अबू धाबी में प्रिंस खालिद और UAE राष्ट्रपति ने की मुलाकात, क्षेत्रीय सुरक्षा पर हुई चर्चा
सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से एक उच्च स्तरीय...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद रविवार को अबू धाबी पहुंचे.. उन्होंने वहां संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ उच्च स्तरीय बैठक की.. इस बैठक में दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर गहन चर्चा हुई.. प्रिंस खालिद अल बतीन एग्जीक्यूटिव एयरपोर्ट पर पहुंचे.. जहां संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति कोर्ट के अध्यक्ष शेख मंसूर बिन जायद अल नाहयान ने उनका भव्य स्वागत किया.. जानकारी के अनुसार यह दौरा सऊदी अरब के सर्वोच्च नेतृत्व के निर्देशों पर आयोजित किया गया था.. प्रिंस खालिद ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद को किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद.. और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद का आधिकारिक संदेश सौंपा..
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच ऐतिहासिक तथा भाईचारेपूर्ण संबंधों पर विस्तार से बातचीत की.. इस औपचारिक वार्ता में संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान.. राज्य मंत्री शेख शखबौत बिन नाहयान अल नाहयान.. और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के महासचिव अली बिन हम्माद अल शम्सी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.. दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों.. और आपसी सुरक्षा चिंताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया.. वहीं बातचीत में खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देशों के बीच संयुक्त कार्रवाई को और प्रभावी बनाने की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ.. यह बैठक ऐसे संवेदनशील समय में हुई जब यमन में सक्रिय हूती मिलिशिया की गतिविधियों के कारण क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है..
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए आधिकारिक बयान में प्रिंस खालिद बिन सलमान ने कहा कि इन वार्ताओं ने दोनों देशों के गहरे.. और रणनीतिक संबंधों को पुनः पुष्ट किया है.. और उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता और स्थायी शांति को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया.. सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात लंबे समय से खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा.. और स्थिरता के लिए साझा दृष्टिकोण रखते आए हैं.. दोनों देशों की सुरक्षा नीतियां कई मायनों में एक-दूसरे की पूरक हैं.. हाल के वर्षों में दोनों पक्षों ने आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा.. और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मिलकर काम किया है.. प्रिंस खालिद का यह दौरा इसी सहयोग को नई ऊंचाई देने का प्रयास है..
खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां निरंतर बदल रही हैं.. हूती मिलिशिया द्वारा किए जा रहे हमले न केवल यमन बल्कि आसपास के देशों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं.. रेड सी और अरब सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमलों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों को प्रभावित किया है.. ऐसी परिस्थितियों में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात का सुरक्षा सहयोग और भी महत्वपूर्ण हो जाता है.. दोनों देश मिलकर खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान कर रहे हैं.. तथा संयुक्त सैन्य अभ्यास भी आयोजित करते रहे हैं.. प्रिंस खालिद की अबू धाबी यात्रा इसी दिशा में एक और ठोस कदम मानी जा रही है.. बैठक में दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के उपायों पर सहमति जताई..
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्रिंस खालिद का यह दौरा किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देशानुसार हुआ.. दोनों नेताओं ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति को भेजे गए संदेश में दोनों देशों के संबंधों की मजबूती.. और क्षेत्रीय शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.. शेख मोहम्मद बिन जायद ने भी सऊदी नेतृत्व के संदेश का स्वागत किया.. और कहा कि दोनों देश भाईचारे के बंधन में बंधे हुए हैं.. बैठक में शामिल अधिकारियों ने सुरक्षा सहयोग के मौजूदा ढांचे की समीक्षा की तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नए तंत्र विकसित करने पर विचार किया.. खाड़ी देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई..
इतिहास गवाह है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने कई चुनौतियों का एक साथ सामना किया है.. यमन संकट से लेकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई तक दोनों देशों ने साझा मोर्चा बनाया.. आर्थिक सहयोग के साथ-साथ सुरक्षा सहयोग भी दोनों संबंधों का महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है.. प्रिंस खालिद बिन सलमान ने बैठक के बाद कहा कि दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे.. और उन्होंने स्थायी शांति स्थापित करने के लिए राजनीतिक.. और कूटनीतिक प्रयासों के महत्व पर भी बल दिया.. सुरक्षा सहयोग केवल सैन्य आयाम तक सीमित नहीं है.. बल्कि इसमें आर्थिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं..
जानकारी के मुताबिक बैठक में क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई.. दोनों पक्षों ने मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयासों का समर्थन किया.. हूती मिलिशिया की गतिविधियों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया.. प्रिंस खालिद ने कहा कि खाड़ी देशों को अपने सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहना होगा.. संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने भी सऊदी अरब के साथ सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने की इच्छा व्यक्त की.. शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान ने खुफिया सहयोग और संयुक्त अभियानों के महत्व पर विशेष रूप से बात की.. दोनों देशों के सुरक्षा तंत्र पहले से ही कई स्तरों पर समन्वय कर रहे हैं..



