बंगाल में ‘अकेले-अकेले’ की राजनीति, कांग्रेस के बाद ममता का भी दो टूक बयान
ममता बनर्जी ने कहा, तृणमूल कांग्रेस बंगाल में अकेले चुनाव लड़ती है. सभी पार्टियां तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ लड़ती हैं. उन्हें लड़ने दो. सबकी अपनी-अपनी सोच होती है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा का चुनाव होना है. कांग्रेस ने फैसला लिया है कि वो अकेले चुनाव लड़ेगी. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर हुई बैठक में ये निर्णय लिया गया. पार्टी के फैसले पर अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हम आलाकमान के फैसले के साथ हैं.
कांग्रेस पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी. प्रभारी महासचिव गुलाम अहमद मीर ने इसकी पुष्टि की है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई बैठक के गुलाम अहमद ने इसकी जानकारी दी. इससे पहले टीएमसी प्रमुख सीएम ममता बनर्जी ने भी साफ किया था कि उनकी पार्टी विधानसभा का चुनाव अकेले लड़ेगी. ममता बनर्जी ने कहा, तृणमूल कांग्रेस बंगाल में अकेले चुनाव लड़ती है. सभी पार्टियां तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ लड़ती हैं. उन्हें लड़ने दो. सबकी अपनी-अपनी सोच होती है.
2016 और 2021 के चुनावों में कांग्रेस का लेफ्ट के साथ सीट-शेयरिंग समझौता था. हालांकि, इस बार कांग्रेस ने अभी तक लेफ्ट के साथ गठबंधन में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है. नतीजतन, यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि क्या कांग्रेस 2011 की तरह तृणमूल के साथ गठबंधन करेगी. कांग्रेस के फैसले पर अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि आलाकमान ने जो फैसला किया हम उसके साथ हैं.
बंगाल में कांग्रेस का कैसा रहा प्रदर्शन
कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट ने 2016 में पहली बार एक साथ चुनाव लड़ा था, जब कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थीं और CPI(M) को 26 सीटें मिली थीं. 2021 में लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस दोनों को एक भी सीट नहीं मिली. 2024 के लोकसभा चुनावों में, कांग्रेस एक सीट जीतने में कामयाब रही, जबकि लेफ्ट को कोई सीट नहीं मिली.
2019 के लोकसभा चुनावों में दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था, जिसमें कांग्रेस ने दो सीटें जीती थीं और लेफ्ट को कोई सीट नहीं मिली थी. CPI(M) ने एक बयान में कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा, बंगाल में पार्टी TMC और BJP दोनों को हराने के लिए काम करेगी, जो समाज को बांटने की कोशिश कर रही हैं. हम उन सभी ताकतों को एक साथ लाने की कोशिश करेंगे जो उनके खिलाफ काम करने के लिए तैयार हैं. सीनियर नेताओं ने कहा कि BJP और TMC विरोधी सभी वोटों को एक साथ लाने की रणनीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
कांग्रेस नेता क्या कहते हैं?
बंगाल कांग्रेस के आला नेताओं का मानना है कि ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी से लड़ने की बात करती हैं, लेकिन राज्य में वह कांग्रेस और माकपा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं. तृणमूल कांग्रेस के साथ-साथ माकपा और कांग्रेस का बड़ा वोट बैंक अल्पसंख्यक समुदाय हैं और ममता बनर्जी किसी भी कीमत पर नहीं चाहती है कि अल्पसंख्यक वोट बैंक में किसी तरह से बंटवारा हो.



