मोरिंगा पत्तियों की चटनी: सेहत के लिए टेस्टी और पौष्टिक तरीका
मोरिंगा या सहजन के पौधे की फलियां पोषक तत्वों का खजाना मानी जाती हैं, लेकिन इसके पत्तियां भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं। आयुर्वेद और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार मोरिंगा की पत्तियों में विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मोरिंगा या सहजन के पौधे की फलियां पोषक तत्वों का खजाना मानी जाती हैं, लेकिन इसके पत्तियां भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं। आयुर्वेद और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार मोरिंगा की पत्तियों में विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
सेहत को ध्यान में रखते हुए इसे अपनी डेली डाइट में शामिल करने का आसान और स्वादिष्ट तरीका है—मोरिंगा पत्तियों की चटनी बनाकर खाना। इस तरीके से पत्तियों के पोषक तत्व आसानी से शरीर में पहुँचते हैं और खाने का स्वाद भी बढ़ जाता है। फूड एक्सपर्ट्स का कहना है कि मोरिंगा की पत्तियों की चटनी को रोटियों, पराठों या सैंडविच के साथ खाया जा सकता है, जिससे डाइट में बैलेंस बना रहता है और रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी होती हैं।
दक्षिण भारतीय खाने में मोरिंगा यानी ड्रमस्टिक का इस्तेमाल काफी लोकप्रिय है। यह सब्ज़ी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ ढेरों सेहतमंद गुणों से भरपूर मानी जाती है और फिटनेस फ्रीक लोगों की पसंदीदा सब्ज़ियों में शामिल हो चुकी है। मोरिंगा के पत्ते भी पोषण का खजाना हैं। साउथ इंडिया में इन पत्तियों से सूखी चटनी बनाई जाती है, जिसे ‘मुरुंगई कीराई पोडी’ के नाम से जाना जाता है। फूड एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह रेसिपी न केवल खाने में स्वाद बढ़ाती है बल्कि इसमें कई महत्वपूर्ण न्यूट्रिएंट्स भी पाए जाते हैं। इस तरह मोरिंगा पत्तियों की चटनी को अपने डेली खाने में शामिल करना सेहत के लिए फायदेमंद है और इसे रोटियों, चावल या सैंडविच के साथ खाया जा सकता है।
100 ग्राम मोरिंगा की कच्ची पत्तियों में 9.4 ग्राम प्रोटीन (मसल्स के लिए फायदेमंद) होता है. इसमें 2 ग्राम फाइबर (डाइजेशन इंप्रूव), 4 मिलीग्राम आयरन (शरीर में खून बढ़ाता है), 42 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 112 मिली ग्राम फास्फोरस, 337 मिलीग्राम पोटेशियम पाया जाता है. इसके अलावा ये मैग्नीज, फोलेट, विटामिन बी6 समेत विटामिन सी (अच्छी मात्रा में होता है) का सोर्स है. अब जान लीजिए मोरिंगा की पत्तियों की चटनी बनाने की रेसिपी.
क्या चाहिए इनग्रेडिएंट्स?
मोरिंगा की पत्तियों की चटनी बनाने के लिए आपको चाहिए तेल 1 छोटा चम्मच, चना दाल 1 बड़ा चम्मच, बिना छिलके वाली उड़द दाल 1 बड़ा चम्मच, साबुत धनिया 1 बड़ा चम्मच, जीरा 1 छोटा चम्मच, काली मिर्च 1 छोटा चम्मच, सूखी लाल मिर्च 5, मोरिंगा के पत्ते 1-1/2 कप, इमली थोड़ी सी स्वाद के मुताबिक, हींग 1/2 छोटा चम्मच, नमक स्वाद के मुताबिक. अब जान लेते हैं चटनी की रेसिपी.
मोरिंगा की पत्तियों की चटनी
सबसे पहले आपको सारे पत्तों को डंडियों से तोड़कर अलग कर लेना है और फिर इनको धोकर अच्छी तरह धोकर सुखा लें. अप एक पैन में तेल को गर्म करें. इसमें चना दाल और उड़द दाल डालकर चलाते हुए सुनहरा होने तक भूनें.
फिर बाकी इनग्रेडिएंट्स जैसे सूखा साबुत धनिया, काली मिर्च, जीरा, सूखी मिर्च, बीज निकली हुई इमली डालकर कुछ मिनट के लिए चलाते हुए रोस्ट कर लें.
जब आपके सारे मसाले रोस्ट हो जाएं तो धोकर और सुखाकर रखे गए सहजन के पत्ते भी इसमें एड करने हैं.
फ्लेम को धीमा कर दें और फिर पत्तों के क्रिस्पी होने तक इसको चलाते हुए आपको पकाना है. इससे सारी नमी निकल जाएगी और पत्तों का कच्चापन भी खत्म हो जाता है. जब सारी चीजें अच्छी तरह से क्रिस्प होकर तैयार हो जाएं तो इसे एक प्लेट में निकाल लें और फिर कुछ देर के लिए ठंडा होने दें. सारी चीजों को ग्राइंडर में डालें. इसमें हींग एड करें और नमक भी मिलाएं. अब इसे आप हल्का दरदरा पीस लें. तैयार है आपकी मोरिंगा की चटनी.
लंबे समय तक नहीं होगी खराब
आप इस चटनी को किसी एयरटाइट कंटेनर में भरकर लंबे समय के लिए स्टोर कर सकते हैं. अगर सही से स्टोर किया जाए और आप इसे फ्रिज में रखें तो ये चटनी कम से कम महीनाभर तक खराब नहीं होती है. इसे आप देसी घी मिले गरमा गरम चावल, पराठे, डोसा, खाखरा, पापड़ जैसी चीजों के साथ एंजॉय कर सकते हैं. आप चाहे तो इस चटनी में मूंगफली और तिल को भी रोस्ट करके मिला सकते हैं, जिससे न सिर्फ स्वाद बढ़ जाता है, बल्कि न्यूट्रिएंट्स भी एड होते हैं.



