कोरियन ड्रामा और BTS का जुनून, 13 साल की लड़की घर से भागी
दक्षिण कोरियाई बैंड BTS से मिलने की जिद में 13 साल की लड़की परिवार को बिना बताए घर से भाग गई. लेकिन बेंगलुरु पुलिस ने अत्तिगुप्पे मेट्रो स्टेशन से सुरक्षित बचा लिया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दक्षिण कोरियाई बैंड BTS से मिलने की जिद में 13 साल की लड़की परिवार को बिना बताए घर से भाग गई. लेकिन बेंगलुरु पुलिस ने अत्तिगुप्पे मेट्रो स्टेशन से सुरक्षित बचा लिया.
हाल ही में रिलीज हुई फिल्म “मेड इन कोरिया” की तर्ज पर बेंगलुरु में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. के-पॉप (K-Pop) और दक्षिण कोरियाई पॉप बैंड BTS (बीटीएस) की दीवानगी में एक 13 साल की लड़की दक्षिण कोरिया जाने के इरादे से अपने घर से भाग निकली.
मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला यह परिवार काम के सिलसिले में बेंगलुरु आया था और हेब्बागोडी इलाके में रह रहा था. लड़की अक्सर घर पर कहती थी कि वह कोरिया जाकर BTS टीम से मिलना चाहती है. बुधवार सुबह वह परिजनों को बिना कुछ बताए घर से निकल गई और दिनभर शहर के अलग-अलग इलाकों में भटकती रही.
आधी रात के वक्त लड़की अत्तिगुप्पे मेट्रो स्टेशन पर बिना टिकट संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रही थी. मेट्रो के सतर्क सुरक्षाकर्मियों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर ‘112’ पर कॉल किया. सूचना मिलते ही चंद्र लेआउट पुलिस स्टेशन की होयसला पेट्रोलिंग टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बच्ची को अपनी सुरक्षा में लिया.
जब हेब्बागोडी थाने में परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई गुमशुदगी की शिकायत का पता चला, तो चंद्र लेआउट पुलिस ने तुरंत संपर्क कर माता-पिता को बुलाया और सुरक्षित बच्ची को उनके सुपुर्द कर दिया.
दिन-रात मोबाइल पर देखती थी कोरियन कंटेंट
पुलिस पूछताछ में लड़की के के-पॉप के प्रति पागलपन को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच में सामने आया कि लड़की रात-रात भर जागकर अपने मोबाइल फोन पर कोरियाई गाने, ड्रामा, वेब सीरीज और फिल्में देखा करती थी. भागने से पहले भी उसने मोबाइल पर यही सब देखा था.
BTS बॉय बैंड के गहरे प्रभाव के कारण उसने अपना पहनावा, बोलचाल की शैली और हाव-भाव भी कोरियाई संस्कृति के अनुसार बदल लिए थे. पुलिस ने बच्ची को उचित परामर्श देने के बाद माता-पिता को सौंपा है. साथ ही अधिकारियों ने माता-पिता को सलाह दी है कि बच्चों पर इंटरनेट, मोबाइल और ऑनलाइन कंटेंट के पड़ रहे दुष्प्रभावों के प्रति हमेशा सतर्क और जागरूक रहें.



