कोचिंग सेंटर अग्निकांड पर हाईकोर्ट में याचिका, अधिवक्ता ने उठाए बड़े सवाल
लखनऊ में बीते 22 जून को एक कोचिंग सेंटर में लगी भयंकर आग में 15 बच्चों की मौत हो गई थी. अब ये मामले इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: लखनऊ में बीते 22 जून को एक कोचिंग सेंटर में लगी भयंकर आग में 15 बच्चों की मौत हो गई थी. अब ये मामले इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है. अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने इस मामले में एक याचिका दायर कर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से जरूरी दिशा-निर्देश देने की मांग की है.
लखनऊ में हुए दर्दनाक कोचिंग अग्निकांड का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है. अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने हाईकोर्ट में पत्र याचिका दाखिल की है और चीफ जस्टिस से याचिका पर संज्ञान लेकर जरूरी दिशा-निर्देश देने की मांग की है. याचिका में मानकों की अनदेखी और मनमानी को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें कोचिंग संस्थानों के साथ बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल भी शामिल हैं.
याचिका में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और भीड़भाड़ वाले एरिया में संभावित अग्निकांड जैसी स्थितियों से निपटने की तैयारियों को लेकर एक डिटेल गाइडलाइन जारी करने की मांग की गई है और साथ ही आग जैसी घटनाओं की सूचना पर त्वरित एक्शन प्लान तैयार करने के लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश देने की मांग की गई है.
याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने इस मामले में कहा कि जिस तरह से राज्य में लगातार अग्निकांड की घटनाएं सामने आ रही हैं, उसमें प्रशासनिक व्यवस्था की विफलता साफ नजर आ रही है. उन्होंने कहा कि पैरेंट्स अपने बच्चों का भविष्य संवारने के लिए उन्हें कोचिंग संस्थानों में पढ़ने के लिए भेजते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी की वजह से एक ही बार में कई परिवारों की खुशियां उजड़ जाती हैं.
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान ऐसे मकानों में चल रहे हैं, जहां जरूरत पड़ने पर आग से सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम ही नहीं हैं. कई संस्थान तो बेसमेंट में ही चल रहे हैं, जहां आग लगने पर बाहर निकलने के लिए इमरजेंसी एग्जिट जैसी बुनियादी सुविधाएं ही मौजूद नहीं हैं.
15 बच्चों की हुई दर्दनाक मौत
लखनऊ के अलीगंज इलाके में 22 जून की दोपहर एक व्यावसायिक इमारत में आग लगने की वजह से 16 साल से 25 साल की उम्र के 15 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई. आग बिल्डिंग के अंदर लगी और इतनी तेजी से फैली कि बच्चों को अंदर से निकलने का मौका ही नहीं मिला.
2016 में जारी हुआ था बिल्डिंग को गिराने का आदेश
इस घटना की जब जांच हुई तो पता चला कि जिस बिल्डिंग में आग लगी, वो अवैध थी. साल 2016 में ही उस बिल्डिंग को गिराने का आदेश जारी कर दिया गया था, लेकिन बाद में उसे आदेश को निरस्त भी कर दिया गया था. लखनऊ विकास प्राधिकरण के वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि बिल्डिंग के मालिक को नोटिस जारी किया गया है और 15 दिन में जवाब मांगा गया है.
इसके बाद बिल्डिंग पर बुलडोजर चलेगा और उसे ढहा दिया जाएगा. वहीं, घटना के बाद राज्य भर में मौजूद कोचिंग और होटलों में जबरदस्त छापेमारी चल रही है. अब तक 45 से अधिक उन कोचिंग संस्थानों और होटलों को सील किया गया है, जिसमें आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे.



