मोदी के मंत्री मारते हैं थप्पड़

सड़क पूछ रही थी हिसाब, कैमरा घूमा तो चल गया हाथ?

  • सिर्फ थप्पड़ नहीं बल्कि विवादों की एलबम से भरी पड़ी है मोदी सरकार?
  • दिल्ली सरकार में पीडब्यलूडी मंत्री प्रवेश वर्मा के इस्तीफे की मांग से गरमाई सियासत
  • कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी, जनरेशन गटर के बाद सीधे मार दिया थप्पड़

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। खस्ताहाल दिल्ली की तस्वीर दिखाने के लिए दिल्ली के एक लड़के ने जिम्मेदार मंत्री प्रवेश वर्मा को जब आईना दिखाने की कोशिश की तो माननीय मंत्री जी ने बेचारे जेन जी युवक को थप्पड़ रसीद कर दिया। यह वही जेन जी है जिसके वोटों को हासिल करने के लिए सरकार समय-समय पर घडिय़ाली आंसू बहाते नहीं थकते। कैमरा ऑन था। मंत्री प्रवेश वर्मा सड़क का निरीक्षण कर रहे थे।
आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह और उनके साथ मौजूद लोग सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे थे। सड़क की ऊपरी परत का हिस्सा हाथ से निकलकर सामने आ रहा था। फिर कैमरा मंत्री की तरफ घूमता है मंत्री युवक का मोबाइल नीचे करते हैं और अगले ही पल थप्पड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर दौड़ पड़ता है। बस यहीं से सड़क का मामला पूरे देश की सियासत मामला बन गया क्योंकि सड़क दिल्ली की हो सड़क पंजाब की हो या फिर सड़क यूपी की सभी जगह हाल बेहाल है। एक्सप्रेसवे उधड़ रहे हैं और आम जनता जब इस तस्वीर को जिम्मेदार लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं तो पीटे जाते हैं।

मुझे डिटेन कर लिया गया

साहिब सिंह के मुताबिक उसे डिटेन भी कर लिया गया थ। उन्होंने बताया कि हमें यहां से काफी दूर एक जगह पर ले जाया गया। मुझे लगता है वह जगह यहां से डेढ़ से दो घंटे की दूरी पर थी। उसके बाद हमें वहां रात में बारह से एक बजे तक रखा गया और फिर फ्री किया गया। डेढ़-दो बजे तक जितने भी लोग थे करीब सौ से ज्यादा लोगों को पुलिस की दो बसों और जिप्सी में भरकर लाया गया था। पीड़ित युवक ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। साहिब सिंह ने कहा है कि हमारी मांग यही है कि उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। वे मंत्री बनने लायक नहीं हैं। उनके खिलाफ कम से कम एफआईआर तो दर्ज होनी ही चाहिए। अगर मैंने या किसी और आम आदमी ने ऐसा कुछ किया होता तो कितनी सख्त कार्रवाई होती।

प्रवेश वर्मा पर हो एफआईआर वह दे इस्तीफा

थप्पड़ खाने वाले युवक साहिब सिंह ने मंत्री प्रवेश वर्मा कार्रवाई और एफआईआर की मांग की है। पीडि़त साहिब सिंह ने कहा कि पूरी घटना का उनके पास लाइव वीडियो मौजूद है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने मंत्री के खिलाफ एक भी अपशब्द नहीं कहा था। साहिब सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि उस समय मैं आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह के इंस्टाग्राम पेज पर लाइव था। जब मैंने सड़क का टुकड़ा उठाया कैमरा उधर से लेकर उनकी तरफ गया और जब तक मैं उन्हें दिखाता तब तक उन्होंने मेरा फोन छीन लिया। मेरे पास उस पूरी घटना का वीडियो है। एक प्रतिशत भी अगर मैंने कोई गाली दी है कोई गलत शब्द मेरे मुंह से निकला है तो मैं अपने लगाए हुए सारे आरोप वापस लेने को तैयार हूं और उनसे माफी मांग लूंगा। लेकिन हमने कुछ भी गलत नहीं बोला। साहिब सिंह ने कहा हम उन्हें सड़क की क्वालिटी दिखा रहे थे। हमने उन्हें दिखाया कि इस सड़क की असली वैल्यू क्या है। सड़क कालीन से भी हल्की बनी हुई थी वह टूट रही थी हाथ से ही निकल रही थी। साहिब सिंह का आरोप है कि सड़क की खराब गुणवत्ता दिखाने से मंत्री भड़क गए। उन्होंने कहा जब खराब गुणवत्ता का मामला सामने आ गया तो वे एकदम से भड़क मानों कोई स्कैम उजागर कर रहे हो। उन्होंने थप्पड़ मार दिया। उसके बाद वे चले गए। उन्हें इतना खौफ नहीं होना चाहिए। उन्हें सामने आना चाहिए और पुलिस व सिक्योरिटी के पीछे नहीं छिपना चाहिए।

मंत्रियों का विवादों से है चोली दामन का साथ, कई बार बिगड़ी है बात

प्रवेश वर्मा के थप्पड़ से देश कि सियासत को गर्म हो गयी है। यह पहला मौका नहीं है जब बीजेपी के किसी मंत्री या सांसद की टिप्पणी अथवा सार्वजनिक व्यवहार ने बड़ा विवाद खड़ा किया हो। पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें नेताओं के बयान या व्यवहार को लेकर विपक्ष और जनता ने सवाल उठाए। फर्क सिर्फ इतना है कि हर विवाद की प्रकृति अलग रही कहीं बयान पर बवाल हुआ कहीं महिला अधिकारी को लेकर टिप्पणी पर अदालत पहुंची और कहीं युवा पीढ़ी पर ही शब्दों के तीर चल गए। मोदी की सांसद कंगना रनौत को ही ले लीजिए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदर्शन कर रही युवा महिलाओं और जेन जी के एक वर्ग को निशाना बनाया और उनके लिए जनरेशन गटर जैसे शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने युवा महिलाओं की जीवनशैली स्वतंत्रता और कथित पश्चिमी प्रभाव पर भी सवाल उठाए। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हुई और राजनीतिक गलियारों में भी विवाद खड़ा हुआ। मध्य प्रदेश के तत्कालीन मंत्री कुंवर विजय शाह का मामला इससे भी आगे गया। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर उनकी टिप्पणी पर भारी विवाद हुआ। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया और अदालत की मौखिक टिप्पणी में बयान को बेहद गंभीर बताया गया और अब प्रवेश वर्मा का थप्पड़ से एक बार फिर देश का सियासी पारा नाजुक मोड़ पर पहुंच चुका है। देखना यही होगा कि पीएम मोदी इस बार भी चुप रह कर मामले को रफा दफा कर देंगे या फिर इस मामले में कार्रवाई करेंगे। क्योंकि मामला नाजुक है और जेन जी से जुड़ा हुआ।

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