है.

स्वच्छ पानी में दोनों का स्तर 2 mg/L से कम होना चाहिए. यही नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि वाराणसी और कानपुर समेत कई शहरों में औद्योगिक कचरा, सीवर का गंदा पानी और सारे प्रदूषण सीधे गंगा में बहाया जा रहा है. जोकि नियमों के विपरीत है. इस पर कोई चर्चा नहीं.

इतना ही नहीं सपा प्रवक्ता ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “नमामी गंगे पर 55,000 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन भारत सरकार की रिपोर्ट  भी कहती है कि कोई खास नतीजा नहीं निकला.” उन्होंने बेबी रानी मौर्या से अपील की, “सांप्रदायिक बयान देने से बेहतर होगा कि अखिलेश यादव जी के वैज्ञानिक पहलुओं की रिसर्च करें.

आपको पता चलेगा कि दंगाई बयानों से गंगा साफ नहीं होंगी.” इसके अलावा सपा प्रवक्ता ने साफ कहा कि गंगा को साफ करने के लिए तमाम जगहों पर STP बनाए जाएं, ताकि BOD और COD का स्तर कम हो सके. गौरतलब है कि सपा प्रवक्ता का ये बयान जमकर वायरल हो रहा है। और बीजेपी  घिरती हुई नजर आ रही है।

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