पंजाब पुलिस ने पकड़ा भाजपा का झूठ, दिल्ली सीएम बहाने लगी आंसू

पंजाब पुलिस ने न सिर्फ रेखा गुप्ता के झूठ का पर्दाफाश किया बल्कि आरोपियों क् खिलाफ FIR भी दर्ज करा डाली। तो वो कौन सा झूठ था जिसको फैला बीजेपी अब पूरी तरह से फंस चुकी है,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: इन दिनों दिल्ली की जनता की सबसे बड़ी परेशानी दिल्ली की हवा नहीं बल्कि दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता बन गई हैं।

कभी दिल्ली की जनता को उनके ऊल जलूल बयान झेलने पड़ते है तो कभी उनकी नफरती बातें। लेकिन आखिर ऐसा क्या हुआ कि रेखा गुप्ता अब दिल्ली क साथसाथ बीजेपी की भी सबसे बड़ी परेशानी बन गई हैं। दरअसल, कल ही दिल्ली विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता अपना दुखड़ा सुनाते हुए महिला होने का विक्टिम कार्ड खेल रही थी। लेकिन तभी उनके मुँह से कुछ ऐसा निकल गया जिसको लेकर आम आदमी पार्टी ने हंगामा खड़ा कल दिया। बात इस हद तक बढ़ गई कि विधानसभा अध्यक्ष को जांच को आदेश देने पड़ गए। लेकिन इससे पहले दिल्ली पुलिस इस पर कुछ एक्शन ले पाती पंजाब की पुलिस ने एक्शन लेते हुए रेखा गुप्ता के दावों की पोल खोल डाली। पंजाब पुलिस ने न सिर्फ रेखा गुप्ता के झूठ का पर्दाफाश किया बल्कि आरोपियों क् खिलाफ FIR भी दर्ज करा डाली। तो वो कौन सा झूठ था जिसको फैला बीजेपी अब पूरी तरह से फंस चुकी है,

2014 के बाद से जब से मोदी जी सत्ता पर काबिज हुए हैं उन्होंने भारतीय राजनीति में एक नई प्रथा को जन्म दिया है। इसे हम भावुक हो जाने की प्रथा कहते हैं। साफ शब्दों में कहें तो जब किसी मामले में बुरी तरह से फंस जाना तो जनता के सामने दो चार आंसू टपका देना, ताकि जनता से सहानुभूति बटोरकर सवाल का जवाब देने से बचा जा सके। मोदीजी समय समय पर इस टेक्निक का इस्तेमाल करते रहते हैं। लेकिन अब उनके मुख्यमंत्री भी मोदी जी की टेक्निक का इस्तेमाल करने लगे हैं। अभी हाल ही में दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो सदन में आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाते हुए भावुत़क हो जाती हैं। लेकिन इसी दौरान वो एक ऐसा झूठ बोल जाती हैं जिसको लेकर हंगामा मच जाता है। जिसकी पुलिसिया जांच की जाती है। फिर फॉरेंसिक रिपोर्ट आती है जिसमें रेखा गुप्ता का झूठ पकड़ लिया जाता है। तो आखिर सीएम रेखा गुप्ता ने सदन के अंदर रोते हुए क्या झूठ बोला जिसको आम आदमी पार्टी ने बीजेपी के खिलाफ इस्तेमाल करके रेखा गुप्ता को ही फंसा दिया। पहले आपको सुनाते हैं कि रेखा गुप्ता ने सदन में भावुक होते हुए कल क्या बयान दिया था।

कैसे दिल्ली विधानसभा में भाषण देते वक्त मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भावुक हो गई. सबसे मजे की बात तो ये है कि यहां रेखा गुप्ता आम आदमी पार्टी पर आरोप लगा रही थी कि पार्टी की ओर से उन पर बनाए जा रहे मीम उन्हें आहत कर रहे हैं. ये मजे की बात इसलिए है क्योंकि रेखा गुप्ता उसी पार्टी से हैं जो अपने विरोधियों को सोशल मीडिया पर ट्रोल करने, उनपर कीचड़ उछालने, उनको भद्दी भद्दी गालियाँ देने के लिए जानी जाती है । सीएम रेखा गुप्ता यहां कह रही थी कि उनसे गलती से जो शब्द निकल जाते हैं, आम आदमी पार्टी उनका मजाक उड़ाती है और इसे सोशल मीडिया पर मीम बनाकर फैलाया जाता है. लेकिन रेखा जी आप एक बाल यही बात राहुल गांधी या अखिलेश यादव से कह कर देखिए। वो आपको बताएंगे कि कैसे बीजेपी इन लब कामों में माहिर है। अब देखिए इसी भाषण में रेखा गुप्ता आगे आम आदमी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहती हैं कि इसी सदन में आपकी नेता के द्वारा गुरुओं का जो अपमान किया गया, गलती से नहीं किया। बल्कि जानबूझ के किया गया है।

अब ऐसे में सवाल उठता है कि यहां रेखा गुप्ता किस अपमान की बात कर रही हैं? कौन से गुरू का अपमान किया गया और किसने किया? पिछले दो-तीन दिनों से भाजपा दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी के एक बयान को सोशल मीडिया पर खूब वायरल कर रही थी। इस वीडियो के माध्यम से भाजपा द्वारा आतिशी पर सिखों के नौवें गुरु श्री तेग बहादुर का अपमान करने का आरोप लगाया जा रहा था। कहा जा रहा था लेकिन कि आतिशी ने कुत्तों और गुरुओं का नाम एक साथ लेकर गुरुओं का अपमान किया है। इस वीडियो के बस़ल पर भाजपा ने पूरे देश में साम्प्रदायिक माहौल बनाने की कोशिश की। लेकिन जब दूध का दूध और पानी का पानी हुआ तो भाजपा की सारी कहानी उलटी पड़ गई।

इस वीडियो के बाहर आते ही आप के विधायकों ने दावा किया कि इस वीडियो से छेड़छाड़ की गई है और उन्होंने दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष से इस वीडियो की जांच की मांग कराई। जिसपर विधानसभा अध्यक्ष ने दिल्ली पुलिस को जांच के आदेश दे दिये। लेकिन अमित शाह की पुलिस जांच आगे बढाती उससे पहले ही पंजाब की पुलिस ने इस वीडियो की जांच कर डाली। पंजाब पुलिस ने उस वीडियो की फोरेंसिक जांच कराने का दावा करते हुए उसे एडिटेड यानी छेड़छाड़ किया हुआ बताया और इस मामले को लेकर एक FIR दर्ज कर ली। इस बारे में एक प्रेस नोट जारी करते हुए पंजाब पुलिस ने दावा किया कि वहां जब उस वीडियो की जांच करवाई, तो वह वीडियो छेड़छाड़ किया हुआ निकला। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा पर तीखा हमला किया और दोनों वीडियो को दिखाकर भाजपा के झूठ का पर्दाफाश कर दिया।

आपको समझ आ गया होगा क् कैसे भाजपा दुष्प्रचार करके विपक्ष को बदनाम करने की कोशिश करती है। इस बारे में जालंधर पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से जारी एक प्रेसनोट में पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि ‘दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता और विधायक आतिशी का संपादित और छेड़छाड़ किया हुआ वीडियो अपलोड और वायरल के मामले में इकबाल सिंह नाम के शख्स की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।  पंजाब पुलिस ने बताया कि कई सोशल प्लेटफॉर्म्स पर अलग-अलग पोस्ट्स के जरिए एक छोटी सी वीडियो क्लिप को शेयर किया गया, जिसमें कथित तौर पर दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी को कथित तौर पर गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक और ईशनिंदा वाली टिप्पणियां करते हुए दिखाया गया है, साथ ही इन पोस्ट्स के साथ बहुत भड़काऊ कैप्शन भी लिखे गए हैं।

इसके बाद पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि उस वीडियो क्लिप को दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म डाउनलोड कर लिया गया और फिर उसे वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच के लिए पंजाब के साहिबजादा अजीतसिंह नगर में स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के निदेशक के पास भेजा गया। पुलिस के मुताबिक जांच के बाद 9 जनवरी को फॉरेंसिक रिपोर्ट आ गई थी। पुलिस प्रवक्ता ने रिपोर्ट के आधार पर इस बात का दावा किया कि सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रही वीडियो क्लिप में आतिशी ने अपने ऑडियो में ‘गुरु’ शब्द नहीं बोला है। इसके अलावा उन्होंने रिपोर्ट के आधार पर वीडियो में जानबूझकर छेड़छाड़ करने का दावा भी किया ताकि कैप्शन में ऐसे शब्द डाले जा सकें जो आतिशी ने कभी नहीं बोले। इससे पता चलता है कि कैसे आतिशी को फंसाने के लिए कैसे भाजपा ने जाल बिछाया।

पहले किसी आईटी सेल वाले से वीडियो एडिट करवारई गई होगी। फिर कपिल मिश्रा जैसे जिम्मेदार नेता मंत्री ने उसे सोशल मीडिया पर फैलाया गया फिर उसी बात को लेकर सदन में रोते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने आतिशी पर आरोप लगा दिया गया। सोचिये इतना मेहनत की गई। इधर, हमारी सीएम तो गलतियों से शब्द इधर उधर करके बोल देती हैं लेकिन उनके मीम नहीं बनाए जाने चाहिए। उधर दिल्ली विधानसभा में भी यह मामला उठा, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई को सदन का विशेषाधिकार हनन मानते हुए कानून के अनुसार ऐक्शन लेने की बात कही है।

तो कुल मिलाकर यह पूरा मामला दिल्ली की राजनीति में चल रहे उस खेल की एक और मिसाल बन गया है, जहाँ मुद्दों से ज़्यादा भावनाएँ, आंसू और एडिटेड वीडियो काम आते हैं। रेखा गुप्ता ने सदन में भावुक होकर जो बयान दिया, वह सहानुभूति बटोरने की कोशिश ज़्यादा लगा, सच बोलने की नहीं। लेकिन जब पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आई, तो साफ हो गया कि जिस वीडियो के आधार पर आम आदमी पार्टी और आतिशी को घेरा जा रहा था, वह खुद झूठ और छेड़छाड़ का नतीजा था।

यह सवाल भी उठता है कि अगर कोई आम नागरिक ऐसा फेक वीडियो फैलाए, तो उस पर सख्त कार्रवाई होती है, लेकिन जब सत्ता से जुड़े नेता ऐसा करें, तो उन्हें राजनीतिक ढाल मिल जाती है। रेखा गुप्ता के गलती से निकले शब्दों पर मीम न बनाए जाएँ, लेकिन विपक्ष को बदनाम करने के लिए एडिटेड वीडियो चलाए जाएँ, यह वो दोहरा मापदंड है जिसे अब जनता भी समझने लगी है। आज दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या सिर्फ हवा नहीं, बल्कि वह राजनीति बन गई है जिसमें सच से ज़्यादा झूठ, और काम से ज़्यादा ड्रामा बिकता है। और जब ड्रामे का पर्दा हटता है, तो पीछे सिर्फ़ सियासी चालें और खोखले दावे ही नज़र आते हैं।

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