बजट 2026 पर विपक्ष का वार, शशि थरूर ने जताई नाराजगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आम बजट 2026 पेश किया. जहां पीएम मोदी ने इसे ऐतिहासिक बताया, वहीं कांग्रेस ने इसे फीका करार दिया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आम बजट 2026 पेश किया. जहां पीएम मोदी ने इसे ऐतिहासिक बताया, वहीं कांग्रेस ने इसे फीका करार दिया. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल को बजट में पूरी तरह नजरअंदाज करने पर गहरी निराशा व्यक्त की है.

लोकसभा में आज देश का आम बजट पेश किया गया. इस बजट को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया है.
पीएम मोदी ने इस बजट को ऐतिहासिक बजट बताया है. वहीं कांग्रेस की बात की जाए तो उनकी तरफ से कहा गया है कि यह फीका बजट है. तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्रीय बजट को लेकर अपनी नाराज़गी जाहिर की है.

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में केरल का जिक्र ही कहीं नहीं था. जो वाकई हैरान कर देने वाला है. उन्होंने यह भी ध्यान दिलाया कि आमतौर पर बजट या बड़े भाषणों में तिरुवल्लुवर के दोहों का ज़िक्र किया जाता रहा है, खासकर तब जब कुछ महीनों में तमिलनाडु में चुनाव होने वाले हैं. इस बार तिरुवल्लुवर का नाम तक नहीं लिया गया, जो उन्हें अजीब लगा है.

क्या बोले कांग्रेस नेता शशि थरूर?
शशि थरूर ने कहा कि भाषण में मत्स्य पालन, काजू और नारियल जैसे क्षेत्रों का ज़िक्र तो किया गया. जिनसे केरल को फायदा हो सकता है. लेकिन, उन्होंने कहा कि अब तक ज़मीन पर ऐसा कोई फायदा दिखाई नहीं दिया है, और सबसे अहम बात यह है कि केरल का नाम कहीं नहीं लिया गया.

उन्होंने कहा कि वह अभी पूरी तरह निराश नहीं हैं और बजट की पूरी जानकारी देखने के बाद ही अंतिम राय बनाएंगे. अगर इन घोषणाओं से केरल को ठोस लाभ मिलता है, तो शायद स्थिति इतनी खराब न हो. उन्होंने यह भी बताया कि केरल को लंबे समय से जिस एम्स (AIIMS) की मांग है, उस पर इस बजट में कोई घोषणा नहीं हुई. साथ ही, नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद को लेकर भी केरल के लिए कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया गया.

केरल को बजट में किया गया नजरअंदाज
इनलैंड वॉटरवेज़ का ज़िक्र होने पर भी थरूर ने नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि शिप रिपेयर सुविधाएं पटना और वाराणसी में स्थापित की जा रही हैं. जबकि, केरल में देश के कई राज्यों से ज़्यादा इनलैंड वाटरवेज मौजूद हैं. ऐसे में केरल को नजरअंदाज किया जाना समझ से बाहर है.

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