राहुल के तेवर से कांपी मोदी सरकार, ज्ञानेश कुमार पर ‘आर-पार’!
ज्ञानेश कुमार को लेकर सड़कों तक जबरदस्त संग्राम छिड़ गया है... ज्ञानेश कुमार के हालिया फैसलों और सरकार के कड़े रुख ने राजनीति का...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है.. विपक्ष लगातार सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है.. इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी.. और प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका चर्चा में है.. विपक्ष अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहा है.. और विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी आवाज बुलंद कर रहा है.. पिछले तीन दिनों में विरोध का तरीका लगातार बदलता नजर आया है.. कभी धरना, कभी सड़क पर प्रदर्शन, तो कभी गांधीवादी अंदाज में विरोध.. 6 अक्टूबर से शुरू हुआ यह घटनाक्रम लगातार सुर्खियों में बना रहा.. वहीं अब सवाल है कि विपक्ष की इस रणनीति का आगे क्या असर होगा..
आपको बता दें कि 6 अक्टूबर को कांग्रेस और विपक्ष की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई.. जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अपनी मांगों को लेकर आकाशवाणी भवन में धरना दिया.. दोनों नेताओं ने करीब आठ घंटे तक प्रदर्शन किया.. इस दौरान विपक्ष ने अपनी मांगों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की कोशिश की.. कांग्रेस का विरोध केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा.. बल्कि पार्टी के नेताओं ने धरने के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया.. करीब आठ घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया.. और उन्हें धरने से हटा दिया.. इसके बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया और विपक्षी दलों के विरोध की चर्चा तेज हो गई..
वहीं अगले दिन यानी 7 अक्टूबर को राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के सांसदों ने अपनी रणनीति के तहत आगे बढ़ने का फैसला किया.. इस बार विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ एक अलग अंदाज भी देखने को मिला.. राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों ने जनपथ पर लंच किया.. और इसके बाद जंतर-मंतर की ओर बढ़कर प्रदर्शन करने की योजना बनाई.. इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को और तेज कर दिया.. विपक्ष का संदेश साफ था कि वह अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है.. दूसरी ओर, पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठने लगे.. इस तरह विरोध का दूसरा दिन पहले दिन से अलग और अधिक राजनीतिक हलचल वाला बन गया..
आपको बता दें कि 7 अक्टूबर को उस समय स्थिति फिर बदल गई.. जब राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के सांसद जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे.. खबरों के मुताबिक रास्ते में पुलिस ने बस को रोक दिया.. इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया.. इस घटनाक्रम ने विरोध प्रदर्शन को एक नया मोड़ दे दिया.. सड़क पर धरना देकर दोनों नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखा.. इसके बाद पुलिस ने एक बार फिर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया और उन्हें धरने से हटा दिया.. लगातार दूसरे दिन हिरासत की कार्रवाई सामने आने के बाद राजनीतिक टकराव.. और बढ़ता दिखाई दिया.. विपक्ष की ओर से विरोध जारी रखने का संदेश दिया गया.. जबकि पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा का विषय बनी रही..



