कांग्रेस का भाजपा पर तीखा प्रहार जारी
खरगे व प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी को घेरा, महासचिव बोलीं- प्रधानमंत्री को लोकसभा में बोलने का साहस नहीं

शारीरिक हमले की योजना के आरोपों को पूरी तरह झूठ और बकवास बताया
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। संसद में हंगामे के बीच कांग्रेस का भाजपा पर तीखा प्रहार जारी है। कांग्र्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर महासचिव प्रियंका गांधी तक पीएम मोदी पर हमलावर हैं। दोनों नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष राहुलगांधी पर की गई टिप्पणियों पर विरोध दर्ज किया है।
वायनाड की सांसद ने पीएम मोदी पर शारीरिक हमले की योजना के आरोपों को पूरी तरह झूठ और बकवास बताया है। इस बीच, विपक्ष केंद्र सरकार के खिलाफ राहुल गांधी को निचले सदन को संबोधित करने से कथित तौर पर रोकने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहा है, जिसमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के 2020 के चीन गतिरोध पर अप्रकाशित संस्मरण का हवाला दिया गया है। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि यह पूरी तरह झूठ है। प्रधानमंत्री पर हाथ उठाने या उन्हें चोट पहुंचाने या ऐसी किसी चीज का कोई सवाल ही नहीं है। इसलिए, किसी के लिए भी यह कहना कि ऐसी कोई योजना थी, बिल्कुल गलत है। ऐसी कोई योजना नहीं थी। उनका कहना था कि यदि आप अपने सदस्यों को खड़े होकर बकवास करने की अनुमति देंगे, तो विपक्ष के लोग विरोध करेंगे।

लोस अध्यक्ष ओम बिरला के पीछे छिप रहें हैं पीएम
कांग्रस सांसद ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री लोकसभा में बोलने का साहस नहीं होने के कारण अध्यक्ष ओम बिरला के पीछे छिप रहे हैं, जिसके चलते धन्यवाद प्रस्ताव बिना उनके जवाब के ही पारित हो गया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए उन पर लोकसभा को संबोधित करने का साहस न होने का आरोप लगाया। संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। कल उनमें सदन में आने का साहस नहीं था क्योंकि तीन महिलाएं सदन के सामने खड़ी थीं। यह कैसी बकवास है? कोई चर्चा नहीं हो रही है क्योंकि सरकार चर्चा नहीं होने देना चाहती।
विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश : जयराम
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अगर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को 2020 में चीन के साथ हुए गतिरोध पर संसद में अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई तो सदन के चलने की संभावना बहुत कम रह जाएगी। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि संसद में केवल एक ही मुद्दा है जो विपक्ष को परेशान कर रहा है, और वह यह है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने से रोका गया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने भी यही मुद्दा उठाया। राज्यसभा में विपक्षी सांसद भी आज इसी मुद्दे पर सदन से बाहर चले गए। रमेश ने आगे कहा कि सभी विपक्षी दल इस बात पर एकमत हैं कि अगर लोकसभा सांसद को बोलने नहीं दिया गया, तो सदन के चलने की संभावना बहुत कम है। कांग्रेस ने संसद में कई मुद्दे उठाए हैं, जिनमें से एक प्रमुख मुद्दा पूर्वी लद्दाख में 2020 के चीन गतिरोध पर एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा है। कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा सांसद राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (सेवानिवृत्त) के उद्धरण देने से कई बार रोका गया। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री और भाजपा को याद दिलाना चाहता हूं कि जून 2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब इसलिए नहीं दिया था क्योंकि उन्हें जवाब देने से रोका गया था। 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति को दो बार धन्यवाद दिया था, क्योंकि वे 2004 में धन्यवाद नहीं दे पाए थे।
भूकंप के झटकों से हिला गोंडा
3.7 रही तीव्रता इटियाथोक में था केंद्र
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गोंडा। यूपी के जिला गोंडा में शुक्रवार की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। राजधानी लखनऊ तक इसका असर रहा। हालांकि, अभी तक किसी भी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई। इसका केंद्र इटियाथोक क्षेत्र के इटहिया नवीजोत गांव के आसपास बताया गया है।
गोंडा में मौसम की पलटी, कोहरे और सर्द हवाओं से बढ़ी ठिठुरन; ट्रेनों सुबह-सुबह अचानक धरती में कंपन महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी प्रकार की धनहानि या जनहानि की सूचना नहीं मिली है। जिला प्रशासन के अनुसार स्थिति पूरी तरह सामान्य है और कहीं से किसी नुकसान की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। आपदा विशेषज्ञ ने बताया कि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण कोई नुकसान होने की सूचना नहीं है। फिर भी प्रशासन सतर्क है और संबंधित विभागों से जानकारी ली जा रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की।
गहराई 10 किलोमीटर थी
इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। एनसीएस की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर दो अन्य पोस्ट में बताया गया है कि उत्तराखंड के बागेश्वर में 3.4 और शिनजियांग क्षेत्र में भी 4.4 तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए।
राजधानी तक महसूस हुए झटके
गोंडा में एपिसेंटर होने के कारण लखनऊ तक भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। राजधानी में सुबह-सुबह आए झटकों के कारण लोग अपनी घरों के बाहर निकल आए। इन इलाकों में सुबह-सुबह आए भूकंप के झटके म्यांमार में 5.9 तीव्रता के एक शक्तिशाली भूकंप के कुछ दिनों बाद आए हैं। इस भूकंप के झटके कोलकाता और बांग्लादेश के ढाका में भी महसूस किए गए थे।
जन सुराज को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार
बोली शीर्ष अदालत- चुनाव में सब कुछ हार गए, अब पब्लिसिटी के लिए यहां आए हैं
सीजेआई सूर्यकांत ने पीकेसे कहा, जनता ने तो कर दिया खारिज
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को चुनौती देने पहुंची प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को कड़ी फटकार सुननी पड़ी। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से तीखे सवाल पूछे और कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए सुप्रीम कोर्ट को मंच नहीं बनाया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्य कांत ने जन सुराज पार्टी को खरी- खरी सुनाई और कहा कि जनता ने आपको खारिज कर दिया है। इसलिए आप लोकप्रियता हासिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जैसे न्यायिक मंचों का सहारा ले रहे हैं। साथ ही कहा कि जब पार्टी चुनाव में अपना सब कुछ हार गई तब वो यहां आ गई. आपको सद्भावना के बारे में भी बताना होगा। उन्होंने कहा कि फ्रीबीज (मुफ्त योजनाओं) के मुद्दे की हम जांच कर रहे हैं, लेकिन यहां ऐसा मामला है जहां एक राजनीतिक पार्टी, जो चुनाव में सब कुछ हार गई, हमारे सामने आ गई है। हम राजनीतिक दलों के कहने पर फ्र ीबीज के मुद्दे की जांच नहीं करना चाहते हैं। इसके साथ ही जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने सवाल किया कि इलेक्शन पीटिशन के नियमों की किस धारा के तहत पूरे चुनाव को रद्द करने की मांग की जा सकती है. इस पर वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने कहा कि वह इस विशेष प्रार्थना पर जोर नहीं देंगे, लेकिन याचिका में अन्य राहतें भी मांगी गई हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि मामला भ्रष्ट आचरण से जुड़ा है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव तथा समान अवसर (लेवल प्लेइंग फील्ड) को प्रभावित करता है।
चेन्नई में सैकड़ों कौवों की मौत से मचा हडक़ंप
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में शुक्रवार को उस वक्त दहशत फैल गई जब शहर के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों कौवे अचानक मृत पाए गए। लैब रिपोर्ट में एच-5एन-1(एवियन इन्फ्लूएंजा) वायरस की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। पक्षियों की इस रहस्यमयी मौत ने पूरे इलाके में बर्ड फ्लू के संक्रमण का बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए आम जनता के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि आगे संक्रमण को रोकने के लिए कौवों और पोल्ट्री के सभी शवों को बायोसिक्योरिटी प्रोटोकॉल के अनुसार या तो जला दिया जाए या गहरे गड्ढे में दफना दिया जाए। लोगों को मरे हुए पक्षियों को छूने या संभालने से बचने की सख्त सलाह दी गई है और किसी भी नए मामले की जानकारी तुरंत स्थानीय अधिकारियों को देने का आग्रह किया गया है। इन नतीजों के बाद, केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए तत्काल और व्यापक फील्ड निगरानी करने को कहा है।
घूसखोर पंडत वेब सीरीज पर केस दर्ज
थाने में तैनात इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने दर्ज की रिपोर्ट
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाने में घूसखोर पंडत वेब सीरीज पर केस दर्ज कराया गया है। यह किसी व्यक्ति ने नहीं बल्कि थाने में तैनात इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने दर्ज कराया गया।
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने समाज में बढ़ते आक्रोश और अपमानजनक शब्दावली का संज्ञान लेते हुए खुद वादी बनकर एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद उनकी चर्चा तेज हो गई। दरअसल, इस वेब सीरीज के प्रचार के दौरान भाषा और शीर्षक पर विवाद खड़ा होता दिख रहा है। सोशल मीडिया पर मुद्दा खासा गरमाया हुआ है। पुलिस ने इसे सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा माना है। अब दर्ज केस के कारण इस सीरीज पर विवाद गहराता दिखने लगा है।
दिल्ली से लेकर बिहार तक खुली सिस्टम की पोल
राजगीर में धर्मशाला के कमरे में मिले चार जैन सैलानियों के शव
राजधानी में लापरवाही के गड्ढे में गई एक और जान
दोनों राज्यों में निशाने पर एनडीए सरकार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली से लकर बिहार तक सरकारी व्यवस्था पर एकबार फिर सवाल उठ गया है। ये भी विडंबना है की दोनो राज्यो में भाजपा की एनडीए सरकार है। जो दावा करती है कि कानून-व्यवस्था चाक चौबंद है। किसी भी नागरिक की सुरक्षा पर किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। पर दोनों ही आम लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा।
बिहार के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। दिगंबर धर्मशाला के एक कमरे में चार जैन सैलानियों के शव मिलने से पूरे इलाके में हडक़ंप मच गया। मृतकों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना राजगीर थाना क्षेत्र की दिगंबर धर्मशाला में घटी। मृतक जैन धर्म के अनुयायी थे और 31 जनवरी को धार्मिक यात्रा पर राजगीर आए थे। स्थानीय लोगों और अन्य पर्यटकों में चार शवों के मिलने के बाद भय और दहशत का माहौल फैल गया। गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस कमरे को पूरी तरह से सील कर दिया। किसी को भी कमरे के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। डीएसपी राजगीर और राजगीर थाना अध्यक्ष के साथ भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया।
घटनास्थल से सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम भी बुलाई गई। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और शवों के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
जल बोर्ड के गड्ढे में गिरकर एक की मौत
दिल्ली के जनकपुरी में जल बोर्ड के गड्ढे में गिरकर जान गंवाने वाले कमल चंदानी (25 वर्ष) के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के भाई ने कहा, उसका भाई एचडीएफसी बैंक की रोहिणी ब्रांच में असिस्टेंट मैनेजर था। हादसे के बाद पर्दे लगाए गए, पीछे वाला पर्दा लगा हुआ था बस। जब मैंने आखिरी बार उससे बात की थी, तो कमल बोला था कि वह 10 मिनट में घर पहुंच जाएगा। जब मैंने उसे रात 12:30 बजे दोबारा फोन किया, तो उसने फोन नहीं उठाया। हम परेशान हो गए, फिर हमने उसकी तलाश शुरू की। मैं पहले रोहिणी स्थित उसके कार्यालय गया, फिर जनकपुरी पुलिस स्टेशन गया। आरोप लगाया कि पुलिस ने हमको इस इलाके में उसकी आखिरी लोकेशन बताई, लेकिन उसे ढूंढने में मदद नहीं की। हम उसे ढूंढते रहे, लेकिन वह नहीं मिला। यह घोर लापरवाही है। मेरा भाई पागल नहीं था कि वह जानबूझकर गड्ढे में गाड़ी गिरा दे।



