बिहार में सियासी वार-पलटवार फिर जारी

पूर्व मुख्यमंत्री लालू-राबड़ी की सुरक्षा में कटौती पर घमासान, राजद ने एनडीए सरकार पर किया प्रहार

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी लौटाई अपनी सुरक्षा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। बिहार में सियासी वार-पलटवार थम नहीं रही है। एनडीए सरकार ने एक बार फिर विपक्षी दल राजद के शीर्ष नेतृत्व बदले की कार्रवाई की है। अबकी बार लालू यादव और राबड़ी देवी की सिक्यॉरिटी घटाने के फैसले का आरजेडी ने तीखा विरोध किया है। पार्टी ने कहा कि दोनों नेताओं को ये अपमानित करने का प्रयास है। इस बीच राबड़ी देवी ने अपने आवास पर तैनात बाकी पुलिसकर्मियों को वापस भेज दिया है।
यही नहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी वाई कैटेगरी की सुरक्षा वापस कर दी हे। बतादें इससे पहले पूर्व सीएम राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने के लिए नोटसि दी गई थी। जिसका पूर्व सीएम ने विरोध करते हुए मकान खाली करने से मना कर दिया था। बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी और पूर्व सीएम लालू यादव की सुरक्षा में कटौती करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पहले लालू और राबड़ी दोनों को जेड प्लस सिक्यॉरिटी मिलती थी पर अब इसमें बदलाव कर दिया है। सरकार के इस कदम से पूर्व सीएम राबड़ी देवी काफी नाराज हैं और विरोधस्वरूप उन्होंने अपने आवास पर तैनात बाकी सुरक्षाकर्मियों को भी वापस कर दिया है। 4 जून को लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती की गई थी।

लालू परिवार को अपमानित कर रही सरकार : शक्ति यादव

सरकार के फैसले के बाद राबड़ी देवी ने खुद ही अपनी सुरक्षा वापस कर दी है। आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू परिवार को अपमानित कर रही सरकार। उन्होंने कहा कि आरजेडी के और नेता सुरक्षा वापस कर सकते हैं।

राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था

1. बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस से 2-8 हाउस गार्ड
2. पटना जिला बल से 3 महिला अंगरक्षक (सादे लिवास में)
3. पटना जिला बल से 3 अंगरक्षक (वर्दीधारी)
4. एचक्यूआरटी से पायलट तथा बुलेट प्रूफ कार
5. पटना जिला बल से स्कार्ट तथा पायलट की प्रतिनियुक्ति की जायेगी।

लालू यादव की सुरक्षा व्यवस्था

विशेष सुरक्षा दल अधिनियम-2०1० के प्रावधानानुसार लालू प्रसाद यादव को सुरक्षा दी गई है।
1. बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस से 2-8 हाउस गार्ड
2. पटना जिला बल से 2 अंगरक्षक
3. एचक्यूआरटी से पायलट तथा बुलेट प्रूफ कार
4. पटना जिला बल से स्कार्ट तथा पायलट की प्रतिनियुक्ति की जायेगी।

अन्नामलाई के बीजेपी छोड़ते ही टूटने लगी पार्टी, कई ने भाजपा का दामन छोड़ा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु भाजपा को उस समय बड़ा झटका लगा जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद दो नेताओं ने पार्टी छोड़ दी। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष करुणा नागराजन और प्रदेश सचिव सुमति वेंकटेश ने भी अपना इस्तीफा दे दिया। नागराजन और वेंकटेश ने भाजपा से अपने इस्तीफे की पुष्टि की। भाजपा के तमिलनाडु के पूर्व उपाध्यक्ष ने अन्नामलाई की नई राजनीतिक पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई।
नागराजन ने कहा कि अन्नामलाई मुख्यमंत्री विजय ही नहीं, बल्कि किसी की भी गलतियों को उजागर करने में संकोच नहीं करते थे। खबरों के अनुसार, उन्होंने अन्नामलाई को विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक ज्ञान रखने वाला एक साहसी और सक्षम नेता बताया। इस बीच, वेंकटेश ने सोशल मीडिया पर अपना त्यागपत्र पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने भारी मन से अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है और पार्टी से अपना संबंध समाप्त कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि पार्टी की सेवा करना मेरे लिए बहुत गर्व और सौभाग्य की बात रही है। मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और भाजपा द्वारा प्रतिपादित राष्ट्रवाद, देशभक्ति और राष्ट्र सेवा के आदर्शों से अत्यंत प्रेरित हूं। इन मूल्यों ने मेरे पूरे सफर में मेरा मार्गदर्शन किया है और आगे भी करते रहेंगे। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई द्वारा भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के बाद ये इस्तीफे सामने आए हैं, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर हफ्तों से चल रही अनिश्चितता समाप्त हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और संगठनात्मक जिम्मेदारियों दोनों से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, जिससे भाजपा के साथ अन्नामलाई का छह साल का जुड़ाव समाप्त हो गया है।

टीएमसी में मची कलह से सियासी कोहराम

ममता बनर्जी की बैठकों में नहीं पहुुंच रहे नेता
हाई-लेवल बैठक में सिर्फ 8 विधायक और 6 सांसद ही मौजूद रहे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मची अंदरूनी कलह और बगावत अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को संगठन के भीतर लगातार कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट के बीच, ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास पर पार्टी के सांसदों और विधायकों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी, लेकिन इसमें जनप्रतिनिधियों की बेहद कम संख्या ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
पार्टी के विशाल संख्या बल के मुकाबले इस हाई-लेवल बैठक में सिर्फ 14 जनप्रतिनिधि (8 विधायक और 6 सांसद) ही व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। जानकारी के लिए बता दें कि टीएमसी के पास 42 सांसद (लोकसभा में 29 और राज्यसभा में 13) और पश्चिम बंगाल विधानसभा में 80 विधायक हैं। हालांकि, शुक्रवार को कोलकाता में ममता के आवास पर हुई हाई-लेवल बैठक में सिफऱ् आठ विधायक और छह सांसद ही पहुंचे।बैठक में शामिल होने वाले विधायकों में बीना मंडल, अशिमा पात्रा, मदन मित्रा, कुणाल घोष, फिरहाद हकीम, शोभनदेव चट्टोपाध्याय, बिमान बनर्जी और अशोक कुमार देब शामिल थे। वहीं, डोला सेन, माला रॉय, कल्याण बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन और सुदीप बंद्योपाध्याय वे छह सांसद थे जो बैठक में पहुंचे।
इस घटना ने एक बार फिर ममता के सामने बढ़ रही बगावत को उजागर किया, लेकिन पार्टी ने तुरंत सफाई देते हुए कहा कि यह सभी विधायकों की बैठक नहीं थी। टीएमसी ने एक बयान में कहा, कृपया ध्यान दें – यह नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक थी, न कि सभी विधायकों या सांसदों की। महुआ मोइत्रा, सुष्मिता देव, मुकुल संगमा और राजेश त्रिपाठी जैसे कई सांसद, जो नेशनल वर्किंग कमेटी का हिस्सा हैं, वर्चुअल तरीके से इसमें शामिल हुए थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोकसभा सांसद यूसुफ पठान से बहरामपुर सीट खाली करने के लिए कह सकती है उन्होंने 24 के आम चुनावों में कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर यह सीट जीती थी। इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ममता का निचले सदन में जाना दिलचस्प होगा और संभवत: यह लोकसभा में उनके खिलाफ हो रही बगावत को दबाने की एक चाल हो सकती है।

पंजाब में दिल दहला देने वाला सडक़ हादसा

ट्रक और महिंद्रा पिकअप की टक्कर में 8 की मौत
अस्थियां विसर्जित करने जा रहा था परिवार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चंडीगढ़। पंजाब के फिरोजपुर-फाजिल्का रोड पर शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सडक़ हादसा सामने आया है। यहाँ एक ट्रक और महिंद्रा पिकअप गाड़ी के बीच हुई आमने-सामने की भीषण टक्कर में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह दर्दनाक हादसा फिरोजपुर के जंगावाला गांव के पास हुआ।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पिकअप गाड़ी में सवार यात्री जलालाबाद इलाके के रहने वाले थे। वे अपने एक मृतक रिश्तेदार की अस्थियां विसर्जित करने के लिए ब्यास स्थित राधा स्वामी डेरा जा रहे थे। इस गाड़ी में लगभग 25 लोग सवार थे, जो आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। तभी रास्ते में जंगावाला गांव के समीप सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने पिकअप को जोरदार टक्कर मार दी।
चश्मदीदों के मुताबिक, दोनों गाडिय़ों के बीच टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि पिकअप वैन के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही इमरजेंसी सेवाएं मौके पर पहुंचीं और घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान चार अन्य लोगों की भी मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को फिरोजपुर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, घायल हुए 15 से अधिक लोगों में से कईयों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। गंभीर स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

जांच में जुटी पुलिस

स्थानीय पुलिस ने इस दर्दनाक हादसे के संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा किस गाड़ी की लापरवाही या तेज रफ्तार के कारण हुआ। इस दुखद घटना के बाद से मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

कुवैत और बहरीन में गूंजे हवाई हमले के सायरन, ईरान के हमलों से खौफ में लोग

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका संघर्ष विराम के बीच शनिवार को हुए जवाबी हमलों ने सीजफायर के लिए खतरा पैदा कर दिया। इस दौरान कुवैत और बहरीन पर मिलाइलों और ड्रोन से हमले हुए। वीडियो में कुवैत के ऊपर हवा में मिसाइलों को रोकते हुए दिखया गया, जबकि बहरीन में सायरन बज रहे हैं। ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फगारी ने हालिया तनाव के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए कुवैत जाने वाले यात्री विमानों को अपना रास्ता बदलने की सलाह दी।
उन्होंने देश के नागरिकों को हवाई अड्डों से दूर रहने की भी सलाह दी। कुवैत एयर पोर्ट पर 24 उड़ानें रद कर दी गईं और 15 में देरी हुई, जबकि हमलों के बीच विमानों को रोका गया या उनका रास्ता बदला जा रहा है। कुवैत क एयर स्पेस पूरी तरह से खाली हो गया। अमेरिकी सैन्य अधिकरियों ने कहा कि ईरान ने शु्क्रवार को कुवैत और बहरीन की ओर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इससे कुछ घंटे पहले ही चार ईरानी वन-वे अटैक ड्रोन को नाकाम करने की खबर आई थी। यह स्पष्टीकरण तब आया, जब ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने कुवैत में अमेरिकी सेना वाले अली अल सलेम एयरबेस और बेहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े को निशाना बनाया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 6 मिसाइलों को रोका

अमेरिकी सेट्रंल कमांड ने कहा कि उसने ईरान द्वारा दागी गई 6 मिसाइलों को रोक दिया और सातवीं मिसाइल अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाई। बयान में कहा गया कि फिलहाल अमेरिकी कर्मियों को किसी नुकसान की खबर नहीं है और बहरीन में अपने 5वें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुंचाने के ईरान के दावे झूठे हैं।

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